{"_id":"5f5bd52c8ebc3e435a5fbc71","slug":"undertril-prisoner-s-death-in-jail-kurukshetra-news-knl43907076","type":"story","status":"publish","title_hn":"अपहरण के मामले में जेल में बंद विचाराधीन बंदी की मौत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अपहरण के मामले में जेल में बंद विचाराधीन बंदी की मौत
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अपहरण मामले में जिला जेल में बंद विचाराधीन बंदी की मौत हो गई है। बंदी की मौत होने की सूचना प्रशासन को दी गई। प्रशासन के निर्देश पर ड्यूटी मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में चिकित्सकों के पैनल ने शव का पोस्टमार्टम किया। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया। मृतक के स्वजनों ने आरोप लगाया है कि कोई जहरीले जीव के काटने से बंदी की मौत हुई है। जिसे समय रहने उपचार नहीं दिलाया गया।
बता दें कि यमुनानगर के छछरौली के गांव कोर्ट मुस्तरका निवासी रणदीप जिला जेल में अपहरण के मामले में बंद था। रणदीप के पुत्र परविंद्र का आरोप है कि दो दिन पहले उसके पिता को जेल के अंदर ही किसी जहरीले जीव ने काट लिया था, जिससे उसकी हालत बिगड़ गई थी। कोरोना के चलते उन्हें उपचार के लिए सिविल अस्पताल में भर्ती नहीं कराया गया। न ही उनकी देखभाल के लिए जेल में गारद लगाई गई। उनका आरोप है कि जेल अस्पताल में ही उनका इलाज कराया गया। उनकी हालत बिगड़ती चली गई। वीरवार को रात को उनकी हालत ज्यादा बिगड़ने पर उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया। जेल प्रशासन की ओर से उनके पास फोन आया था कि उसके पिता की तबीयत खराब होने पर उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया है। कुछ देर बाद उनके पास फोन आया कि उसके पिता की मौत हो गई है।
शुगर की बीमारी से पीड़ित था बंदी
जिला जेल के उपाधीक्षक रमेश सिंह ने बताया कि नौ मई 2019 को रणदीप को अपहरण के मामले में जेल में बंद किया गया था। उसे शुगर की बीमारी थी। वह कई बार जेल अस्पताल में भर्ती रहा है। कई बार तबीयत बिगड़ने पर उसे लोकनायक जयप्रकाश अस्पताल में भी भर्ती कराया गया। वीरवार रात को रणदीप की तबीयत बिगड़ने पर उसे रात डेढ़ बजे जेल से लोकनायक जयप्रकाश अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां से सुबह तीन बजे उसे जेल में लाया गया। उसके बाद शुक्रवार सुबह आठ बजे फिर से रणदीप की तबीयत बिगड़ने पर उसे एलएनजेपी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उसकी मौत हो गई। बंदी की मौत की जानकारी प्रशासन को दी। प्रशासन के आदेश पर मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में चिकित्सकों के पैनल से पोस्टमार्टम कराया गया है। जिसकी रिपोर्ट आने के बाद मौत के कारणों का पता चलेगा। मृतक के पुत्र के आरोप बेबुनियाद हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट व बिसरा रिपोर्ट से मौत के कारण स्पष्ट हो जाएंगे।
विज्ञापन
तीन मई 2019 को हुआ था अपहरण का केस दर्ज
थाना लाडवा पुलिस ने तीन मई 2019 को आरोपित के खिलाफ अपहरण व आर्म एक्ट के तहत मामला दर्ज किया था। पुलिस ने आरोपित को गिरफ्तार कर नौ मई को जिला जेल में बंद कराया था।
विज्ञापन
बता दें कि यमुनानगर के छछरौली के गांव कोर्ट मुस्तरका निवासी रणदीप जिला जेल में अपहरण के मामले में बंद था। रणदीप के पुत्र परविंद्र का आरोप है कि दो दिन पहले उसके पिता को जेल के अंदर ही किसी जहरीले जीव ने काट लिया था, जिससे उसकी हालत बिगड़ गई थी। कोरोना के चलते उन्हें उपचार के लिए सिविल अस्पताल में भर्ती नहीं कराया गया। न ही उनकी देखभाल के लिए जेल में गारद लगाई गई। उनका आरोप है कि जेल अस्पताल में ही उनका इलाज कराया गया। उनकी हालत बिगड़ती चली गई। वीरवार को रात को उनकी हालत ज्यादा बिगड़ने पर उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया। जेल प्रशासन की ओर से उनके पास फोन आया था कि उसके पिता की तबीयत खराब होने पर उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया है। कुछ देर बाद उनके पास फोन आया कि उसके पिता की मौत हो गई है।
विज्ञापन
शुगर की बीमारी से पीड़ित था बंदी
जिला जेल के उपाधीक्षक रमेश सिंह ने बताया कि नौ मई 2019 को रणदीप को अपहरण के मामले में जेल में बंद किया गया था। उसे शुगर की बीमारी थी। वह कई बार जेल अस्पताल में भर्ती रहा है। कई बार तबीयत बिगड़ने पर उसे लोकनायक जयप्रकाश अस्पताल में भी भर्ती कराया गया। वीरवार रात को रणदीप की तबीयत बिगड़ने पर उसे रात डेढ़ बजे जेल से लोकनायक जयप्रकाश अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां से सुबह तीन बजे उसे जेल में लाया गया। उसके बाद शुक्रवार सुबह आठ बजे फिर से रणदीप की तबीयत बिगड़ने पर उसे एलएनजेपी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उसकी मौत हो गई। बंदी की मौत की जानकारी प्रशासन को दी। प्रशासन के आदेश पर मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में चिकित्सकों के पैनल से पोस्टमार्टम कराया गया है। जिसकी रिपोर्ट आने के बाद मौत के कारणों का पता चलेगा। मृतक के पुत्र के आरोप बेबुनियाद हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट व बिसरा रिपोर्ट से मौत के कारण स्पष्ट हो जाएंगे।
विज्ञापन
तीन मई 2019 को हुआ था अपहरण का केस दर्ज
थाना लाडवा पुलिस ने तीन मई 2019 को आरोपित के खिलाफ अपहरण व आर्म एक्ट के तहत मामला दर्ज किया था। पुलिस ने आरोपित को गिरफ्तार कर नौ मई को जिला जेल में बंद कराया था।