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बारिश की कमी से सूखने लगी बाजरे और ग्वार की फसल
Updated Sat, 29 Jul 2017 12:39 AM IST
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बारिश की कमी से सूखने लगी बाजरे और ग्वार की फसल
अमर उजाला ब्यूरो
निजामपुर। नलवाटी क्षेत्र में बरसात की कमी व सिंचाई के पानी का प्रबंध नहीं होने के कारण बाजरे और ग्वार की फसल सूखने लगी है। इससे किसान चिंतित हैं। सिंचाई के पानी का प्रबंध नहीं होने के कारण इस क्षेत्र के किसान बारिश पर निर्भर खेती करते हैं, क्योंकि इस क्षेत्र का भूमिगत जल स्तर एक हजार फीट से भी अधिक नीचे हैं। सिंचाई के अभाव में इस क्षेत्र किसानों की बाजरा की फसल सूखने लगी है। इससे क्षेत्र में मवेशियों के लिए चारे की समस्या भी आ सकती है। यदि क्षेत्र में बनी नहरों में पानी डाल दिया जाए तो कुछ हिस्से में नहरी पानी से सिंचाई कर फसल को बचाया जा सकता है।
नलवाटी क्षेत्र के किसान, लीलाराम, सूबेसिंह, संदीप, अमीलाल, विजय आदि ने बताया बीजाई के समय बार-बार बारिश होने के कारण किसान बाजरे की बीजाई तीन बार कर चुके हैं। इसका हर बार प्रति एकड़ एक हजार रुपये तक खर्चा आता है। ऐसे में किसान प्रति एकड़ तीन हजार रुपये तक खर्च कर चुके हैं। अब फसल सूखने लगी है। इससे किसानों को दोहरा नुकसान उठाना पड़ेगा। किसानों ने प्रशासन और स्थानीय विधायक से क्षेत्र की नहरों में पानी छोड़ने की मांग की है।
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अमर उजाला ब्यूरो
निजामपुर। नलवाटी क्षेत्र में बरसात की कमी व सिंचाई के पानी का प्रबंध नहीं होने के कारण बाजरे और ग्वार की फसल सूखने लगी है। इससे किसान चिंतित हैं। सिंचाई के पानी का प्रबंध नहीं होने के कारण इस क्षेत्र के किसान बारिश पर निर्भर खेती करते हैं, क्योंकि इस क्षेत्र का भूमिगत जल स्तर एक हजार फीट से भी अधिक नीचे हैं। सिंचाई के अभाव में इस क्षेत्र किसानों की बाजरा की फसल सूखने लगी है। इससे क्षेत्र में मवेशियों के लिए चारे की समस्या भी आ सकती है। यदि क्षेत्र में बनी नहरों में पानी डाल दिया जाए तो कुछ हिस्से में नहरी पानी से सिंचाई कर फसल को बचाया जा सकता है।
नलवाटी क्षेत्र के किसान, लीलाराम, सूबेसिंह, संदीप, अमीलाल, विजय आदि ने बताया बीजाई के समय बार-बार बारिश होने के कारण किसान बाजरे की बीजाई तीन बार कर चुके हैं। इसका हर बार प्रति एकड़ एक हजार रुपये तक खर्चा आता है। ऐसे में किसान प्रति एकड़ तीन हजार रुपये तक खर्च कर चुके हैं। अब फसल सूखने लगी है। इससे किसानों को दोहरा नुकसान उठाना पड़ेगा। किसानों ने प्रशासन और स्थानीय विधायक से क्षेत्र की नहरों में पानी छोड़ने की मांग की है।
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