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योग से शरीर बनेगा निरोग, कंट्रोल होंगी लाइफस्टाइल डिजीज: मुकुल
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कुरुक्षेत्र। द्रोणाचार्य स्टेडियम में बुधवार को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस को लेकर योग प्रशिक्षण शिविर का समापन हुआ। इस दौरान उपायुक्त मुकुल कुमार ने कहा कि हम अपनी दिनचर्या में योग को शामिल कर न केवल शरीर को निरोग बना सकते है बल्कि मानसिक तनाव से मुक्ति व लाइफस्टाइल डिजीज जैसे मधुमेह, रक्तचाप आदि बीमारियों को नियंत्रित भी कर सकते हैं।
उपायुक्त ने कहा कि प्रतिदिन हम एक योग मुद्रा के विषय में अध्ययन करें और उससे होने वाले लाभ के बारे में जानकारी अवश्य प्राप्त करें। प्रतिदिन एक-एक मुद्रा या आसन का अभ्यास व उसकी जानकारी के अध्ययन करने से हमारे भीतर स्वास्थ्य के प्रति एक जागृति उत्पन्न होगी।
जिला आयुर्वेदिक अधिकारी डॉ. सुदेश जाटियान ने पादहस्तासन के अभ्यास से जुड़ी जानकारी देते हुए बताया कि इस आसन के अभ्यास में हथेलियों को पैरों की तरफ नीचे ले जाया जाता है। इस आसन के अभ्यास को उत्तानासन भी कहा गया है। इस आसन से मेरुदंड लचीला बनता है, जठराग्नि प्रदीप्त होती है व मासिक धर्म संबंधी विकार भी दूर होते हैं। उन्होंने इस आसन से जुड़ी सावधानियों के बारे में बताया कि दिल व डिस्क संबंधी विकार, उदर शोध, हर्निया, अल्सर, चक्कर संबंधी रोग, ग्लूकोमा व गर्भावस्था के समय इस योगाभ्यास को न करें।
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उपायुक्त ने कहा कि प्रतिदिन हम एक योग मुद्रा के विषय में अध्ययन करें और उससे होने वाले लाभ के बारे में जानकारी अवश्य प्राप्त करें। प्रतिदिन एक-एक मुद्रा या आसन का अभ्यास व उसकी जानकारी के अध्ययन करने से हमारे भीतर स्वास्थ्य के प्रति एक जागृति उत्पन्न होगी।
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जिला आयुर्वेदिक अधिकारी डॉ. सुदेश जाटियान ने पादहस्तासन के अभ्यास से जुड़ी जानकारी देते हुए बताया कि इस आसन के अभ्यास में हथेलियों को पैरों की तरफ नीचे ले जाया जाता है। इस आसन के अभ्यास को उत्तानासन भी कहा गया है। इस आसन से मेरुदंड लचीला बनता है, जठराग्नि प्रदीप्त होती है व मासिक धर्म संबंधी विकार भी दूर होते हैं। उन्होंने इस आसन से जुड़ी सावधानियों के बारे में बताया कि दिल व डिस्क संबंधी विकार, उदर शोध, हर्निया, अल्सर, चक्कर संबंधी रोग, ग्लूकोमा व गर्भावस्था के समय इस योगाभ्यास को न करें।
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