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Kurukshetra News: नगर पालिका भंग हो या नहीं, हाउस की बैठक में नहीं हो सका फैसला
Sat, 08 Nov 2025 02:07 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र
संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र
Updated Sat, 08 Nov 2025 02:07 AM IST
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इस्माईलाबाद। नगरपालिका रहे या फिर भंग हो, इस पर हाउस की बैठक बेनतीजा रही। सहमति न बन पाने पर वोटिंग कराई गई, जिसमें बैठक में पहुंचे 11 में से चार पार्षद हक में तो चार विरोध में आए। तीन पार्षदों ने वोटिंग से किनारा कर लिया। ऐसे में न नगर पालिका रखे जाने या भंग करने तो न ही शहर का नाम बदलने को लेकर कोई फैसला हो सका। अब दोबारा से बैठक बुलाई जाएगी, जिसमें फिर से चर्चा होगी।
नगरपालिका भंग हो या नहीं तथा शहर के नाम बदलने को लेकर शुक्रवार को नगरपालिका चेयरपर्सन मेघा बंसल की अध्यक्षता में सभी पार्षदों की बैठक नगरपालिका कार्यालय में बुलाई गई थी। सचिव प्रिंस मेहंदीरत्ता ने बताया कि बैठक बेनतीजा रही है। दोबारा से सभी पार्षदों की बैठक के लिए जल्द ही समय निर्धारित कर किया जाएगा। बैठक में 11 पार्षदों ने हिस्सा लिया। नगरपालिका भंग हो या नहीं तथा शहर के नाम परिवर्तन को लेकर बैठक में मौजूद सभी पार्षदों से उनका पक्ष जाना गया तथा अंत में फैसला वोटिंग के जरिए करने पर फैसला हुआ है। उन्होंने बताया कि चार पार्षदों ने नगरपालिका भंग करने तथा चार पार्षदों ने नगरपालिका के हक में वोटिंग की। जबकि तीन पार्षदों ने वोटिंग में हिस्सा नहीं लिया और चार पार्षदों ने बैठक में गैरहाजिर रहे, जिसके चलते बैठक में कोई फैसला नहीं हो सका है।
2018 से ही नपा भंग करने की मांग जारी
2018 में नगरपालिका बनने बाद से ही शहरवासी नगरपालिका को भंग कर ग्राम पंचायत को बहाल करने की मांग कर रहे हैं। जिसके चलते पिछले कई सालों से बैठकों का दौर भी चला। नगरपालिका चेयरमैन चुनाव के समय भी यह मुद्दा काफी गरमाया था। ग्राम पंचायत को बहाल करने को लेकर एक संघर्ष समिति का गठन भी किया गया था। विधानसभा चुनावों में भी यह मुद्दा काफी उठा था तथा सभी राजनैतिक दलों ने जीत के बाद नगरपालिका भंग करने की बात कही थी। बैठक बेनतीजा रहने से लोगों में मायूसी दिखाई दी।
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नगरपालिका भंग हो या नहीं तथा शहर के नाम बदलने को लेकर शुक्रवार को नगरपालिका चेयरपर्सन मेघा बंसल की अध्यक्षता में सभी पार्षदों की बैठक नगरपालिका कार्यालय में बुलाई गई थी। सचिव प्रिंस मेहंदीरत्ता ने बताया कि बैठक बेनतीजा रही है। दोबारा से सभी पार्षदों की बैठक के लिए जल्द ही समय निर्धारित कर किया जाएगा। बैठक में 11 पार्षदों ने हिस्सा लिया। नगरपालिका भंग हो या नहीं तथा शहर के नाम परिवर्तन को लेकर बैठक में मौजूद सभी पार्षदों से उनका पक्ष जाना गया तथा अंत में फैसला वोटिंग के जरिए करने पर फैसला हुआ है। उन्होंने बताया कि चार पार्षदों ने नगरपालिका भंग करने तथा चार पार्षदों ने नगरपालिका के हक में वोटिंग की। जबकि तीन पार्षदों ने वोटिंग में हिस्सा नहीं लिया और चार पार्षदों ने बैठक में गैरहाजिर रहे, जिसके चलते बैठक में कोई फैसला नहीं हो सका है।
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2018 से ही नपा भंग करने की मांग जारी
2018 में नगरपालिका बनने बाद से ही शहरवासी नगरपालिका को भंग कर ग्राम पंचायत को बहाल करने की मांग कर रहे हैं। जिसके चलते पिछले कई सालों से बैठकों का दौर भी चला। नगरपालिका चेयरमैन चुनाव के समय भी यह मुद्दा काफी गरमाया था। ग्राम पंचायत को बहाल करने को लेकर एक संघर्ष समिति का गठन भी किया गया था। विधानसभा चुनावों में भी यह मुद्दा काफी उठा था तथा सभी राजनैतिक दलों ने जीत के बाद नगरपालिका भंग करने की बात कही थी। बैठक बेनतीजा रहने से लोगों में मायूसी दिखाई दी।
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