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धर्मनगरी पहुंचने पर भगत नामदेव जी की घुमान यात्रा का किया स्वागत
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संवाद न्यूज एजेंसी
कुरुक्षेत्र। श्री हजूर साहिब (नांदेड़) से पंजाब-हरियाणा, हिमाचल के गुरुधामों और संत शिरोमणि भगत नामदेव जी की जन्म स्थली घुमान (पंजाब) के दर्शन कर भगत नामदेव जी घुमान यात्रा वापसी पर रात्रि विश्राम के लिए धर्मनगरी पहुंची। सो निहाल-सत श्री अकाल के जयकारों के साथ यात्रा का स्वागत किया गया।
यहां गुरुद्वारा नीलधारी संप्रदाय पिपली साहिब में नीलधारी सम्प्रदाय के प्रमुख बाबा सतनाम सिंह के मार्गदर्शन में नानक-सांई फ़ाउंडेशन के हरियाणा प्रदेशाध्यक्ष तेजिंदर सिंह मक्कड़, हरियाणा सिख परिवार के प्रदेशाध्यक्ष कवलजीत सिंह अजराना, शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी श्री अमृतसर की पूर्व सदस्य बीबी रविंदर कौर, गुरुद्वारा नीलधारी प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष शमशेर सिंह कालड़ा, स्त्री सत्संग सभा गुरुद्वारा छठी पातशाही कुरुक्षेत्र की प्रधान बीबी मनजीत कौर मक्कड़ साहिब संगत ने बोले सो निहाल-सत श्री अकाल के जयकारों के साथ यात्रा का स्वागत किया।
यात्रियों ने गुरुद्वारा साहिब में शीश नवाया और रात्रि लंगर गुरुद्वारा साहिब में ग्रहण किया। सभी यात्री रात्रि विश्राम के लिए जाट धर्मशाला में पहुंचे। गुरुद्वारा साहिब के मैनेजर अमरिंद्र सिंह और हेड ग्रंथी सुच्चा सिंह ने पंधेरी नाथ बोकारे और पूरे जत्थे को सिरोपा सौंपकर स्वागत किया। नानक-सांई फाउंडेशन के हरियाणा प्रदेशाध्यक्ष तेजिंदर सिंह मक्कड़ ने बताया कि भगत नामदेव जी का 753वां जन्मदिन मनाने के लिए यह यात्रा फ़ाउंडेशन के चेयरमैन पंधेरी नाथ बोकारे के नेतृत्व में श्री हजूर साहिब (नांदेड़) से भगत नामदेव जी की जन्म स्थली घुमान (पंजाब) के दर्शन करने गई थी। उन्होंने बताया कि इस यात्रा का उद्देश्य महाराष्ट्र, हरियाणा, पंजाब में आपसी भाईचारा बढ़ाना और संस्कृति का आदान प्रदान करना है। उन्होंने बताया कि इस यात्रा के माध्यम से महाराष्ट्र के श्रद्धालु पंजाब-हरियाणा के गुरुधामों के दर्शन करने के साथ-साथ यहां की संस्कृति से अवगत होते हैं। इस अवसर पर अजीत सिंह, बलबीर सिंह, गुरविंदर सिंह कालड़ा, गुरजोत सिंह, हरदयाल सिंह सहित संगत मौजूद रही।
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कुरुक्षेत्र। श्री हजूर साहिब (नांदेड़) से पंजाब-हरियाणा, हिमाचल के गुरुधामों और संत शिरोमणि भगत नामदेव जी की जन्म स्थली घुमान (पंजाब) के दर्शन कर भगत नामदेव जी घुमान यात्रा वापसी पर रात्रि विश्राम के लिए धर्मनगरी पहुंची। सो निहाल-सत श्री अकाल के जयकारों के साथ यात्रा का स्वागत किया गया।
यहां गुरुद्वारा नीलधारी संप्रदाय पिपली साहिब में नीलधारी सम्प्रदाय के प्रमुख बाबा सतनाम सिंह के मार्गदर्शन में नानक-सांई फ़ाउंडेशन के हरियाणा प्रदेशाध्यक्ष तेजिंदर सिंह मक्कड़, हरियाणा सिख परिवार के प्रदेशाध्यक्ष कवलजीत सिंह अजराना, शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी श्री अमृतसर की पूर्व सदस्य बीबी रविंदर कौर, गुरुद्वारा नीलधारी प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष शमशेर सिंह कालड़ा, स्त्री सत्संग सभा गुरुद्वारा छठी पातशाही कुरुक्षेत्र की प्रधान बीबी मनजीत कौर मक्कड़ साहिब संगत ने बोले सो निहाल-सत श्री अकाल के जयकारों के साथ यात्रा का स्वागत किया।
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यात्रियों ने गुरुद्वारा साहिब में शीश नवाया और रात्रि लंगर गुरुद्वारा साहिब में ग्रहण किया। सभी यात्री रात्रि विश्राम के लिए जाट धर्मशाला में पहुंचे। गुरुद्वारा साहिब के मैनेजर अमरिंद्र सिंह और हेड ग्रंथी सुच्चा सिंह ने पंधेरी नाथ बोकारे और पूरे जत्थे को सिरोपा सौंपकर स्वागत किया। नानक-सांई फाउंडेशन के हरियाणा प्रदेशाध्यक्ष तेजिंदर सिंह मक्कड़ ने बताया कि भगत नामदेव जी का 753वां जन्मदिन मनाने के लिए यह यात्रा फ़ाउंडेशन के चेयरमैन पंधेरी नाथ बोकारे के नेतृत्व में श्री हजूर साहिब (नांदेड़) से भगत नामदेव जी की जन्म स्थली घुमान (पंजाब) के दर्शन करने गई थी। उन्होंने बताया कि इस यात्रा का उद्देश्य महाराष्ट्र, हरियाणा, पंजाब में आपसी भाईचारा बढ़ाना और संस्कृति का आदान प्रदान करना है। उन्होंने बताया कि इस यात्रा के माध्यम से महाराष्ट्र के श्रद्धालु पंजाब-हरियाणा के गुरुधामों के दर्शन करने के साथ-साथ यहां की संस्कृति से अवगत होते हैं। इस अवसर पर अजीत सिंह, बलबीर सिंह, गुरविंदर सिंह कालड़ा, गुरजोत सिंह, हरदयाल सिंह सहित संगत मौजूद रही।
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