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बीटेक के विद्यार्थियों ने एक बार फिर विवि प्रशासन की मुश्किलें ा

Tue, 03 Oct 2017 10:15 PM IST
Updated Tue, 03 Oct 2017 10:15 PM IST
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बीटेक के विद्यार्थियों ने एक बार फिर विवि प्रशासन की मुश्किलें   ा
- सिलेबस पूरा नहीं होने तक नहीं देंगे परीक्षा
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- बात नहीं मानने पर सुसाइड करने की दी चेतावनी
फोटो संख्या:35 से 41
अमर उजाला ब्यूरो
महेंद्रगढ़। हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय के बीटेक के विद्यार्थियों ने एक बार फिर विवि प्रशासन की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। मंगलवार को विद्यार्थियों ने विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ उनकी मांग नहीं जाने पर नारेबाजी भी की। बीटेक प्रथम एवं द्वितीय वर्ष में रिअपीयर वाले विद्यार्थियों ने पूरा सिलेबस करवाने के बाद ही परीक्षा देने से की बात कही है। इससे संबंधित लेटर विद्यार्थियों ने विवि के रजिस्ट्रार रामदत्त को सौंपा दिया है। साथ ही विद्यार्थियों ने प्रशासन को उनकी बात नहीं मानने पर सुसाइड करने की चेतावनी भी लेटर के माध्यम से दी है। जबकि विवि प्रशासन ने रिअपीयर परीक्षा 24 अक्तूबर से करवा रही हैं। जिसके फॉर्म भरने की 4 अक्टूबर की अंतिम तारीख है। अभी तक एक भी विद्यार्थी ने फॉर्म नहीं भरा है। इसके अलावा विद्यार्थी इस मामले को हाई कोर्ट में घसीट ले गए हैं, जिसकी सुनवाई 13 सितंबर को होनी है। वहीं विश्वविद्यालय प्रशासन ने साफ कर दिया है कि विद्यार्थियों को परीक्षा देनी होगी। सिलेबस पूरा करवाने के लिए 2 घंटे की स्पेशल कक्षाएं शुरू करवा दी जाएंगी।

यह था मामला:
आपको बता दें कि हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय के बीटेक रिअपीयर विद्यार्थियों ने 23 अगस्त को विवि में स्टाफ एवं लैब सहित अन्य सुविधाओं की कमी को लेकर धरना प्रदर्शन किया था। उनका कहना था कि स्टाफ एवं लैब सुविधा की कमी के कारण ही उनका परीक्षा परिणाम खराब आया है। दूसरा विवि प्रशासन ने ओरडिनेंस रूल लागू कर दिया है। विवि में उक्त सुविधा मुहैया करवाने को लेकर विद्यार्थी सात दिन तक विवि के गेट पर धरने पर दिन रात डटे रहे है। इसके बाद विवि के वीसी आरसी कुहाड़ ने आश्वासन दिया था कि उन्हें परीक्षा देने का एक और मौका दिया जाएगा। इस मामले को लेकर दस सदस्यीय कमेटी भी गठित की गई थी। तभी जाकर विद्यार्थियों ने अपना धरना समाप्त किया था। कुलपति आरसी कुहाड़ ने एकेडमी काउंसिल की मीटिंग में 20 सितंबर को उक्त विद्यार्थियों को एक और मौका देने के लिए प्रस्ताव पास किया था। उसके लिए विश्वविद्यालय ने फॉर्म निकाले हैं, जिसकी परीक्षा 24 तिसंबर को है।
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सुनवाई होने तक, फॉर्म की तारीख बढ़ाने की मांग की
हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय के बीटेक रीअपीयर विद्यार्थियों ने रजिस्ट्रार से हाई कोर्ट की सुनवाई होने तक परीक्षा के फॉर्म भरने की अंतिम तारीख आगे बढ़ाने की प्रार्थना की है। उन्होंने अपनी यह प्रार्थना लिखित में मंगलवार को रजिस्ट्रार से की है। साथ ही उन्होंने चेतावनी भी दी है कि अगर उनकी यह प्रार्थना स्वीकार नहीं की गई तो बुधवार को सभी विद्यार्थी सुसाइड कर जाएंगे। इससे पहले उन्होंने 29 सितंबर को भी रजिस्ट्रार को पत्र लिखकर विवि द्वारा जारी नोटिस से असंतुष्टि जाहिर की थी। विद्यार्थियों ने पत्र में लिखा था कि जब तक उनका सिलेबस पूरा नहीं हो जाता तब तक वो परीक्षा नहीं देंगे। उन्होंने कहा कि इस मामले को लेकर वो एवं उनके परिजन डिप्रेशन में हैं अगर उनकी बात नहीं मानी तो वो सुसाइड कर लेंगे। इसकी जिम्मेवारी रजिस्ट्रार और हैड ऑफ डिपार्टमेंट की होगी।
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हाई कोर्ट में लगाई याचिका, 13 को है सुनवाई:
हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय के बीटेक छात्र शिव चंदेल एवं कृष्ण कांत ने विवि के खिलाफ हाई कोर्ट में 12 सितंबर को याचिका दायर की थी। विद्यार्थियों की ओर से इस केस को अधिवक्ता आभा राठोड़ लड़ रही हैं। 26 सितंबर को पहली सुनवाई थी किंतु विवि की ओर से इस तारीख पर कोई अधिकारी नहीं पहुंचा अब इसकी अगली सुनाई 13 अक्तूबर को है।
49 विद्यार्थी फेल:
विद्यार्थियों ने बताया कि बीटेक प्रथम एवं द्वितीय सेमेस्टर में कुल 145-145 विद्यार्थी थे जिनमें प्रथम सेमेस्टर में 105 विद्यार्थी तथा द्वितीय सेमेस्टर में 67 विद्यार्थियों के रिअपीयर हैं। दोनों सेमेस्टर में 49 विद्यार्थी फेल हैं, जिनके चार से अधिक पेपर में रिअपीयर आया हुुआ है। बुधवार को परीक्षा फॉर्म भरने की अंतिम तारीख है किंतु अभी तक एक भी विद्यार्थी ने फॉर्म नहीं भरा है।

वर्जन:
हमने हाई कोर्ट में विवि प्रशासन के खिलाफ याचिका दायर की हुई है। 13 अक्टूबर को उनकी सुनवाई है। हम चाहते हैं केस की सुनवाई तक फॉर्म भरने की तारीख बढ़ाई जाए। अभी तक किसी भी विद्यार्थी नक 24 अक्टूबर की परीक्षा के लिए फॉर्म नहीं भरवाया है जबकि विवि प्रशासन उनको फॉर्म भरने के लिए बार-बार फोर्स कर रहे हैं। - शिव चंदेल, विद्यार्थी।

हम 24 अक्तूबर की परीक्षा के फेवर में नहीं है। अभी तक सभी विषयों की 2-2 यूनिट ही पूरी हुई हैं। स्टाफ को पढ़ाने का समय नहीं होता। वो बाहरी कामों में अधिक व्यस्त रहते हैं। जब तक हमारा सिलेबस पूरा नहीं हो जाता तब तक हम परीक्षा नहीं देेंगे। हमने विवि प्रशासन को लिखित में इसकी जानकारी दे दी है। अगर उनकी बात नहीं मानी तो हम सामूहिक आत्महत्या कर लेंगे।- मोनू, विद्यार्थी।

एक अगस्त से हमारी विवि प्रशासन से मीटिंग चल रही है किंतु अभी तक मीटिंग आखिरी नतीजे पर नहीं पहुंची है। अभी उनका सिलेबस पूूरा नहीं हुुआ है। इससे पहले ही परीक्षा की तारीख निकाल दी। यह हमारा अंतिम अवसर है। पहले ही उनका एक वर्ष खराब हो चुका है। अगर कल तक उनकी बात नहीं मानी तो वो कोई भी अनहोनी के लिए कदम उठाने से नहीं चूकेंगे। - अजय, विद्यार्थी।

किसी भी परीक्षा की तैयारी के पूरा समय होना चाहिए। सिलेबस पूरा होना चाहिए। यहां न तो सिलेबस ही पूरा हो पाया है न ही परीक्षा की तैयारी के लिए पूरा समय दिया जा रहा है। उससे पहले ही परीक्षा की तारीख भी निर्धारित कर दी। हमनें विवि प्रशासन से उक्त परीक्षा को आगे बढ़ाने की लिखित में प्रार्थना की है। - नवल किशोर, विद्यार्थी।


विद्यार्थियों के लिए लगाई जाएंगी स्पेशल कक्षाएं:
नए अध्यादेश के अनुसार प्रथम एवं द्वितीय सेमेस्टर में 4 से अधिक पेपर में फेल होने वाले विद्यार्थी फेल माने जाते हैं। 20 सितंबर को एकेडमी काउंसिल की मीटिंग में विद्यार्थियों को स्पेशल चांस देने के लिए एक प्रस्ताव पास किया जा चुका है। प्रस्ताव के अनुसार विद्यार्थियों को परीक्षा की तैयारी के लिए 20 दिन का समय दिया गया है। 24 अक्तूबर को विद्यार्थियों की परीक्षा निर्धारित की गई है, जिनमें पास होना अनिवार्य है।
- राम दत्त, कुल सचिव, हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय, जाट पाली।
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