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कुरुक्षेत्र के इतिहास में द्वापर से कोरोनाकाल तक हर सूर्यग्रहण पर जुड़ा नया अध्याय

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 20 Jun 2020 10:57 PM IST
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Today surya grahan mela
इसरो के आदित्य मिशन के तहत धर्मक्षेत्र कुरुक्षेत्र में नजर आने वाले कंगनाकार सूर्य ग्रहण पर शोध किया जाएगा। इसकी पुष्टि कुरुक्षेत्र पहुंचे वैज्ञानिकों के एक शिष्टमंडल ने की है। वैसे द्वापर से कोरोनाकाल के बीच अनगिनत सूर्यग्रहण मेले धर्मक्षेत्र कुरुक्षेत्र में लगे और अब तक लगे तमाम सूर्यग्रहण मेलों का अपना एक अलग इतिहास है। धर्मग्रंथों में कुरुक्षेत्र सूर्यग्रहण मेले पर भगवान श्रीकृष्ण और गोपियों के मिलन का उल्लेख मिलता है। कोरोनाकाल से पहले तक अधिकांश सूर्यग्रहण मेलों में यहां लाखों श्रद्धालु मोक्ष की डुबकी लगाने के लिये पहुंच चुके हैं। मुगल शासक अकबर, सिखों के प्रथम गुरु नानकदेव जी महाराज सहित कई राजा महाराजाओं और बड़े संत महात्माओं के पहुंचने का उल्लेख मिलता है। वहीं, कोरोनाकाल में 21 जून 2020 का सूर्यग्रहण कई मामलों में अजब गजब माना जा रहा है। इस सूर्यग्रहण के साथ कई नये घटनाक्रम हैं धर्मक्षेत्र के इतिहास में दर्ज होने जा रहे हैं। इस बार कोरोनाकाल की वजह से सूर्यग्रहण मेला तो नहीं लगेगा, लिहाजा चुनिंदा संत महात्मा एक अनुष्ठान के साथ धार्मिक परंपरा निभाने वाले हैं। पहले इस सूर्यग्रहण में 20 लाख से अधिक श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद थी, मगर वैश्विक महामारी के बीच यहां श्रद्धालु न पहुंचे इसके लिये सरकार ने 19 जून रात 9 बजे से 21 जून शाम चार बजे तक कर्फ्यू लगाया है।
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बता दें कि साल 2011 के सर्वेक्षण के लिहाज से कुरुक्षेत्र जिले की जनसंख्या 9 लाख 64 हजार 655 है, यानी अब करीब 10 लाख से अधिक। सदियों से जहां कुरुक्षेत्र के सूर्यग्रहण मेलों में लाखों श्रद्धालु मोक्ष की डुबकी लगाने यहां पहुंचते थे, वहीं पूरे जिला में कर्फ्यू के चलते लाखों लोग घरों कैद होंगे। क्योंकि इस सूर्यग्रहण में सिर्फ चार प्रमुख संतों सहित करीब 100 लोग सूर्यग्रहण के अवसर धार्मिक परंपरा का निर्वहन करने और अनुष्ठान की अनुमति मिली है।
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इस अनुष्ठान के लिये ब्रह्मसरोवर के वीवीआईपी घाट पर दो जगह फुली एयर कंडीशनर भव्य पंडाल लगाए गए हैं, जिनमें करीब तीन घंटे तक अनुष्ठान चलेगा। ब्रह्मसरोवर के वीवीआईपी घाट पर होने वाले इस अनुष्ठान में भाग लेने वाले इन 130 लोगों में प्रमुख रूप से चार संत महात्मा, काशी, कुरुक्षेत्र और वृंदावन के 75 कर्मकांडी ब्राह्मण, अखाड़ा परंपरा के 12 महंत, कुछ राजनेता और जिला प्रशासन और कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड के अधिकारी मौजूद रहेंगे। सूर्यग्रहण पर यह अनुष्ठान विश्व शांति और कोरोना महामारी के लिये किया जा रहा है।
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आकाश में सूर्यग्रहण के समय दिखेगी दो मीटर नीली लाइन : डॉ. प्रवीण
शनिवार को हरियाणा साइंस एवं तकनीकी विभाग के महानिदेशक डॉ. प्रवीण, केंद्र सरकार से आए वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. अरविंद, डॉ. पुरुषोत्तम सहित कई अन्य वैज्ञानिक शनिवार को ब्रह्मसरोवर पर पहुंचे। बातचीत इन्होंने ने बताया कि कुरुक्षेत्र में सूर्यग्रहण का मुख्य केंद्र रहेगा और इस सूर्य ग्रहण के अद्वितीय ब्रहामंडिय दृश्यों पर शोध करने के लिए भारत सरकार के विज्ञान प्रसार की टीम पहुंची है। यह टीम ब्रह्मसरोवर और आसपास के क्षेत्र में दो टेलीस्कोप लगाएगी। यह टेलीस्कोप वहां पर स्थापित किए जाएंगे जहां पर आकाश में सूर्यग्रहण के समय दो मीटर नीली लाइन नजर आएगी। इन्होंने बताया कि कुरुक्षेत्र के नजर आने वाले कंगनाकार सूर्य ग्रहण पर इसरो के आदित्य मिशन के तहत शोध होगा।
इंडिया साइंस के सोशल लिंक पर विदेशों में सीधा प्रसारण
डॉ. प्रवीण ने बताया कि कंगनाकार सूर्यग्रहण का सीधा प्रसारण इंडिया साइंस द्वारा कुरुक्षेत्र से किया जाएगा। लाइव स्ट्रीम के लिए डब्लयूडब्लयूडब्लयूडाट फेसबुकडॉटकॉम/ग्रुपस/वीआईपीएनईटीडॉटविज्ञानप्रसारनेटवर्क, यूट्यूब के लिंक डब्लयूडब्लयूडब्लयूडॉटयूटयूबडॉटकॉम/यूजर/विज्ञानप्रसार-1 तथा इंडिया साइंस के लिंक डब्लयूडब्लयूडब्लयूडॉटइंडियासाइंसडॉटइन/ पर देख सकेंगे। इसके अलावा विख्यात धार्मिक टीवी चैनलों, न्यूज चैनलों और सोशल मीडिया के माध्यम से भी सीधा प्रसारण होगा।
एक रोचक पहलू ये भी
कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड से मिली जानकारी के अनुसार जहां 100 से भी कम लोग अनुष्ठान में भाग ले रहे हैं, वहीं जिला सूचना लोक संपर्क विभाग से मिली जानकारी के अनुसार सूर्यग्रहण के इस अनुष्ठान की कवरेज के लिये स्थानीय मीडिया कर्मियों सहित दिल्ली, चंडीगढ़ और दूसरे स्थानों से आने वाले 85 लोगों के विशेष पास बनाये जा चुके हैं। रोचक पहलू ये रहेगा कि यह पहली बार होगा कि कुरुक्षेत्र में जिस कार्यक्रम में 100 लोग भाग ले रहे हैं, उसकी कवरेज के लिये इतनी बड़ी कवरेज टीम उपलब्ध रहेगी।
वीवीपीआई घाट पर एयरकंडीशनर मीडिया सेंटर
ब्रह्मसरोवर के तट पर हाईटेक सुविधाओं से लैस एयरकंडीशनर मीडिया सेंटर बनाया गया है, जिसमें ठंडक के लिये पांच स्टैंडिंग एसी और चार जैंबो एयर कूलर लगाए गए हैं। इसके अलावा मीडिया सेंटर में कंप्यूटर, प्रिंटर, स्कैनर, वाईफाई इंटरनेट सेवा जैसी अन्य कई सुविधाएं उपलब्ध रहेंगी। हालांकि ब्रह्मसरोवर के चारों ओर नाकाबंदी कर दी गई है, सिर्फ वही लोग यहां तक पहुंच सकेंगे, जिनके पास प्रशासन द्वारा दिया गया विशेष पास होगा।
सभी का होगा रेड कारपेट वेलकम
ब्रह्मसरोवर के वीवीपीआई घाट पर अनुष्ठान में शामिल हो रहे संत महात्माओं का रेड कारपेट वेलकम होगा। सुबह पौने 10 बजे स्वागत के बाद तीन संत सूर्यग्रहण और अनुष्ठान के बारे संबोधित करेंगे। इसके लिये ब्रह्मसरोवर के चारों लाउडस्पीकर लगाए गये हैं। सूर्यग्रहण स्पर्श के साथ अनुष्ठान शुरू होगा और मोक्ष तक चलेगा। तत्पश्चात सूर्यग्रहण के अवसर पर होने वाले शाही स्नान की परंपरा को चुनिंदा अखाड़ों के संत-महात्मा निभाएंगे।
प्रचंड गर्मी में तप खूब देखे, पर एसी अनुष्ठान पहली बार...
प्रचंड गर्मी के सीजन में जब भी सूर्यग्रहण का मेला आता था तब यहां कैंपों में उन संत महात्माओं के दर्शनों के लिये भारी भीड़ उमड़ती थी, जोकि आग के दर्जनों अलाव जलाकर इसकी तपती आंच मध्य समाधि लगाकर तप करते थे। अकसर कैमरों का रूख भी ऐसे दृश्य पर होता था, मगर यह पहली बार होगा जब मीडिया सूर्यग्रहण पर ब्रह्मसरोवर तट पर लगे फुली एयरकंडीशनर पंडाल में होने वाले अनुष्ठान की कवरेज करेंगे।
पहले करोड़ों में इस बार महज 20 से 40 लाख बजट
कुरुक्षेत्र में पिछले तीस में गीता जयंती उत्सव ने बड़ा स्वरूप लिया है, मगर ब्रिटिशकाल से कुरुक्षेत्र में जब भी सूर्यग्रहण लगा, इसके लिये व्यवस्था जुटाने के लिये सरकारी बजट रखा गया। पिछले वर्षों में प्रचार और तमाम तरह की व्यवस्था के लिये यह बजट करोड़ों में होता था, मगर इस बार यह बजट करीब 20 से 40 लाख के बीच खर्च होने का अनुमान है। संभवत: पिछले सूर्यग्रहण मेलों की अपेक्षा यह सबसे कम बजट सूर्यग्रहण पर खर्च होगा।
ये चार प्रमुख संत और अन्य महंत पहुंचेंगे
इस धार्मिक अनुष्ठान में गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद महाराज, कार्ष्णि पीठाधीश्वर स्वामी गुरु शरणानंद जी महाराज रमनरेती वाले, पथमेड़ा गोशाला के संत दथ शरणानंद जी महाराज, स्वामी राजेंद्र दास जी महाराज, श्रीदेवीकूप भद्रकाली शक्तिपीठ के पीठाधीश पंडित सतपाल शर्मा, महेश मुनी के साथ अन्य संत महात्मा पूजा अर्चना करेंगे।
आवश्यक व्यवस्था के लिये दिये हैं निर्देश : डीसी
डीसी धीरेंद्र खड़गटा ने बताया कि कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए आपातकालीन सेवाओं, नगर पालिका सेवाओं, ड्यूटी पर कार्यरत अधिकारियों, पुलिस विभाग, यूनिफार्म में मिलिट्री और पैरामिलिट्री पर्सनल, स्वास्थ्य, बिजली सेवाओं के साथ-साथ सरकारी मशीनरी जो कोविड-19 के दौरान ड्यूटी पर तैनात रहेंगे। पिहोवा सरस्वती तीर्थ के लिए भी एसडीएम पिहोवा सोनू राम को सूर्य ग्रहण के समय सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के आवश्यक दिशा-निर्देश दिए हैं।

750 पुलिस अधिकारी कर्मचारी और 52 नाके लगाए : एसपी
एसपी आस्था मोदी ने बताया कि सूर्यग्रहण के समय ब्रह्मसरोवर, सन्निहित सरोवर और अन्य सरोवरों पर दान देने और स्नान करने की अनुमति नहीं होगी। इस सूर्यग्रहण में सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए 21 जून को सायं 4 बजे तक कर्फ्यू रहेगा। जिले में कुल 52 नाके, इंटर-स्टेट, इंटर-डिस्ट्रिक और ब्रह्मसरोवर के चारों तरफ बेरिकेटिंग के साथ सुरक्षा-व्यवस्था और पेट्रोलिंग होगी। सुरक्षा व्यवस्था पर 750 पुलिस अधिकारियों, कर्मचारियों के अलावा लोकल पुलिस और एसएचओ की ड्यूटी पर तैनात रहेंगे।
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