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Kurukshetra News: डाडलू, पाडलू और जोगीमाजरा में फिर पानी का कहर, तीसरी बार नष्ट हुई फसलें

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 26 Aug 2023 02:24 AM IST
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Water wreaks havoc again in Dadlu, Padlu and Jogimajra, crops destroyed for the third time
शाहाबाद। खेतों में घुसा मारकंडा का पानी।
शाहाबाद। अंबाला के गांव हेमामाजरा में मारकंडा नदी के बांध कटाव के कारण क्षेत्र के गांव डाडलू, पाडलू और जोगीमाजरा में पानी ने तीसरी बार फिर मार की है। यहां धान की फसल नष्ट हो गई है तो दो से तीन फीट तक जलभराव है। इससे किसानों की चिंता बढ़ गई है, जिसके साथ ही उनके सामने एक बार फिर जीवन चर्चा सामान्य करने की चुनौती खड़ी हो गई है। फसलें नष्ट होने से ग्रामीणों को भारी नुकसान की आंशका जताई जा रही है तो वहीं उनके समक्ष परिवार से लेकर पशुओं का गुजर बसर करने की चुनौती भी खड़ी हो गई है। अमर उजाला ने प्रभावित गांवों का जायजा लिया तो ग्रामीणों में दहशत के साथ-साथ अपना व पशुओं का जीवन चलाने की चिंता दिखाई दी। लोगों ने मांग की कि गांव हेमामाजरा में बांध कटाव दुरुस्त किया जाए।
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गांव पाडलू के किसान सरन सिद्धू ने बताया कि वीरवार से खेतों में पानी आना फिर शुरू हो गया था, जिसके बाद शुक्रवार सुबह दो से तीन फुट पानी पुनः एकत्रित हो गया है। गांव के सरपंच रणजीत सिंह ने बताया कि जब तक अंबाला के गांव हेमामाजरा में बांध कटाव को ठीक नहीं किया जाता तब तक हिमाचल में बारिश होने के बाद मारकंडा नदी का पानी गांव तंदवाल के खेतों के रस्ते यहां दस्तक देता रहेगा। गांव के किसान रमेश ने बताया कि पहले भी मारकंडा नदी का पानी आता था, जो दादूपुर-नलवी नहर के रास्ते आगे बिना कोई नुकसान किए निकल जाता था, लेकिन पिछले वर्ष प्रदेश सरकार ने इस नदी को बंद करने का फरमान जारी कर दिया था, जो सही नहीं है।
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20 हजार क्यूूसिक पानी पहुंचते ही डूबने लगती है फसलें
ग्रामीणों के मुताबिक अंबाला जिले में गांव हेमामाजरा और गेल्हड़ी मारकंडा नदी के किनारे हैं। ग्रामीणों ने खेतों में जाने के लिए बांध को काटकर रास्ता बना रखा है। जब नदी में पानी की मात्रा 20 हजार क्यूसिक पहुंच जाती है तो इन गांवों के खेत पानी में डूबने शुरू हो जाते हैं, जिसके बाद ग्रामीण तुरंत खेतों के नाके तोड़कर गांव तंदवाल और तंदवाली के खेतों की तरफ मोड़ देते हैं। गांव तंदवाली के खेतों के रास्ते यह पानी गांव राउमाजरा और वहां से खेतों के रास्ते यह पानी शाहाबाद के गांव डाडलू और पाडलू में खेतों को डुबो देता है। 11 जुलाई को यही से पानी ने गांव रावा, जोगी माजरा और अनाजमंडी के रास्ते शाहाबाद की अटारी कालोनी और हुडा में प्रवेश किया था और बाढ़ का कारण भी बना था।
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मारकंडा में जलस्तर 14 हजार पहुंचा तो मिली बड़ी राहत
मारकंडा नदी में शुक्रवार शाम को 14 हजार 229 क्यूसेक पानी बहने लगा था। इससे पहले वीरवार को यह 26 हजार क्यूसेक तक पहुंच गया था। पानी कम होने पर आसपास के लोगों ने भी बड़ी राहत की सांस ली है। उधर, गेज रीडर रविंदर ने बताया कि कालाअम्ब की पहाड़ियों में बारिश अभी बंद है और बेगना और रुन नदी में भी जलस्तर पहले से घटा है, जिसके चलते मारकंडा में भी पानी का स्तर कम हुआ है। वहीं गांव कठवा में भी नदी का पानी सड़कों से देर शाम तक उतरने लगा था।
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