{"_id":"5a3942b84f1c1b502b8b57fb","slug":"11513702072-mahendragarh-narnaul-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"टंकी में कनेक्शन नहीं होने पर भड़के ग्रामीण, धरने का अल्टीमेटम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
टंकी में कनेक्शन नहीं होने पर भड़के ग्रामीण, धरने का अल्टीमेटम
Updated Tue, 19 Dec 2017 10:17 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
टंकी में पानी का कनेक्शन नहीं होने पर भड़के ग्रामीण
नांगल चौधरी। लूजोता गांव की एक सार्वजनिक टंकी में कैनाल बेस्ड नहरी पानी नहीं पहुंचने पर ग्रामीणों ने मंगलवार को टंकी पर रोष-प्रदर्शन किया। वहीं विभाग को दो दिन में कनेक्शन का अल्टीमेटम दिया है। इसके बाद खंड कार्यालय पर धरना शुरू किया जाएगा।
रमेश मीणा, प्रकाशचंद, नीतू, मुन्नी देवी व बिमला आदि ने बताया कि सरकारी फंड से गांव के बीच में सार्वजनिक टंकी का निर्माण कराया गया था। इससे सैकड़ों परिवारों को नजदीकी पेयजल उपलब्ध होने की उम्मीद जागी थी। निर्माण को करीब डेढ़ साल बीत चुका है, परंतु अभी तक पानी नहीं पहुंचा है। धरना-प्रदर्शन के बाद विभाग ने नाबार्ड परियोजना की पाइप लाइन से कनेक्शन कर दिया। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि कनेक्शन की पाइप लाइन जानबूझ कर ऊंचाई के रास्ते से दबवा दी। इस कारण टंकी में पानी नहीं पहुंच पा रहा है। दूसरे रास्ते की लंबाई कम होने के कारण पाइप भी ज्यादा नहीं लगेगी और ढलान में पानी भी पहुंच जाएगा। राजनीतिक भेदभाव के चलते विभाग कनेक्शन की लाइन बदलने को तैयार नहीं है। समस्या का समाधान नहीं होने पर सीएम विंडो पर तीन बार शिकायत भी दर्ज करवाई गई है। इसके बावजूद गांव में पेयजल समस्या यथावत बनी हुई है। शासन व प्रशासनिक तंत्र विफल होने पर ग्रामीणों ने प्रधानमंत्री को पत्र भेजा है। समस्या यथावत रहने पर मंगलवार को ग्रामीणों ने प्रदर्शन किया है। जनस्वास्थ्य विभाग के एसडीओ रमेशचंद ने बताया कि लूजोता की पेयजल व्यवस्था पंचायत के आधीन है। इसलिए टंकी में कनेक्शन के लिए पंचायत को पत्र लिख दिया है। उन्होंने कहा कि दूसरी तरफ से कनेक्शन होने पर टंकी में पानी पहुंच जाएगा।
विज्ञापन
नांगल चौधरी। लूजोता गांव की एक सार्वजनिक टंकी में कैनाल बेस्ड नहरी पानी नहीं पहुंचने पर ग्रामीणों ने मंगलवार को टंकी पर रोष-प्रदर्शन किया। वहीं विभाग को दो दिन में कनेक्शन का अल्टीमेटम दिया है। इसके बाद खंड कार्यालय पर धरना शुरू किया जाएगा।
रमेश मीणा, प्रकाशचंद, नीतू, मुन्नी देवी व बिमला आदि ने बताया कि सरकारी फंड से गांव के बीच में सार्वजनिक टंकी का निर्माण कराया गया था। इससे सैकड़ों परिवारों को नजदीकी पेयजल उपलब्ध होने की उम्मीद जागी थी। निर्माण को करीब डेढ़ साल बीत चुका है, परंतु अभी तक पानी नहीं पहुंचा है। धरना-प्रदर्शन के बाद विभाग ने नाबार्ड परियोजना की पाइप लाइन से कनेक्शन कर दिया। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि कनेक्शन की पाइप लाइन जानबूझ कर ऊंचाई के रास्ते से दबवा दी। इस कारण टंकी में पानी नहीं पहुंच पा रहा है। दूसरे रास्ते की लंबाई कम होने के कारण पाइप भी ज्यादा नहीं लगेगी और ढलान में पानी भी पहुंच जाएगा। राजनीतिक भेदभाव के चलते विभाग कनेक्शन की लाइन बदलने को तैयार नहीं है। समस्या का समाधान नहीं होने पर सीएम विंडो पर तीन बार शिकायत भी दर्ज करवाई गई है। इसके बावजूद गांव में पेयजल समस्या यथावत बनी हुई है। शासन व प्रशासनिक तंत्र विफल होने पर ग्रामीणों ने प्रधानमंत्री को पत्र भेजा है। समस्या यथावत रहने पर मंगलवार को ग्रामीणों ने प्रदर्शन किया है। जनस्वास्थ्य विभाग के एसडीओ रमेशचंद ने बताया कि लूजोता की पेयजल व्यवस्था पंचायत के आधीन है। इसलिए टंकी में कनेक्शन के लिए पंचायत को पत्र लिख दिया है। उन्होंने कहा कि दूसरी तरफ से कनेक्शन होने पर टंकी में पानी पहुंच जाएगा।
विज्ञापन