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बदहाल हो गया शहर का सबसे बड़ा सुभाष पार्क
Updated Sat, 21 Oct 2017 10:55 PM IST
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बदहाल हो गया शहर का सबसे बड़ा सुभाष पार्क
-चारदीवारी है टूटी, गंदगी का रहता है यहां आलम
फोटो नंबर छह से 15
राजकुमार प्रजापत
नारनौल। शहर का सबसे बड़ा सुभाषचंद्र बोस पार्क बदहाल है। यहां जगह-जगह कूड़े के ढेर लगे हुए हैं। यहां की घास को भी कुछ असामाजिक तत्वों ने जला दिया। इस कारण पार्क की हालत ओर भी खराब हो गई है।
शहर के सिंघाना रोड पर करीब 17 साल पूर्व चोर गुंबद के चारों ओर पार्क का निर्माण कराया गया था। उस समय यह क्षेत्र बहुत ही खराब था तथा पार्क के निर्माण के लिए यहां काफी मेहनत करनी पड़ी थी। इसके बाद यह पार्क तैयार किया गया था। कुछ महीनों पूर्व तक यह पार्क हुडा के हवाले था, मगर अब यह पार्क नगर परिषद के हवाले आ गया है। मगर इस पार्क की हालत अभी भी बहुत खस्ता बनी हुई है। सही देखरेख के अभाव में पार्क में गंदगी का आलम है। वहीं यहां पर पेड़ पौधे भी सूख गए हैं। पार्क में लावारिस पशु मुंह मारते हुए नजर आते हैं। दीपावली से पूर्व कुछ शरारती तत्वों ने पार्क की घास को जला दी। इस कारण पार्क के बड़े हिस्से की घास जलकर राख हो गई। इससे पार्क की सुंदरता प्रभावित हुई है। बाद में लोगों ने आग को बुझाया, मगर अब वहां जली हुई घास नजर आ रही है। यहां पेड़ पौधे सूखते जा रहे हैं। पेड़ पौधों में कई-कई दिनों तक पानी नहीं डाला जाता है।
शहर के इस सबसे बड़े पार्क में लोगों का भी सबसे ज्यादा आवागमन रहता है। यहां पर रात के समय भी लोग बैठे रहते हैं। इनकी आड़ में कई लोग कोल्ड ड्रिंक या शराब आदि पी लेते हैं। इसका पूरा कचरा वे पार्क में ही डालकर चले जाते हैं। इस कचरे की सफाई न होने के कारण पार्क में चारों ओर गंदगी का आलम बना हुआ है।
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शहर को कैटल फ्री बनाने की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, मगर यहां फिर भी लावारिस पशुओं का जमावड़ा रहता है। सुबह घूमने के लिए आने वाले दुलीचंद शर्मा, मनोज कुमार, राजेश कुमार, अविनाश आदि ने बताया कि पार्क में सुबह-सुबह ही अनेक लावारिस पशु घूमते रहते हैं, जो पार्क में लड़ाई भी करते रहते हैं। इससे यहां आने से उनको अब डर भी लगने लगा है।
करीब तीन से चार एकड़ में बने पार्क की रखवाली के लिए यहां पर पर्याप्त कर्मचारी भी नहीं हैं। इसके कारण पार्क की सही देखभाल नहीं हो रही है। इसके अलावा यहां पर लाइटें भी टूट गई हैं। लाइटों के पोल भी कई दिनों से टूटे पड़े हैं। इस ओर भी कोई ध्यान नहीं दे रहा है।
शहर में यह ही एक बड़ा पार्क है, जहां अनेक लोग घूमने के लिए आते हैं, मगर इसकी भी हालत अब खस्ता बनी हुई है। इसे जल्द ठीक किया जाना चाहिए।
-सम्राट नरुला
सुभाष पार्क में गंदगी का आलम रहता है। जिसके कारण यहां अब घूमने में भी बदबू आती है। प्रशासन को चाहिए कि इसको जल्द ठीक किया जाए।
-मनोज कुमार
सुभाष पार्क की घास जल चुकी है, यहां पानी के अभाव में पेड़ पौधे सूखते जा रहे हैं। प्रशासन इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहा है।
-कैलाश जांगड़ा
शहर का यह सबसे बड़ा पार्क है, मगर यहां किसी भी प्रकार की सुविधाएं नहीं हैं। इस कारण लोग अब यहां आने से कतराने भी लगे हैं।
-डॉ. राजेंद्र प्रसाद नरूला
--------------
एक माह में तीन बार इस पार्क का निरीक्षण कर चुके हैं। इस दौरान वार्ड पार्षद भी उनके साथ थे, यहां जो भी कमियां हैं, उनको दूर किया जा रहा है। एक माह में इस पार्क का काया पलट कर दिया जाएगा।
-अभय सिंह, ईओ, नगर परिषद, नारनौल।
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-चारदीवारी है टूटी, गंदगी का रहता है यहां आलम
फोटो नंबर छह से 15
राजकुमार प्रजापत
नारनौल। शहर का सबसे बड़ा सुभाषचंद्र बोस पार्क बदहाल है। यहां जगह-जगह कूड़े के ढेर लगे हुए हैं। यहां की घास को भी कुछ असामाजिक तत्वों ने जला दिया। इस कारण पार्क की हालत ओर भी खराब हो गई है।
शहर के सिंघाना रोड पर करीब 17 साल पूर्व चोर गुंबद के चारों ओर पार्क का निर्माण कराया गया था। उस समय यह क्षेत्र बहुत ही खराब था तथा पार्क के निर्माण के लिए यहां काफी मेहनत करनी पड़ी थी। इसके बाद यह पार्क तैयार किया गया था। कुछ महीनों पूर्व तक यह पार्क हुडा के हवाले था, मगर अब यह पार्क नगर परिषद के हवाले आ गया है। मगर इस पार्क की हालत अभी भी बहुत खस्ता बनी हुई है। सही देखरेख के अभाव में पार्क में गंदगी का आलम है। वहीं यहां पर पेड़ पौधे भी सूख गए हैं। पार्क में लावारिस पशु मुंह मारते हुए नजर आते हैं। दीपावली से पूर्व कुछ शरारती तत्वों ने पार्क की घास को जला दी। इस कारण पार्क के बड़े हिस्से की घास जलकर राख हो गई। इससे पार्क की सुंदरता प्रभावित हुई है। बाद में लोगों ने आग को बुझाया, मगर अब वहां जली हुई घास नजर आ रही है। यहां पेड़ पौधे सूखते जा रहे हैं। पेड़ पौधों में कई-कई दिनों तक पानी नहीं डाला जाता है।
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शहर के इस सबसे बड़े पार्क में लोगों का भी सबसे ज्यादा आवागमन रहता है। यहां पर रात के समय भी लोग बैठे रहते हैं। इनकी आड़ में कई लोग कोल्ड ड्रिंक या शराब आदि पी लेते हैं। इसका पूरा कचरा वे पार्क में ही डालकर चले जाते हैं। इस कचरे की सफाई न होने के कारण पार्क में चारों ओर गंदगी का आलम बना हुआ है।
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शहर को कैटल फ्री बनाने की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, मगर यहां फिर भी लावारिस पशुओं का जमावड़ा रहता है। सुबह घूमने के लिए आने वाले दुलीचंद शर्मा, मनोज कुमार, राजेश कुमार, अविनाश आदि ने बताया कि पार्क में सुबह-सुबह ही अनेक लावारिस पशु घूमते रहते हैं, जो पार्क में लड़ाई भी करते रहते हैं। इससे यहां आने से उनको अब डर भी लगने लगा है।
करीब तीन से चार एकड़ में बने पार्क की रखवाली के लिए यहां पर पर्याप्त कर्मचारी भी नहीं हैं। इसके कारण पार्क की सही देखभाल नहीं हो रही है। इसके अलावा यहां पर लाइटें भी टूट गई हैं। लाइटों के पोल भी कई दिनों से टूटे पड़े हैं। इस ओर भी कोई ध्यान नहीं दे रहा है।
शहर में यह ही एक बड़ा पार्क है, जहां अनेक लोग घूमने के लिए आते हैं, मगर इसकी भी हालत अब खस्ता बनी हुई है। इसे जल्द ठीक किया जाना चाहिए।
-सम्राट नरुला
सुभाष पार्क में गंदगी का आलम रहता है। जिसके कारण यहां अब घूमने में भी बदबू आती है। प्रशासन को चाहिए कि इसको जल्द ठीक किया जाए।
-मनोज कुमार
सुभाष पार्क की घास जल चुकी है, यहां पानी के अभाव में पेड़ पौधे सूखते जा रहे हैं। प्रशासन इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहा है।
-कैलाश जांगड़ा
शहर का यह सबसे बड़ा पार्क है, मगर यहां किसी भी प्रकार की सुविधाएं नहीं हैं। इस कारण लोग अब यहां आने से कतराने भी लगे हैं।
-डॉ. राजेंद्र प्रसाद नरूला
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एक माह में तीन बार इस पार्क का निरीक्षण कर चुके हैं। इस दौरान वार्ड पार्षद भी उनके साथ थे, यहां जो भी कमियां हैं, उनको दूर किया जा रहा है। एक माह में इस पार्क का काया पलट कर दिया जाएगा।
-अभय सिंह, ईओ, नगर परिषद, नारनौल।