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नगर परिषद प्रॉपर्टी टैक्स वसूलने में फिसड्डी,अटके पड़े है 12 करोड़
Updated Sat, 17 Nov 2018 12:47 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
नारनौल। नगर परिषद नारनौल प्रॉपर्टी टैक्स वसूली करने में फिसड्डी साबित हो रहा है। नगर परिषद वर्तमान वित्तवर्ष में अक्तूबर तक करीब 30.78 लाख रुपये ही वसूल सका है। अभी करीब 10 से 12 करोड़ रुपये प्रॉपर्टी टैक्स बकाया है। ऐसे में अब बड़े बकायेदारों पर नप ने फाइनल नोटिस भेजा है। जिससे ऐसी प्रॉपर्टीज को सील किया जा सकता है।
नगर परिषद हाउस टैक्स वसूली को लेकर बड़े बकायेदारों पर सख्ती करने की तैयारी में है। टैक्स वसूली के लिए नप ने पहले करीब 500 लोगों को नोटिस जारी किया था। जिसके बाद काफी लोगों ने पैसे जमा कराए लेकिन अभी भी बड़े बकायेदारों ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। इसे देखते हुए नप ने करीब 200 लोगों को टैक्स जमा कराने के लिए अंतिम नोटिस भेजा हैं। जिससे की बड़े बकायेदारों पर नियमानुसार कार्रवाई की जा सके। नप से मिली जानकारी के अनुसार अभी तक अक्तूबर तक 30.78 रुपये ही वसूले जा सके हैं। नप के बकायेदारों में सरकारी संस्थान, मैरिज हाल, निजी स्कूल, अस्पताल समेत अन्य शामिल है। इसमें कुछ ऐसे संस्थान भी जो लंबे समय से टैक्स जमा नहीं कराया हुआ है और लाखों रुपये बकाया है। लोगों का कहना है कि नप की कमी से लोग पैसे जमा करने में रुचि नहीं ले रहे हैं। इससे शहर के कार्य प्रभावित हो रहे हैं।
वसूली का टारगेट पता नहीं
ईओ अभय सिंह से जब पूछा गया कि नप का वर्तमान वित्तवर्ष में कितना टैक्स बनता है और कितना वसूलने का लक्ष्य है। इस पर उन्होंने कहा कि रिकॉर्ड देखकर बताया जा सकता है। नप को प्रॉपर्टी सील करने का अधिकार नहीं है। इस बारे में जल्द उचित कदम उठाया जाएगा।
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काम हो रहे हैं प्रभावित
नप विकास कार्यों को लेकर पूरी तरह से सरकार पर निर्भर है, क्योंकि उसके पास पैसे नहीं है। टैक्स जमा हो जाए तो शहर में सफाई, स्ट्रीट लाइट, सीसीटीवी, गलियों के निर्माण समेत अन्य विकास कार्य हो सकते हैं। सामाजिक कार्यकर्ता दलजीत राजेंद्र चेतीवाल ने कहा कि नप की कमी के कारण पैसों की वसूली नहीं हो पा रही है। इससे शहर का विकास प्रभावित हो रहा है। उन्होंने कहा कि शहर में 40 फीसदी से अधिक सड़कें टूटी हुई हैं। अतिक्रमण भी एक गंभीर समस्या है। शहर में कहीं भी सीसीटीवी नहीं है। ऐसे में बकाया पैसे जल्द वसूल किए जाने चाहिए।
कुछ बड़े बकायादार
सरकारी संस्थानों पर 4.5 करोड़, मैरिज हालों पर 35 लाख, स्कूलों पर 80 लाख, व्यवसायिक संस्थानों पर पांच करोड़ व निजी अस्पतालों से 15 लाख रुपये बकाया है।
वर्जन
लोगों को खुद टैक्स जमाकर शहर के विकास में सहयोग करना चाहिए। बड़े बकायादारों के लिए डीसी से अनुमति लेकर सील की कार्रवाई की जाएगी। जिससे की बकाया पैसे वसूले जा सके।
- भारती सैनी, चेयरमैन, नप नारनौल।
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नारनौल। नगर परिषद नारनौल प्रॉपर्टी टैक्स वसूली करने में फिसड्डी साबित हो रहा है। नगर परिषद वर्तमान वित्तवर्ष में अक्तूबर तक करीब 30.78 लाख रुपये ही वसूल सका है। अभी करीब 10 से 12 करोड़ रुपये प्रॉपर्टी टैक्स बकाया है। ऐसे में अब बड़े बकायेदारों पर नप ने फाइनल नोटिस भेजा है। जिससे ऐसी प्रॉपर्टीज को सील किया जा सकता है।
नगर परिषद हाउस टैक्स वसूली को लेकर बड़े बकायेदारों पर सख्ती करने की तैयारी में है। टैक्स वसूली के लिए नप ने पहले करीब 500 लोगों को नोटिस जारी किया था। जिसके बाद काफी लोगों ने पैसे जमा कराए लेकिन अभी भी बड़े बकायेदारों ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। इसे देखते हुए नप ने करीब 200 लोगों को टैक्स जमा कराने के लिए अंतिम नोटिस भेजा हैं। जिससे की बड़े बकायेदारों पर नियमानुसार कार्रवाई की जा सके। नप से मिली जानकारी के अनुसार अभी तक अक्तूबर तक 30.78 रुपये ही वसूले जा सके हैं। नप के बकायेदारों में सरकारी संस्थान, मैरिज हाल, निजी स्कूल, अस्पताल समेत अन्य शामिल है। इसमें कुछ ऐसे संस्थान भी जो लंबे समय से टैक्स जमा नहीं कराया हुआ है और लाखों रुपये बकाया है। लोगों का कहना है कि नप की कमी से लोग पैसे जमा करने में रुचि नहीं ले रहे हैं। इससे शहर के कार्य प्रभावित हो रहे हैं।
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वसूली का टारगेट पता नहीं
ईओ अभय सिंह से जब पूछा गया कि नप का वर्तमान वित्तवर्ष में कितना टैक्स बनता है और कितना वसूलने का लक्ष्य है। इस पर उन्होंने कहा कि रिकॉर्ड देखकर बताया जा सकता है। नप को प्रॉपर्टी सील करने का अधिकार नहीं है। इस बारे में जल्द उचित कदम उठाया जाएगा।
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काम हो रहे हैं प्रभावित
नप विकास कार्यों को लेकर पूरी तरह से सरकार पर निर्भर है, क्योंकि उसके पास पैसे नहीं है। टैक्स जमा हो जाए तो शहर में सफाई, स्ट्रीट लाइट, सीसीटीवी, गलियों के निर्माण समेत अन्य विकास कार्य हो सकते हैं। सामाजिक कार्यकर्ता दलजीत राजेंद्र चेतीवाल ने कहा कि नप की कमी के कारण पैसों की वसूली नहीं हो पा रही है। इससे शहर का विकास प्रभावित हो रहा है। उन्होंने कहा कि शहर में 40 फीसदी से अधिक सड़कें टूटी हुई हैं। अतिक्रमण भी एक गंभीर समस्या है। शहर में कहीं भी सीसीटीवी नहीं है। ऐसे में बकाया पैसे जल्द वसूल किए जाने चाहिए।
कुछ बड़े बकायादार
सरकारी संस्थानों पर 4.5 करोड़, मैरिज हालों पर 35 लाख, स्कूलों पर 80 लाख, व्यवसायिक संस्थानों पर पांच करोड़ व निजी अस्पतालों से 15 लाख रुपये बकाया है।
वर्जन
लोगों को खुद टैक्स जमाकर शहर के विकास में सहयोग करना चाहिए। बड़े बकायादारों के लिए डीसी से अनुमति लेकर सील की कार्रवाई की जाएगी। जिससे की बकाया पैसे वसूले जा सके।
- भारती सैनी, चेयरमैन, नप नारनौल।