{"_id":"5bfc47b9bdec2241822ee32b","slug":"121543260089-mahendragarh-narnaul-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"ओवर टाइम खत्म होने से रोडवेज को रोजाना पांच लाख रुपये का हो रहा है नुकसान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ओवर टाइम खत्म होने से रोडवेज को रोजाना पांच लाख रुपये का हो रहा है नुकसान
Updated Tue, 27 Nov 2018 12:53 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अमर उजाला ब्यूरो
नारनौल। चालकों-परिचालकों के ओवरटाइम समाप्त होने नारनौल डिपो को रोजाना करीब पांच से छह लाख रुपये का नुकसान हो रहा है। दूसरी ओर एक सप्ताह बाद भी बसों का संचालन पूरी तरह से पटरी पर नहीं आ सका है। इससे यात्रियों को परेशानी बरकरार है। रोडवेज को पहले रोजाना करीब 14 लाख रुपये की आय होती थी। एक सप्ताह से ओवरटाइम समाप्त होने पर रोडवेज विभाग को प्रतिदिन पांच से छह लाख रुपये का घाटा हो रहा है।
डीआई ब्रह्म प्रकाश ने बताया कि ओवर टाइम खत्म करने के राजस्व में कमी आई है। उन्होंने बताया कि ओवर टाइम समाप्त करने के बाद नए नियमानुसार नया रोटेशन बनाया गया है। इसके अलावा दूसरे ब्रांच में काम करने वाले 31 चालकों व परिचालकों को उनके मूल ड्यूटी पर भेजा जा चुका है। ओवरटाइम के अनुसार 104 कंडक्टरों व 84 चालकों की जरूरत है। अभी 238 चालक व 218 परिचालक कार्यरत हैं। आठ घंटे के हिसाब से अभी 188 कर्मचारियों की जरूरत है।
डीआई ने बताया कि नारनौल डिपो में कुल 141 बसें है। इनमें से करीब 130 बसें ऑन रूट हैं। पहले रोडवेज को रोजाना 14 से 15 लाख रुपये की आय होती थी। अब यह घटकर आठ से नौ लाख रुपये तक रह गई है। इससे औसतन रोजाना पांच से छह लाख रुपये का नुकसान हो रहा है। रोडवेज यूनियन के राजेश डांगी ने बताया कि ओवर टाइम को तैयारी के साथ लागू करना चाहिए था। उन्होंने बताया कि अचानक इस आदेश से सरकार को ही नुकसान हो रहा है। दूसरी ओर यात्रियों को परेशानी उठानी पड़ रही है। ओवर टाइम के कारण रोडवेज ने नारनौल-जयपुर- दिल्ली मुद्रिका सेवा बंद कर दिया है। इसके अलावा अटेली से जाने वाली चंडीगढ़ बस सेवा बंद कर दी है। इससे रोडवेज के आय पर प्रभाव पड़ा है। लोकल रूटों पर रोडवेज को आय कम होती है।
विज्ञापन
दिनांक- कुल बसें-ऑन रूट बसें- किलोमीटर- रुपये
19 नवंबर-141 -130-46925-1478641
20 नवंबर-141- 130-38362-1002171
21 नवंबर-141-132-31852-833145
22 नवंबर-141-135-33336-819246
23 नवंबर-141-130-35822-862510
24 नवंबर- 141-128-34336-798499
25 नवंबर-141-128- 33689-806444
विज्ञापन
नारनौल। चालकों-परिचालकों के ओवरटाइम समाप्त होने नारनौल डिपो को रोजाना करीब पांच से छह लाख रुपये का नुकसान हो रहा है। दूसरी ओर एक सप्ताह बाद भी बसों का संचालन पूरी तरह से पटरी पर नहीं आ सका है। इससे यात्रियों को परेशानी बरकरार है। रोडवेज को पहले रोजाना करीब 14 लाख रुपये की आय होती थी। एक सप्ताह से ओवरटाइम समाप्त होने पर रोडवेज विभाग को प्रतिदिन पांच से छह लाख रुपये का घाटा हो रहा है।
डीआई ब्रह्म प्रकाश ने बताया कि ओवर टाइम खत्म करने के राजस्व में कमी आई है। उन्होंने बताया कि ओवर टाइम समाप्त करने के बाद नए नियमानुसार नया रोटेशन बनाया गया है। इसके अलावा दूसरे ब्रांच में काम करने वाले 31 चालकों व परिचालकों को उनके मूल ड्यूटी पर भेजा जा चुका है। ओवरटाइम के अनुसार 104 कंडक्टरों व 84 चालकों की जरूरत है। अभी 238 चालक व 218 परिचालक कार्यरत हैं। आठ घंटे के हिसाब से अभी 188 कर्मचारियों की जरूरत है।
विज्ञापन
डीआई ने बताया कि नारनौल डिपो में कुल 141 बसें है। इनमें से करीब 130 बसें ऑन रूट हैं। पहले रोडवेज को रोजाना 14 से 15 लाख रुपये की आय होती थी। अब यह घटकर आठ से नौ लाख रुपये तक रह गई है। इससे औसतन रोजाना पांच से छह लाख रुपये का नुकसान हो रहा है। रोडवेज यूनियन के राजेश डांगी ने बताया कि ओवर टाइम को तैयारी के साथ लागू करना चाहिए था। उन्होंने बताया कि अचानक इस आदेश से सरकार को ही नुकसान हो रहा है। दूसरी ओर यात्रियों को परेशानी उठानी पड़ रही है। ओवर टाइम के कारण रोडवेज ने नारनौल-जयपुर- दिल्ली मुद्रिका सेवा बंद कर दिया है। इसके अलावा अटेली से जाने वाली चंडीगढ़ बस सेवा बंद कर दी है। इससे रोडवेज के आय पर प्रभाव पड़ा है। लोकल रूटों पर रोडवेज को आय कम होती है।
विज्ञापन
दिनांक- कुल बसें-ऑन रूट बसें- किलोमीटर- रुपये
19 नवंबर-141 -130-46925-1478641
20 नवंबर-141- 130-38362-1002171
21 नवंबर-141-132-31852-833145
22 नवंबर-141-135-33336-819246
23 नवंबर-141-130-35822-862510
24 नवंबर- 141-128-34336-798499
25 नवंबर-141-128- 33689-806444