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लावारिस पशुओं के खौफ ने बंद करा दी सुबह की सैर
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अमर उजाला ब्यूरो
महेंद्रगढ़। लावारिस पशुओं के डर के कारण लोग सुबह की सैर से भी कतराने लग गए हैं। मोदाश्रम की ओर जाने वाले वाले लोगों को लावारिस पशुओं के आतंक का सामना करना पड़ता है। यहां पशुओं का झुंड आपस में लड़ता रहता है। राहगीरों को हमेशा खतरा बना रहता है कि कब कौन सा पशु किस ओर से धावा बोल देगा।
लोगों का कहना है कि लावारिस पशुओं का आतंक बाजार एरिया में सबसे अधिक है। पशुओं के चलते बाजार में आने वालों को चारों ओर देखकर चलना पड़ता है। किसी ओर से भी आने वाला लावारिस पशु नुकसान पहुंचा सकता है। लावारिस पशु दिन भर बाजारों में चौकड़ी मचाते रहते हैं। लावारिस पशु शहर की मुख्य सड़कों पर भी कब्जा जमाए रखते हैं। इनके कारण बाजार में कई बार जाम के हालात बनते हैं। पशुओं को हटाने की बजाए वाहन चालक दूसरी ओर से वाहन को निकालने में ही अपनी भलाई समझते हैं। सड़क के बीच खड़े पशु को हटाने का प्रयास करें तो कई बार यह लावारिस पशु वाहन चालकों पर हमला कर देते हैं। दुकानों, रेहड़ी, घर के गेट पर रखे सामान को भी लावारिस गोवंश खा जाते हैं। पशुओं को पकड़ने के लिए किए गए सभी प्रयास अभी तक असफल साबित हुए हैं।
लावारिस गोवंश को गोशालाओं में भेजना चाहिए। इन गोवंश के कारण कई बार बुजुर्ग चोटिल हो चुके हैं। सड़क पर चलते हुए लोगों को यह पशु पीछे से टक्कर मार देते हैं। पूरे बाजार में इनका आतंक है।
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- नरेश शर्मा, दुकानदार, परशुराम चौक।
गोवंश की जिम्मेदारी गोशालाओं को लेनी चाहिए। नगर पालिका पशुओं को वहां तक पहुंचाने का काम करे। इसके बाद हर एक पशु को टैग लगाया जाए। अगर पशु कहीं बाहर आए तो उसके लिए गोशाला प्रबंधन को जिम्मेदार बनाएं।
- ओमप्रकाश शर्मा, रिटायर्ड, सूबेदार।
शहर में ऐसा कोई चौक चौराहा नहीं जहां लावारिस पशु न दिखे। यह पशु रोजाना आपस में लड़ते रहते हैं। कई बार वाहनों को नुकसान पहुंचाते हैं। गोशालाओं का इतना दान मिलता है तो भी यह गोवंश को नहीं रखते। गोशाला संचालक भी लावारिस गोवंश के लिए दोषी हैं।
- सतपाल सोनी, दुकानदार
मोदाश्रम के पास गोवंश का पूरा जमावड़ा रहता है। यहां दिन भर पशु आपस में लड़ते रहते हैं। यहां से गुजरने वालों के लिए हमेशा खतरा बना रहता है। मंदिर जाने वाली महिलाओं को काफी परेशानी होती है। जल्द से जल्द इन लावारिस पशुओं को पकड़वाया जाए।
रोहताश सोनी, दुकानदार
सुबह मोदाश्रम में सुबह की सैर के लिए जाता हूं। वहां लावारिस पशुओं का झुंड रहता है। यहां सैर करने आने वालों के लिए खतरा रहता है। हर सप्ताह यहां कोई न कोई हादसा होता रहता है। नगर पालिका शहर के किसी हिस्से में नंदीशाला बनवाए।
- तुलसीराम शर्मा, दुकानदार
वर्जन......
लावारिस पशुओं को लेकर नगर पालिका गंभीर है। नपा सचिव का पद खाली होने के कारण दिक्कत आ रही है। फिलहाल होली के अवकाश चल रहे हैं। सोमवार से लावारिस पशुओं को हटवाने के लिए प्रयास किया जाएगा। जनता को पशुओं के आतंक से राहत दिलाएंगे।
- रमेश बोहरा, उपप्रधान, नगर पालिका, महेंद्रगढ़
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महेंद्रगढ़। लावारिस पशुओं के डर के कारण लोग सुबह की सैर से भी कतराने लग गए हैं। मोदाश्रम की ओर जाने वाले वाले लोगों को लावारिस पशुओं के आतंक का सामना करना पड़ता है। यहां पशुओं का झुंड आपस में लड़ता रहता है। राहगीरों को हमेशा खतरा बना रहता है कि कब कौन सा पशु किस ओर से धावा बोल देगा।
लोगों का कहना है कि लावारिस पशुओं का आतंक बाजार एरिया में सबसे अधिक है। पशुओं के चलते बाजार में आने वालों को चारों ओर देखकर चलना पड़ता है। किसी ओर से भी आने वाला लावारिस पशु नुकसान पहुंचा सकता है। लावारिस पशु दिन भर बाजारों में चौकड़ी मचाते रहते हैं। लावारिस पशु शहर की मुख्य सड़कों पर भी कब्जा जमाए रखते हैं। इनके कारण बाजार में कई बार जाम के हालात बनते हैं। पशुओं को हटाने की बजाए वाहन चालक दूसरी ओर से वाहन को निकालने में ही अपनी भलाई समझते हैं। सड़क के बीच खड़े पशु को हटाने का प्रयास करें तो कई बार यह लावारिस पशु वाहन चालकों पर हमला कर देते हैं। दुकानों, रेहड़ी, घर के गेट पर रखे सामान को भी लावारिस गोवंश खा जाते हैं। पशुओं को पकड़ने के लिए किए गए सभी प्रयास अभी तक असफल साबित हुए हैं।
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लावारिस गोवंश को गोशालाओं में भेजना चाहिए। इन गोवंश के कारण कई बार बुजुर्ग चोटिल हो चुके हैं। सड़क पर चलते हुए लोगों को यह पशु पीछे से टक्कर मार देते हैं। पूरे बाजार में इनका आतंक है।
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- नरेश शर्मा, दुकानदार, परशुराम चौक।
गोवंश की जिम्मेदारी गोशालाओं को लेनी चाहिए। नगर पालिका पशुओं को वहां तक पहुंचाने का काम करे। इसके बाद हर एक पशु को टैग लगाया जाए। अगर पशु कहीं बाहर आए तो उसके लिए गोशाला प्रबंधन को जिम्मेदार बनाएं।
- ओमप्रकाश शर्मा, रिटायर्ड, सूबेदार।
शहर में ऐसा कोई चौक चौराहा नहीं जहां लावारिस पशु न दिखे। यह पशु रोजाना आपस में लड़ते रहते हैं। कई बार वाहनों को नुकसान पहुंचाते हैं। गोशालाओं का इतना दान मिलता है तो भी यह गोवंश को नहीं रखते। गोशाला संचालक भी लावारिस गोवंश के लिए दोषी हैं।
- सतपाल सोनी, दुकानदार
मोदाश्रम के पास गोवंश का पूरा जमावड़ा रहता है। यहां दिन भर पशु आपस में लड़ते रहते हैं। यहां से गुजरने वालों के लिए हमेशा खतरा बना रहता है। मंदिर जाने वाली महिलाओं को काफी परेशानी होती है। जल्द से जल्द इन लावारिस पशुओं को पकड़वाया जाए।
रोहताश सोनी, दुकानदार
सुबह मोदाश्रम में सुबह की सैर के लिए जाता हूं। वहां लावारिस पशुओं का झुंड रहता है। यहां सैर करने आने वालों के लिए खतरा रहता है। हर सप्ताह यहां कोई न कोई हादसा होता रहता है। नगर पालिका शहर के किसी हिस्से में नंदीशाला बनवाए।
- तुलसीराम शर्मा, दुकानदार
वर्जन......
लावारिस पशुओं को लेकर नगर पालिका गंभीर है। नपा सचिव का पद खाली होने के कारण दिक्कत आ रही है। फिलहाल होली के अवकाश चल रहे हैं। सोमवार से लावारिस पशुओं को हटवाने के लिए प्रयास किया जाएगा। जनता को पशुओं के आतंक से राहत दिलाएंगे।
- रमेश बोहरा, उपप्रधान, नगर पालिका, महेंद्रगढ़