{"_id":"62cb383dd76ce955a11cf929","slug":"there-was-a-boom-in-the-markanda-river-administration-alert-kurukshetra-kurukshetra-news-knl1142397113","type":"story","status":"publish","title_hn":"कुरुक्षेत्र: मारकंडा नदी में आया उफान, गांव कठवा की सड़कों पर पहुंचा पानी, प्रशासन सतर्क","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कुरुक्षेत्र: मारकंडा नदी में आया उफान, गांव कठवा की सड़कों पर पहुंचा पानी, प्रशासन सतर्क
Mon, 11 Jul 2022 02:12 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहाबाद, कुरुक्षेत्र (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहाबाद, कुरुक्षेत्र (हरियाणा)
Published by: अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 11 Jul 2022 02:12 AM IST
सार
एसडीएम कपिल शर्मा ने सभी पटवारियों, ग्राम सचिवों की ड्यूटी लगाकर नदी के साथ लगते गांवों का ध्यान रखने के निर्देश दिए हैं। किसी गांव में पानी अधिक हो तो वहां पर सुरक्षा प्रबंध किए जाए।
विज्ञापन
पहाड़ों पर बारिश होने से मारकंडा नदी में बढ़ा जलस्तर। संवाद
- फोटो : Kurukshetra
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
हरियाणा के कुरुक्षेत्र में मारकंडा नदी उफान पर है। नदी में रविवार तड़के आए पानी की मात्रा 10 हजार क्यूसेक आंकी गई है। नदी का पानी साथ लगते गांव कठवा की सड़कों पर पहुंच गया, लेकिन किसी तरह का कोई नुकसान नहीं हुआ है। नदी में उफान आने के बाद प्रशासन सतर्क हो गया।
विज्ञापन
एसडीएम कपिल शर्मा ने सभी पटवारियों, ग्राम सचिवों की ड्यूटी लगाकर नदी के साथ लगते गांवों का ध्यान रखने के निर्देश दिए हैं। किसी गांव में पानी अधिक हो तो वहां पर सुरक्षा प्रबंध किए जाए। सुरक्षा के दृष्टिगत नदी के साथ लगते गांवों में मुनादी कराई गई और गांव वालों को सतर्क रहने की अपील की गई। वहीं बच्चों को नदी के आस-पास न जाने देने का संदेश दिया गया।
विज्ञापन
गेज रीडर रविंद्र कुमार ने बताया कि शनिवार देर रात नदी में पानी आना शुरू हुआ और रविवार को सुबह 9 बजे तक नदी का लेवल दस हजार क्यूसेक तक आंका गया है। पहाड़ों पर बरसात जारी है। इससे मारकंडा नदी में और पानी आ सकता है। नदी का जलस्तर बढ़ता है कि तो आसपास के गांवों में समस्या हो सकती है।
विज्ञापन
उल्लेखनीय है कि नदी के साथ लगते बाजीगर कॉलोनी, अरुप नगर, गुमटी, दयाल नगर, मुगल माजरा, मदनपुर व मोहनपुर आदि गांवों के अलावा अनेक डेरे भी बाढ़ की चपेट में आ जाते हैं। गर्मी के कहर के कारण मारकंडा नदी की गोद अभी तक जल से सूनी पड़ी थी। नदी की रेत आग से भी ज्यादा तप रही थी और लोग टकटकी लगाकर मानसून के आने तथा नदी में पानी बहने की प्रतीक्षा कर रह रहे थे।
लोगों का मानना है कि हर वर्ष जून के आखिरी और जुलाई के शुरुआती दिनों में मारकंडा नदी में उफान आता। उल्लेखनीय है कि हिमाचल प्रदेश में काला आंब की पहाड़ियों से बहती हुए मारकंडा नदी शाहाबाद पहुंचती है और आगे गुहला-चीका के निकट घग्गर नदी में मिल जाती है।