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बाबा खेतानाथ राजकीय आयुर्वेद कॉलेज में 100 सीटों पर होगा दाखिला
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नारनौल। प्रदेश के मुख्यमंत्री मनोहरलाल ने बाबा खेतानाथ राजकीय आयुर्वेद कॉलेज में बैचलर ऑफ आयुर्वेद, मेडिसिन एंड सर्जरी (बीएएमएस) की 100 सीटों के साथ शुरू करने के लिए अनिवार्यता प्रमाण पत्र जारी करने की स्वीकृति दे दी है। इससे क्षेत्र के युवाओं को आगे बढ़ने का मौका मिलेगा। यह बात प्रदेश के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री ओमप्रकाश यादव ने शुक्रवार कैंप कार्यालय में कही।
उन्होंने कहा कि आयुर्वेद विभाग की ओर से गांव पटीकरा की करीब 65 एकड़ पंचायती भूमि में जिला स्तरीय आयुर्वेद कॉलेज एवं अस्पताल भवन का निर्माण लगभग 20 करोड़ रुपये की लागत से किया गया था। यहां अस्पताल 100 बेड का खोलना तय किया गया था। वहीं कॉलेज के लिए भी 100 सीटें निर्धारित की गई थी। यहां पर पंचकर्म से लेकर आयुर्वेद की विभिन्न पद्धतियों द्वारा मरीजों को उपचार प्रदान करने के साथ-साथ आयुर्वेद चिकित्सकों की पौध तैयार करना सरकार का उद्देश्य है। वर्तमान में जिले में आयुर्वेद विभाग की 31 डिस्पेंसरी एवं नौ आयुष विंग चल रही हैं। जबकि कॉलेज चलना शेष था। अब सीएम ने इसकी अनुमति प्रदान कर दी है। राज्य मंत्री ने बताया कि पिछले दिनों मुख्यमंत्री से कॉलेज के प्रबंधन ने 100 बेड की क्षमता वाले बाबा खेतानाथ राजकीय आयुर्वेदिक कॉलेज एवं अस्पताल नारनौल को शुरू करने के लिए अनिवार्यता प्रमाण पत्र/एनओसी जारी करने का अनुरोध किया था।
सीएम को बताया गया था कि भारतीय चिकित्सा केंद्रीय परिषद (सीसीआईएम) के मानदंडों के अनुसार अस्पताल और कॉलेज के लिए आवश्यक भवन का निर्माण पहले ही पूरा हो चुका है। अस्पताल में आवश्यक उपकरण, मशीनरी और फर्नीचर भी उपलब्ध हैं। इसलिए कॉलेज शुरू करने के लिए सरकार एनओसी दें। उनकी बात को सीएम ने सुना और मंजूरी दी। अब अनापत्ति मिलने से कॉलेज शुरू करने का रास्ता खुल गया है।
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उन्होंने कहा कि आयुर्वेद विभाग की ओर से गांव पटीकरा की करीब 65 एकड़ पंचायती भूमि में जिला स्तरीय आयुर्वेद कॉलेज एवं अस्पताल भवन का निर्माण लगभग 20 करोड़ रुपये की लागत से किया गया था। यहां अस्पताल 100 बेड का खोलना तय किया गया था। वहीं कॉलेज के लिए भी 100 सीटें निर्धारित की गई थी। यहां पर पंचकर्म से लेकर आयुर्वेद की विभिन्न पद्धतियों द्वारा मरीजों को उपचार प्रदान करने के साथ-साथ आयुर्वेद चिकित्सकों की पौध तैयार करना सरकार का उद्देश्य है। वर्तमान में जिले में आयुर्वेद विभाग की 31 डिस्पेंसरी एवं नौ आयुष विंग चल रही हैं। जबकि कॉलेज चलना शेष था। अब सीएम ने इसकी अनुमति प्रदान कर दी है। राज्य मंत्री ने बताया कि पिछले दिनों मुख्यमंत्री से कॉलेज के प्रबंधन ने 100 बेड की क्षमता वाले बाबा खेतानाथ राजकीय आयुर्वेदिक कॉलेज एवं अस्पताल नारनौल को शुरू करने के लिए अनिवार्यता प्रमाण पत्र/एनओसी जारी करने का अनुरोध किया था।
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सीएम को बताया गया था कि भारतीय चिकित्सा केंद्रीय परिषद (सीसीआईएम) के मानदंडों के अनुसार अस्पताल और कॉलेज के लिए आवश्यक भवन का निर्माण पहले ही पूरा हो चुका है। अस्पताल में आवश्यक उपकरण, मशीनरी और फर्नीचर भी उपलब्ध हैं। इसलिए कॉलेज शुरू करने के लिए सरकार एनओसी दें। उनकी बात को सीएम ने सुना और मंजूरी दी। अब अनापत्ति मिलने से कॉलेज शुरू करने का रास्ता खुल गया है।
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