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भागवत कथा में सुनाया रामजन्म का सुंदर प्रसंग
Updated Tue, 12 Sep 2017 01:08 AM IST
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भागवत कथा में सुनाया रामजन्म प्रसंग
अमर उजाला ब्यूरो
नारनौल। कल्लूमल धर्मार्थ बगीची में चल रही संगीतमय रामायण कथा में वृंदावन से पधारे रामशरण दास महाराज ने दूसरे दिन सोमवार को राम जन्म का प्रसंग सुनाया। कथा व्यास ने कहा कि जब अयोध्या नरेश दशरथ के संतान नहीं हुई। तब दशरथ अपने कुल गुरु वशिष्ठ के आश्रम में गए। वहां पुत्रेष्ठी यज्ञ से अग्नि देवता ने राजा दशरथ को चरु का पात्र दिया। इसके सेवन से तीनों रानियों को पुत्र रत्न की प्राप्ति हुई। राम जन्म पर भजन के माध्यम से बधाइयां बाजे अंगना में बधाइयां बाजे, राजा दशरथ के आंगन में बधाइयां बाजे गाने के माध्यम से बधाई दी। इस अवसर पर सियाराम पंसारी, संदीप भोलू, घनश्याम गर्ग, नरसिंह दास, रमेश बंसल, सचिन बंसल, रवींद्र, विपिन शास्त्री, सुरेश बंसल, अमर चंद सर्राफ, महेश एडवोकेट, रामदुलारी, शशि, अनीता, अन्नू और गीता आदि श्रद्धालु महिलाएं उपस्थित थी।
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अमर उजाला ब्यूरो
नारनौल। कल्लूमल धर्मार्थ बगीची में चल रही संगीतमय रामायण कथा में वृंदावन से पधारे रामशरण दास महाराज ने दूसरे दिन सोमवार को राम जन्म का प्रसंग सुनाया। कथा व्यास ने कहा कि जब अयोध्या नरेश दशरथ के संतान नहीं हुई। तब दशरथ अपने कुल गुरु वशिष्ठ के आश्रम में गए। वहां पुत्रेष्ठी यज्ञ से अग्नि देवता ने राजा दशरथ को चरु का पात्र दिया। इसके सेवन से तीनों रानियों को पुत्र रत्न की प्राप्ति हुई। राम जन्म पर भजन के माध्यम से बधाइयां बाजे अंगना में बधाइयां बाजे, राजा दशरथ के आंगन में बधाइयां बाजे गाने के माध्यम से बधाई दी। इस अवसर पर सियाराम पंसारी, संदीप भोलू, घनश्याम गर्ग, नरसिंह दास, रमेश बंसल, सचिन बंसल, रवींद्र, विपिन शास्त्री, सुरेश बंसल, अमर चंद सर्राफ, महेश एडवोकेट, रामदुलारी, शशि, अनीता, अन्नू और गीता आदि श्रद्धालु महिलाएं उपस्थित थी।