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इनेलो की पगड़ी तक पहनना पसंद नहीं करता, पार्टी में शामिल होने की बात बहुत दूर : इंद्रजीत सिंह
Updated Mon, 07 May 2018 12:25 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
नारनौल।
केंद्रीय योजना एवं रसायन उर्वरक राज्य मंत्री व अहीरवाल के दिग्गज नेता राव इंद्रजीत सिंह ने कहा कि उनके इनेलो पार्टी में शामिल होने का रूमर उनके विरोधियों द्वारा फैलाया जा रहा है। वे इनेलो की पगड़ी तक पहनना पसंद नहीं करते, शामिल होना तो बहुत दूर की बात है। वे रविवार को यहां दौंगड़ा अहीर में आयोजित विशाल जनसभा को संबोधित कर रहे थे। इस मौके पर राज्य के दो मंत्री, एक एमपी व तीन विधायक भी मौजूद थे, जबकि उनके करीबी माने जाने वाले एक विधायक व डिप्टी स्पीकर संतोष यादव रैली में नजर नहीं आई।
अहीरवाल के दिग्गज नेता राव इंद्रजीत सिंह ने रविवार को यहां के गांव दौंगड़ा अहीर में एक विशाल रैली की। रैली में हजारों लोग पहुंचे। इस मौके पर राव इंद्रजीत सिंह ने इस रैली में ही उनके भाजपा पार्टी छोड़ने व इनेलो में शामिल होने के कयासों पर विराम लगा दिया। उन्होंने कहा कि वे ऐसे नेता की पार्टी में कभी भी शामिल नहीं होंगे जिन पर भ्रष्टाचार का दाग लगा हुआ हो। जब उन्होंने प्रदेश के विधानसभा चुनाव से पूर्व कांग्रेस छोड़ इंसाफ मंच बनाया तो सबसे पहले अभय चौटाला ने ही उनको इनेलो में शामिल होने का न्यौता दिया था। मगर उस वक्त भी वे इनेलो में शामिल नहीं हुए। अब वही नेता यह कहता है कि दल बदलू इंद्रजीत सिंह को हम अपनी पार्टी में शामिल नहीं करेंगे जबकि उनकी पार्टी में जाने का कोई सपने में भी विचार नहीं है।
उन्होंने कहा कि पहले कांग्रेस में शामिल थे तो उनकी उपेक्षा की गई, इसलिए उन्होंने कांग्रेस को छोड़ दिया। गत लोकसभा चुनाव में गुरुग्राम की जनता ने उनको जीत दिलाई। वहीं विधानसभा चुनाव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व यहां की जनता ने भाजपा को भारी बहुमत से दस विधायकों को जिताया, मगर अभी भी इस क्षेत्र के साथ उपेक्षा हो रही है। उन्होंने कहा कि अगर यह पार्टी भी हमें निकालती है तो हम निकल जाएंगे, मगर उनका क्या होगा जिनको यहां की जनता ने जिताया था।
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उन्होंने रैली में शामिल नहीं हुए यहां के दो विधायकों पर कटाक्ष करते हुए कहा कि अब तेरा क्या होगा कालिया। इस मौके पर शिक्षा मंत्री रामबिलास शर्मा, जनस्वास्थ्य मंत्री बनवारीलाल, सांसद धर्मवीर सिंह, नारनौल के विधायक ओमप्रकाश, पटौदी की विधायक बिमला देवी व विधायक विक्रम यादव के अलावा जिला प्रमुख राजेश देवी, मनीष मित्तल, सत्यव्रत शास्त्री, जेपी सैनी, मनदीप यादव, छोटेलाल चेयरमैन व भाजपा के जिला प्रधान शिव कुमार महता उपस्थित रहे।
रैली में नहीं लिया सीएम का नाम
रैली में केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह ने भाजपा के स्थानीय नेताओं को पार्टी के किसी भी बड़े नेता यहां तक कि मुख्यमंत्री तक का नाम नहीं लिया। हालांकि बैनर पोस्टर में तो सीएम की छोटी फोटो लगी हुई थी, मगर उनकी बड़ी फोटो या कट आउट कहीं भी नजर नहीं आया।
संघर्ष करने का कर गए ऐलान
राव इंद्रजीत सिंह यहां के लोगों को संघर्ष करने का ऐलान कर गए। उन्होंने कहा कि यहां के लोगों की रगों में दौड़ने वाला खून अभी गाढ़ा ही है। यहां के लोगों को अपने हकों के लिए हमेशा तैयार रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र को जो मिलना चाहिए था, वह अभी तक नहीं मिला है, इसका उन्हें दुख भी है।
केंद्र सरकार की गिनाई योजना, प्रदेश सरकार के कार्यों का नहीं लिया नाम
राव इंद्रजीत सिंह जब कांग्रेस में मंत्री थे, तब भी वे प्रदेश सरकार से नाराज थे और केंद्र की योजनाओं को गिनाते थे। अब जब भाजपा में हैं तो प्रदेश सरकार से नाराज हैं और केवल केंद्र सरकार की योजनाओं को ही बताते हैं। उन्होंने रविवार को आयोजित रैली में भी केवल केंद्र सरकार की योजनाओं का जिक्र किया।
बेटी को भी कह गए बहन
केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह जब संबोधन के लिए उठे तो मंचासीन सभी पदाधिकारियों के नाम ले रहे थे। इसी दौरान उन्होंने पटौदी विधायक बिमला को बहन कहा, तभी बेटी आरती राव को भी बहन कह गए। इसके बाद उन्होंने अपने शब्द सुधारते हुए बेटी आरती राव कहा।
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नारनौल।
केंद्रीय योजना एवं रसायन उर्वरक राज्य मंत्री व अहीरवाल के दिग्गज नेता राव इंद्रजीत सिंह ने कहा कि उनके इनेलो पार्टी में शामिल होने का रूमर उनके विरोधियों द्वारा फैलाया जा रहा है। वे इनेलो की पगड़ी तक पहनना पसंद नहीं करते, शामिल होना तो बहुत दूर की बात है। वे रविवार को यहां दौंगड़ा अहीर में आयोजित विशाल जनसभा को संबोधित कर रहे थे। इस मौके पर राज्य के दो मंत्री, एक एमपी व तीन विधायक भी मौजूद थे, जबकि उनके करीबी माने जाने वाले एक विधायक व डिप्टी स्पीकर संतोष यादव रैली में नजर नहीं आई।
अहीरवाल के दिग्गज नेता राव इंद्रजीत सिंह ने रविवार को यहां के गांव दौंगड़ा अहीर में एक विशाल रैली की। रैली में हजारों लोग पहुंचे। इस मौके पर राव इंद्रजीत सिंह ने इस रैली में ही उनके भाजपा पार्टी छोड़ने व इनेलो में शामिल होने के कयासों पर विराम लगा दिया। उन्होंने कहा कि वे ऐसे नेता की पार्टी में कभी भी शामिल नहीं होंगे जिन पर भ्रष्टाचार का दाग लगा हुआ हो। जब उन्होंने प्रदेश के विधानसभा चुनाव से पूर्व कांग्रेस छोड़ इंसाफ मंच बनाया तो सबसे पहले अभय चौटाला ने ही उनको इनेलो में शामिल होने का न्यौता दिया था। मगर उस वक्त भी वे इनेलो में शामिल नहीं हुए। अब वही नेता यह कहता है कि दल बदलू इंद्रजीत सिंह को हम अपनी पार्टी में शामिल नहीं करेंगे जबकि उनकी पार्टी में जाने का कोई सपने में भी विचार नहीं है।
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उन्होंने कहा कि पहले कांग्रेस में शामिल थे तो उनकी उपेक्षा की गई, इसलिए उन्होंने कांग्रेस को छोड़ दिया। गत लोकसभा चुनाव में गुरुग्राम की जनता ने उनको जीत दिलाई। वहीं विधानसभा चुनाव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व यहां की जनता ने भाजपा को भारी बहुमत से दस विधायकों को जिताया, मगर अभी भी इस क्षेत्र के साथ उपेक्षा हो रही है। उन्होंने कहा कि अगर यह पार्टी भी हमें निकालती है तो हम निकल जाएंगे, मगर उनका क्या होगा जिनको यहां की जनता ने जिताया था।
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उन्होंने रैली में शामिल नहीं हुए यहां के दो विधायकों पर कटाक्ष करते हुए कहा कि अब तेरा क्या होगा कालिया। इस मौके पर शिक्षा मंत्री रामबिलास शर्मा, जनस्वास्थ्य मंत्री बनवारीलाल, सांसद धर्मवीर सिंह, नारनौल के विधायक ओमप्रकाश, पटौदी की विधायक बिमला देवी व विधायक विक्रम यादव के अलावा जिला प्रमुख राजेश देवी, मनीष मित्तल, सत्यव्रत शास्त्री, जेपी सैनी, मनदीप यादव, छोटेलाल चेयरमैन व भाजपा के जिला प्रधान शिव कुमार महता उपस्थित रहे।
रैली में नहीं लिया सीएम का नाम
रैली में केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह ने भाजपा के स्थानीय नेताओं को पार्टी के किसी भी बड़े नेता यहां तक कि मुख्यमंत्री तक का नाम नहीं लिया। हालांकि बैनर पोस्टर में तो सीएम की छोटी फोटो लगी हुई थी, मगर उनकी बड़ी फोटो या कट आउट कहीं भी नजर नहीं आया।
संघर्ष करने का कर गए ऐलान
राव इंद्रजीत सिंह यहां के लोगों को संघर्ष करने का ऐलान कर गए। उन्होंने कहा कि यहां के लोगों की रगों में दौड़ने वाला खून अभी गाढ़ा ही है। यहां के लोगों को अपने हकों के लिए हमेशा तैयार रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र को जो मिलना चाहिए था, वह अभी तक नहीं मिला है, इसका उन्हें दुख भी है।
केंद्र सरकार की गिनाई योजना, प्रदेश सरकार के कार्यों का नहीं लिया नाम
राव इंद्रजीत सिंह जब कांग्रेस में मंत्री थे, तब भी वे प्रदेश सरकार से नाराज थे और केंद्र की योजनाओं को गिनाते थे। अब जब भाजपा में हैं तो प्रदेश सरकार से नाराज हैं और केवल केंद्र सरकार की योजनाओं को ही बताते हैं। उन्होंने रविवार को आयोजित रैली में भी केवल केंद्र सरकार की योजनाओं का जिक्र किया।
बेटी को भी कह गए बहन
केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह जब संबोधन के लिए उठे तो मंचासीन सभी पदाधिकारियों के नाम ले रहे थे। इसी दौरान उन्होंने पटौदी विधायक बिमला को बहन कहा, तभी बेटी आरती राव को भी बहन कह गए। इसके बाद उन्होंने अपने शब्द सुधारते हुए बेटी आरती राव कहा।