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विधानसभा बजट
Updated Sun, 22 Oct 2017 11:31 PM IST
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लंबित काम शुरू करवाने की उम्मीद
क्षेत्र की जनता को उम्मीद, शिक्षामंत्री उठाएंगे विधानसभा के मुुद्दे
फोटो संख्या:32 से 33
प्रदीप शर्मा
महेंद्रगढ़। चंडीगढ़ में आज से प्रदेश सरकार का विधानसभा सत्र शुरू होगा। उम्मीद है कि इस विधानसभा सत्र में महेंद्रगढ़ के विधायक एवं प्रदेश सरकार में नं.2 कुर्सी पर विराजमान रामबिलास शर्मा क्षेत्र के विकास के मुद्दों को प्रमुखता से उठाएंगे। महेंद्रगढ़ विधानसभा के लोगों की मुख्य मांग नारनौल को अलग जिला बनाने, मेडिकल कॉलेज बनाने, माधोगढ़ किले, महेंद्रगढ़ किले को हेरिटेज के रूप में विकसित करने और बस स्टैंड को सब डिपो का काम शुरू करवाने की है। भाजपा सरकार बनने के बाद बहुत से विकास कार्यों की घोषणा सीएम और ईएम ने घोषणाएं की थीं, लेकिन उनमें से बड़े प्रोजेक्ट पर काम आज तक शुरू नहीं हो पाया है। सीएम मनोहर लाल खट्टर ने 50 करोड़ रुपये की लागत से महेंद्रगढ़ और माधोगढ़ किले को विकसित करने की घोषणा कर चुके हैं। किंतु अभी तक इन दोनों ही किलों पर निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पाया है। इसके अलावा सब डिपो पर भी साइट प्लान का काम चल रहा है।
प्रगति रैली में की थी घोषणा
महेंद्रगढ़ की सब्जी मंडी में 9 अप्रैल 2016 को शिक्षामंत्री प्रो. रामबिलास शर्मा ने प्रगति रैली आयोजित की थी। इस दौरान सीएम मनोहर लाल खट्टर मुख्य अतिथि थे। रैली के दौरान मुख्यमंत्री ने 50 करोड़ रुपये की लागत से माधोगढ़ किले और 12.57 करोड़ रुपये की लागत से सब डिपो बनाने की घोषणा की थी। शिक्षामंत्री ने तो कैबिनेट मंत्री बनने के बाद 2 किलोमीटर की चढ़ाई कर स्वयं इस माधोगढ़ किले का दौरा किया था। उस दौरान भी उन्होंने माधोगढ़ किले को पर्यटन के रूप में विकसित करने की घोषणा की थी, लेकिन अभी तक यह घोषणा ही बनकर रह गई है। इस पर काम अभी तक शुरू नहीं हुआ है।
आम बजट में भी किया जा चुका है पास
इसके बाद प्रदेश सरकार ने मार्च महीने में जारी किए अपने आम बजट में स्वदेश दर्शन योजना के तहत रेवाड़ी महेंद्रगढ़ और माधोगढ़ के लिए टूरिज्म इंफास्ट्रक्चर हेरिटेज सर्किट विकसित करने की घोषणा की थी। इस दौरान सरकार ने महेंद्रगढ़ किला, माधोगढ़ किला, नारनौल के मकबरा, चोर गुंबज, रेवाड़ी का तालाब आदि का 60 करोड़ रुपये से जीर्णोद्धार करना था।
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मेडिकल कॉलेज का मुद्दा अहम
महेंद्रगढ़ उप नागरिक अस्पताल में चिकित्सकों और सुविधाओं की कमी के चलते रेफरल अस्पताल बना हुआ है। यहां जो भी घायल आते हैं उनको हायर सेंटर के लिए रोहतक, रेवाड़ी, गुड़गांव और जयपुर के लिए रेफर कर दिया जाता है। कई बार तो घायल बीच में ही दम तोड़ देते हैं। इसके अलावा आर्थिक रूप से कमजोर व्यक्ति अपने मरीजों को निजी अस्पताल में इलाज नहीं करवा पाते। इससे इलाज के अभाव में मरीजों की मौत हो जाती है। प्रदेश सरकार हर जिले मेें मेडिकल कॉलेज बनाने जा रही है। अभी तक महेंद्रगढ़ जिले में मेडिकल कॉलेज बनने की लोकेशन तय नहीं हुई है। क्षेत्र की जनता को उम्मीद है कि यह मेडिकल कॉॅलेज महेंद्रगढ़ में ही बनाया जाए ताकि क्षेत्र के मरीजों को परेशानी का सामना न करना पड़े। जनता की इस आवाज को भी मंत्री को उठाना चाहिए।
नारनौल को बनाया जाए अलग जिला
पटियाला रिसायत एवं पैप्सू के नाम से जाने जाना वाला महेंद्रगढ़ स्वतंत्रता के बाद अपने हकों की लड़ाई लड़ रहा है। हरियाणा जन्म के बाद महेंद्रगढ़ को जिला तो बना दिया गया किंतु सभी हेड ऑफिस नारनौल स्थापित कर दिए गए। उसके बाद महेंद्रगढ़ विधानसभा क्षेत्र से कई विधायक एवं मंत्री आए और गए किंतु किसी ने भी महेंद्रगढ़ की जनता की यह आवाज विधानसभा सत्र में नहीं उठाई। इस समय नारनौल जिले बनने के सभी मापदंड भी पूरे कर रहा है। क्षेत्रवासियों ने शिक्षामंत्री से उम्मीद जताई कि वे जनता की इस आवाज को कैबिनेट में अवश्य उठाएंगे।
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क्षेत्र की जनता को उम्मीद, शिक्षामंत्री उठाएंगे विधानसभा के मुुद्दे
फोटो संख्या:32 से 33
प्रदीप शर्मा
महेंद्रगढ़। चंडीगढ़ में आज से प्रदेश सरकार का विधानसभा सत्र शुरू होगा। उम्मीद है कि इस विधानसभा सत्र में महेंद्रगढ़ के विधायक एवं प्रदेश सरकार में नं.2 कुर्सी पर विराजमान रामबिलास शर्मा क्षेत्र के विकास के मुद्दों को प्रमुखता से उठाएंगे। महेंद्रगढ़ विधानसभा के लोगों की मुख्य मांग नारनौल को अलग जिला बनाने, मेडिकल कॉलेज बनाने, माधोगढ़ किले, महेंद्रगढ़ किले को हेरिटेज के रूप में विकसित करने और बस स्टैंड को सब डिपो का काम शुरू करवाने की है। भाजपा सरकार बनने के बाद बहुत से विकास कार्यों की घोषणा सीएम और ईएम ने घोषणाएं की थीं, लेकिन उनमें से बड़े प्रोजेक्ट पर काम आज तक शुरू नहीं हो पाया है। सीएम मनोहर लाल खट्टर ने 50 करोड़ रुपये की लागत से महेंद्रगढ़ और माधोगढ़ किले को विकसित करने की घोषणा कर चुके हैं। किंतु अभी तक इन दोनों ही किलों पर निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पाया है। इसके अलावा सब डिपो पर भी साइट प्लान का काम चल रहा है।
प्रगति रैली में की थी घोषणा
महेंद्रगढ़ की सब्जी मंडी में 9 अप्रैल 2016 को शिक्षामंत्री प्रो. रामबिलास शर्मा ने प्रगति रैली आयोजित की थी। इस दौरान सीएम मनोहर लाल खट्टर मुख्य अतिथि थे। रैली के दौरान मुख्यमंत्री ने 50 करोड़ रुपये की लागत से माधोगढ़ किले और 12.57 करोड़ रुपये की लागत से सब डिपो बनाने की घोषणा की थी। शिक्षामंत्री ने तो कैबिनेट मंत्री बनने के बाद 2 किलोमीटर की चढ़ाई कर स्वयं इस माधोगढ़ किले का दौरा किया था। उस दौरान भी उन्होंने माधोगढ़ किले को पर्यटन के रूप में विकसित करने की घोषणा की थी, लेकिन अभी तक यह घोषणा ही बनकर रह गई है। इस पर काम अभी तक शुरू नहीं हुआ है।
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आम बजट में भी किया जा चुका है पास
इसके बाद प्रदेश सरकार ने मार्च महीने में जारी किए अपने आम बजट में स्वदेश दर्शन योजना के तहत रेवाड़ी महेंद्रगढ़ और माधोगढ़ के लिए टूरिज्म इंफास्ट्रक्चर हेरिटेज सर्किट विकसित करने की घोषणा की थी। इस दौरान सरकार ने महेंद्रगढ़ किला, माधोगढ़ किला, नारनौल के मकबरा, चोर गुंबज, रेवाड़ी का तालाब आदि का 60 करोड़ रुपये से जीर्णोद्धार करना था।
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मेडिकल कॉलेज का मुद्दा अहम
महेंद्रगढ़ उप नागरिक अस्पताल में चिकित्सकों और सुविधाओं की कमी के चलते रेफरल अस्पताल बना हुआ है। यहां जो भी घायल आते हैं उनको हायर सेंटर के लिए रोहतक, रेवाड़ी, गुड़गांव और जयपुर के लिए रेफर कर दिया जाता है। कई बार तो घायल बीच में ही दम तोड़ देते हैं। इसके अलावा आर्थिक रूप से कमजोर व्यक्ति अपने मरीजों को निजी अस्पताल में इलाज नहीं करवा पाते। इससे इलाज के अभाव में मरीजों की मौत हो जाती है। प्रदेश सरकार हर जिले मेें मेडिकल कॉलेज बनाने जा रही है। अभी तक महेंद्रगढ़ जिले में मेडिकल कॉलेज बनने की लोकेशन तय नहीं हुई है। क्षेत्र की जनता को उम्मीद है कि यह मेडिकल कॉॅलेज महेंद्रगढ़ में ही बनाया जाए ताकि क्षेत्र के मरीजों को परेशानी का सामना न करना पड़े। जनता की इस आवाज को भी मंत्री को उठाना चाहिए।
नारनौल को बनाया जाए अलग जिला
पटियाला रिसायत एवं पैप्सू के नाम से जाने जाना वाला महेंद्रगढ़ स्वतंत्रता के बाद अपने हकों की लड़ाई लड़ रहा है। हरियाणा जन्म के बाद महेंद्रगढ़ को जिला तो बना दिया गया किंतु सभी हेड ऑफिस नारनौल स्थापित कर दिए गए। उसके बाद महेंद्रगढ़ विधानसभा क्षेत्र से कई विधायक एवं मंत्री आए और गए किंतु किसी ने भी महेंद्रगढ़ की जनता की यह आवाज विधानसभा सत्र में नहीं उठाई। इस समय नारनौल जिले बनने के सभी मापदंड भी पूरे कर रहा है। क्षेत्रवासियों ने शिक्षामंत्री से उम्मीद जताई कि वे जनता की इस आवाज को कैबिनेट में अवश्य उठाएंगे।