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हरियाणा सरकार की वादा खिलाफी से नाराज सफाई कर्मचारी बैठे हड़ताल क
Updated Thu, 04 Oct 2018 01:02 AM IST
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अमर उजाला ब्यूूरो
महेंद्रगढ़। हरियाणा सरकारी की वादाखिलाफी से नाराज होकर नगरपालिका सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा की तीन दिवसीय हड़ताल पर बैठ गए हैं। सफाई कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर्र विरोध जताया। इस मौके पर लगभग 70 सफाई कर्मचारी हड़ताल पर रहे। इससे शहर की सफाई व्यवस्था भी चरमरा गई। शहर में जगह-जगह गंदगी के ढेर लगे हुए हैं। सफाई के मामले में शहर के हालात और भी अधिक खस्ता हो सकते हैं।
इस मौके पर कर्मचारी संघ के प्रधान राजबाला ने बताया कि 24 मई को हुए समझौते को लागू नहीं करके सरकार ने कर्मचारियों को फिर हड़ताल पर बैठने पर मजबूर कर दिया है। सरकार ने उनकी मांगें मानने का आश्वासन दिया था। उन्होंने बताया कि 24 मई की वार्ता में तीन मंत्रियों ने शहरी स्थानीय निकाय विभाग से ठेका प्रथम समाप्त, ईएसआई और ईपीएफ का पैसा कर्मचारियों के खातों में जमा करने, एक्सग्रेसिया पॉलिसी बहाल करने सहित अनेक मांगों पर सहमति बनी थी लेकिन चार महीने बीत जाने के बाद भी वो मांगें लागू नहीं हो पाई। इस मौके पर उप प्रधान पंकज, जिला प्रधान बिमला देवी, धीरज, गौरव, पूर्ण, श्याम, सुबे सिंह, राजू, निर्मला, आशा, शकुंतला, कृष्णा आदि कर्मचारी हड़ताल पर बैठे थे।
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महेंद्रगढ़। हरियाणा सरकारी की वादाखिलाफी से नाराज होकर नगरपालिका सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा की तीन दिवसीय हड़ताल पर बैठ गए हैं। सफाई कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर्र विरोध जताया। इस मौके पर लगभग 70 सफाई कर्मचारी हड़ताल पर रहे। इससे शहर की सफाई व्यवस्था भी चरमरा गई। शहर में जगह-जगह गंदगी के ढेर लगे हुए हैं। सफाई के मामले में शहर के हालात और भी अधिक खस्ता हो सकते हैं।
इस मौके पर कर्मचारी संघ के प्रधान राजबाला ने बताया कि 24 मई को हुए समझौते को लागू नहीं करके सरकार ने कर्मचारियों को फिर हड़ताल पर बैठने पर मजबूर कर दिया है। सरकार ने उनकी मांगें मानने का आश्वासन दिया था। उन्होंने बताया कि 24 मई की वार्ता में तीन मंत्रियों ने शहरी स्थानीय निकाय विभाग से ठेका प्रथम समाप्त, ईएसआई और ईपीएफ का पैसा कर्मचारियों के खातों में जमा करने, एक्सग्रेसिया पॉलिसी बहाल करने सहित अनेक मांगों पर सहमति बनी थी लेकिन चार महीने बीत जाने के बाद भी वो मांगें लागू नहीं हो पाई। इस मौके पर उप प्रधान पंकज, जिला प्रधान बिमला देवी, धीरज, गौरव, पूर्ण, श्याम, सुबे सिंह, राजू, निर्मला, आशा, शकुंतला, कृष्णा आदि कर्मचारी हड़ताल पर बैठे थे।
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