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केयू में दो सप्ताह के रिफ्रेशर कोर्स का हुआ शुभारंभ
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कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के वाणिज्य विभाग और मानव संसाधन विकास केंद्र के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित ’महामारी के बाद के युग में व्यापार और शिक्षा को को नया स्वरूप देना’ विषय पर दो सप्ताह चलने वाले रिफ्रेशर कोर्स का ऑनलाइन शुभारंभ किया गया। रिफ्रेशर कोर्स का शुभारंभ विश्वविद्यालय के कुलगीत से हुआ। इसके पश्चात मानव संसाधन विकास केंद्र की निदेशक प्रो. नीरा वर्मा ने प्रतिभागियों को केयू की उपलब्धियों और पाठ्यक्रम की मुख्य विशेषताओं से परिचित कराया।
इस अवसर पर वाणिज्य विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. तेजेंद्र शर्मा ने पाठ्यक्रम का संक्षिप्त विवरण प्रस्तुत किया और उच्च शिक्षा के लिए महामारी की अवधि के दौरान आने वाले कठिन समय पर भी जोर दिया। उन्होंने नई शिक्षा नीति को लागू करने की भी बात कही। कहा कि नई शिक्षा नीति मुद्दा नहीं है, बल्कि इसे चरणबद्ध तरीके से लागू करना चर्चा का विषय है। उन्होंने शिक्षण, सीखने और अनुसंधान के नवीन तरीकों पर जोर दिया।
बताया कि आज की महामारी और कई विषयों की प्रासंगिकता को ध्यान में रखते हुए पाठ्यक्रम की पूरी संरचना कैसे बनाई गई है। मुख्य अतिथि प्रो. अरविंद कुमार ने अपने तकनीकी सत्र में कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व की अवधारणा और विकास पर जोर दिया। दूसरे सत्र में प्रो. मजहर आसिफ ने नई शिक्षा नीति से संबंधित विभिन्न प्रमुख बिंदुओं के बारे में बताया। तीसरे और चौथे सत्र के मुख्य वक्ता दिल्ली तकनीकी विश्वविद्यालय के प्रोफेसर केवी भानुमूर्ति ने अनुसंधान की मूल बातें विस्तार से बताई और अच्छे शोध के गुणों और उच्च स्तरीय अनुसंधान में योगदान करने के तरीके पर भी प्रकाश डाला। वाणिज्य विभाग के प्रो. महावीर नरवाल ने बताया कि देश भर से विभिन्न विषयों के 58 प्रतिभागी पाठ्यक्रम में शामिल हुए हैं। डॉ. रश्मि चौधरी और उनकी टीम ने सत्र की तकनीक को अत्यंत सहजता से प्रबंधित किया। इस मौके पर प्रो. नीलम ढांडा, प्रो. अजय सुनेजा, प्रो. सुभाष चंद्र शोधार्थी स्मृति सहित अन्य उपस्थित रहे।
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इस अवसर पर वाणिज्य विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. तेजेंद्र शर्मा ने पाठ्यक्रम का संक्षिप्त विवरण प्रस्तुत किया और उच्च शिक्षा के लिए महामारी की अवधि के दौरान आने वाले कठिन समय पर भी जोर दिया। उन्होंने नई शिक्षा नीति को लागू करने की भी बात कही। कहा कि नई शिक्षा नीति मुद्दा नहीं है, बल्कि इसे चरणबद्ध तरीके से लागू करना चर्चा का विषय है। उन्होंने शिक्षण, सीखने और अनुसंधान के नवीन तरीकों पर जोर दिया।
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बताया कि आज की महामारी और कई विषयों की प्रासंगिकता को ध्यान में रखते हुए पाठ्यक्रम की पूरी संरचना कैसे बनाई गई है। मुख्य अतिथि प्रो. अरविंद कुमार ने अपने तकनीकी सत्र में कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व की अवधारणा और विकास पर जोर दिया। दूसरे सत्र में प्रो. मजहर आसिफ ने नई शिक्षा नीति से संबंधित विभिन्न प्रमुख बिंदुओं के बारे में बताया। तीसरे और चौथे सत्र के मुख्य वक्ता दिल्ली तकनीकी विश्वविद्यालय के प्रोफेसर केवी भानुमूर्ति ने अनुसंधान की मूल बातें विस्तार से बताई और अच्छे शोध के गुणों और उच्च स्तरीय अनुसंधान में योगदान करने के तरीके पर भी प्रकाश डाला। वाणिज्य विभाग के प्रो. महावीर नरवाल ने बताया कि देश भर से विभिन्न विषयों के 58 प्रतिभागी पाठ्यक्रम में शामिल हुए हैं। डॉ. रश्मि चौधरी और उनकी टीम ने सत्र की तकनीक को अत्यंत सहजता से प्रबंधित किया। इस मौके पर प्रो. नीलम ढांडा, प्रो. अजय सुनेजा, प्रो. सुभाष चंद्र शोधार्थी स्मृति सहित अन्य उपस्थित रहे।
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