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दशहरा पर्व ा
Updated Sun, 01 Oct 2017 12:35 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
महेंद्रगढ़। क्षेत्र में चहुंओर दशहरा पर्व का माहौल था। भगवान रामचंद्र और बजरंगी जयकारे के उद्घोष सुनाई दे रहे थे। बाद दोपहर लोगों ने दशहरा पर्व का पूजन भी किया। बाजारों में शोभायात्राएं निकाली गईं। इसके बाद अलग-अलग स्थानों पर सात पुतलों का दहन किया गया।
ताऊ देवीलाल पार्क, रेलवे ग्राउंड और राकवमा विद्यालय तीनों ही स्थानों पर बाद दोपहर भारी भीड़ थी। अलग-अलग रामलीलाओं की शोभायात्राएं रथ, बग्गी, घोड़े, बैंडबाजे के साथ मैदान पर पहुंची। इसके बाद वहां राम-रावण की सेना में युद्ध हुुआ। जब राम के द्वारा बार-बार गले पर तीर मारने के बाद भी रावण नहीं मर रहा था तो विभीषण ने उसके ना मरने का कारण बताया। साथी उसके नाभि में तीर मारने की सलाह दी। इसके बाद राम ने रावण की नाभि में तीर मार कर रावण का दहन किया। इस मौके पर भगवान रामचंद के जयकारे लगाए। मेले में बच्चे धनुष, गदा, बांसुरी आदि खरीद रहे थे। रावण के पुतलों का देखकर बच्चे काफी खुश थे।
प्रशासन की ओर से दशहरा मैदान पर विशेष प्रबंध के तहत पुलिस बल, फायर ब्रिगेड और एंबुलेंस खड़ी हुई थी। पार्किंग ठीक नहीं होने के कारण दशहरा ग्राउंड के आसपास जाम की स्थिति बनी रही।
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बाजार में नहीं थी रौनक
पिछले कई दिनों से आर्थिक मंदी से जूझ रहा बाजार में दशहरा पर्व पर भी रौनक लौट कर नहीं आई। दिन भर बाजार की रौनक गायब मिली। बाजार की सभी सड़कें दोपहर दो बजे सुनी दिखाई दे रही थीं। व्यापारियों को नवरात्र और दशहरा पर्व पर उम्मीद जगी थी कि बाजार अपने पुराने ट्रैक पर लौट आएगा किंतु ऐसा नहीं हुआ। अब व्यापारी आस दिवाली पर ही टिकी हुई है।
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अमर उजाला ब्यूरो
महेंद्रगढ़। क्षेत्र में चहुंओर दशहरा पर्व का माहौल था। भगवान रामचंद्र और बजरंगी जयकारे के उद्घोष सुनाई दे रहे थे। बाद दोपहर लोगों ने दशहरा पर्व का पूजन भी किया। बाजारों में शोभायात्राएं निकाली गईं। इसके बाद अलग-अलग स्थानों पर सात पुतलों का दहन किया गया।
ताऊ देवीलाल पार्क, रेलवे ग्राउंड और राकवमा विद्यालय तीनों ही स्थानों पर बाद दोपहर भारी भीड़ थी। अलग-अलग रामलीलाओं की शोभायात्राएं रथ, बग्गी, घोड़े, बैंडबाजे के साथ मैदान पर पहुंची। इसके बाद वहां राम-रावण की सेना में युद्ध हुुआ। जब राम के द्वारा बार-बार गले पर तीर मारने के बाद भी रावण नहीं मर रहा था तो विभीषण ने उसके ना मरने का कारण बताया। साथी उसके नाभि में तीर मारने की सलाह दी। इसके बाद राम ने रावण की नाभि में तीर मार कर रावण का दहन किया। इस मौके पर भगवान रामचंद के जयकारे लगाए। मेले में बच्चे धनुष, गदा, बांसुरी आदि खरीद रहे थे। रावण के पुतलों का देखकर बच्चे काफी खुश थे।
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प्रशासन की ओर से दशहरा मैदान पर विशेष प्रबंध के तहत पुलिस बल, फायर ब्रिगेड और एंबुलेंस खड़ी हुई थी। पार्किंग ठीक नहीं होने के कारण दशहरा ग्राउंड के आसपास जाम की स्थिति बनी रही।
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बाजार में नहीं थी रौनक
पिछले कई दिनों से आर्थिक मंदी से जूझ रहा बाजार में दशहरा पर्व पर भी रौनक लौट कर नहीं आई। दिन भर बाजार की रौनक गायब मिली। बाजार की सभी सड़कें दोपहर दो बजे सुनी दिखाई दे रही थीं। व्यापारियों को नवरात्र और दशहरा पर्व पर उम्मीद जगी थी कि बाजार अपने पुराने ट्रैक पर लौट आएगा किंतु ऐसा नहीं हुआ। अब व्यापारी आस दिवाली पर ही टिकी हुई है।