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Kurukshetra News: हिरासत से फरार महिला को भेष बदल के पकड़ा
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कुरुक्षेत्र। पुलिस की हिरासत से फरार हुई आरोपी महिला को पकड़ने के लिए पुलिस को साधु का भेष बनाकर गंगा जी के घाट पर साधुओं के बीच रहना पड़ा। महिला के ठिकाने की भनक लगने के बाद टीम मौके पर पहुंची थी, मगर आरोपी तलाश करना आसान नहीं थी। पुलिस सीधे तौर पर किसी से पूछताछ भी नहीं कर रही थी।
गत माह 12 सितंबर को पुलिस की हिरासत से फरार होने के बाद ज्ञाना देवी निवासी फकीराबाद जिला बदायूं यूपी ट्रेन के जरिए बरेली पहुंच गई थी। यहां करीब एक सप्ताह तक रुकने के बाद अपने गृह जिले बदायूं के कछला पहुंची और यहां गंगाजी घाट पर साधुओं के बीच रहने लगी। यहां से उसे श्रद्धालुओं से खाद्य सामग्री मिलती थी, जिससे उसका गुजारा चल रहा था। यहां छुपे रहने के दौरान आरोपी ने अपने पति के मोबाइल नंबर पर संपर्क किया।
उधर, पुलिस की टीम आरोपी महिला के अपने पति के साथ किसी भी तरह से संपर्क करने की ताक में थी। आरोपी के हिरातस से फरार होने के बाद टीम महिला के निवास पर भी गई थी, मगर यहां से पुलिस के साथ कोई खास सुराग नहीं लगा। तब पुलिस ने साइबर सेल की मदद से उसके पति और उसके मोबाइल नंबर को ट्रैक करना शुरू कर दिया क्योंकि महिला के पास मोबाइल नहीं था और पुलिस भी जानती थी कि महिला कभी न कभी अपने पति से मदद के लिए कॉल जरूर करेगी। पुलिस की यह योजना कामयाब भी रही।
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पुलिस पहले ही उसके पति की लोकेशन लगातार ट्रैक करती रही। महिला का पति उससे मिलने के लिए कई बार कछला भी गया था। यहां से पुलिस को शक हो गया कि आरोपी महिला जरूर यहां छुप कर बैठी है, मगर आरोपी को पकड़ने के लिए पुलिस की मुश्किल आसान नहीं थी, क्योंकि पुलिस के आने की जरा-सी भनक उनकी योजना को बर्बाद कर देती। इसलिए पुलिस की एक टीम ने साधुओं का भेष घाट पर महिला की तलाश जारी रखी।
साधुओं को बांटते थे फल
एएनसी प्रभारी सुरेंद्र पाल ने बताया कि आरोपी महिला को पकड़ने के लिए उनकी टीम साधुओं के बीच रहती थी। अगर पुलिस सीधे तौर पर किसी से महिला के बारे में पूछताछ करती तो आरोपी को पुलिस के आने की भनक लग सकती थी। इसलिए पुलिस टीम साधु के भेष उनके बीच में रहती थी। साथ ही उनको फल और अन्य सामग्री वितरित करती थी। इसी दौरान टीम ने आरोपी महिला को गंगा जी कछला घाट से महिला पुलिस की सहायता से काबू कर लिया।
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गत माह 12 सितंबर को पुलिस की हिरासत से फरार होने के बाद ज्ञाना देवी निवासी फकीराबाद जिला बदायूं यूपी ट्रेन के जरिए बरेली पहुंच गई थी। यहां करीब एक सप्ताह तक रुकने के बाद अपने गृह जिले बदायूं के कछला पहुंची और यहां गंगाजी घाट पर साधुओं के बीच रहने लगी। यहां से उसे श्रद्धालुओं से खाद्य सामग्री मिलती थी, जिससे उसका गुजारा चल रहा था। यहां छुपे रहने के दौरान आरोपी ने अपने पति के मोबाइल नंबर पर संपर्क किया।
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उधर, पुलिस की टीम आरोपी महिला के अपने पति के साथ किसी भी तरह से संपर्क करने की ताक में थी। आरोपी के हिरातस से फरार होने के बाद टीम महिला के निवास पर भी गई थी, मगर यहां से पुलिस के साथ कोई खास सुराग नहीं लगा। तब पुलिस ने साइबर सेल की मदद से उसके पति और उसके मोबाइल नंबर को ट्रैक करना शुरू कर दिया क्योंकि महिला के पास मोबाइल नहीं था और पुलिस भी जानती थी कि महिला कभी न कभी अपने पति से मदद के लिए कॉल जरूर करेगी। पुलिस की यह योजना कामयाब भी रही।
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पुलिस पहले ही उसके पति की लोकेशन लगातार ट्रैक करती रही। महिला का पति उससे मिलने के लिए कई बार कछला भी गया था। यहां से पुलिस को शक हो गया कि आरोपी महिला जरूर यहां छुप कर बैठी है, मगर आरोपी को पकड़ने के लिए पुलिस की मुश्किल आसान नहीं थी, क्योंकि पुलिस के आने की जरा-सी भनक उनकी योजना को बर्बाद कर देती। इसलिए पुलिस की एक टीम ने साधुओं का भेष घाट पर महिला की तलाश जारी रखी।
साधुओं को बांटते थे फल
एएनसी प्रभारी सुरेंद्र पाल ने बताया कि आरोपी महिला को पकड़ने के लिए उनकी टीम साधुओं के बीच रहती थी। अगर पुलिस सीधे तौर पर किसी से महिला के बारे में पूछताछ करती तो आरोपी को पुलिस के आने की भनक लग सकती थी। इसलिए पुलिस टीम साधु के भेष उनके बीच में रहती थी। साथ ही उनको फल और अन्य सामग्री वितरित करती थी। इसी दौरान टीम ने आरोपी महिला को गंगा जी कछला घाट से महिला पुलिस की सहायता से काबू कर लिया।