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Kurukshetra News: नींद में ही मौत की नींद सो गए मजदूर
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कुरुक्षेत्र। स्टर्लिंग रिजाॅर्ट के कमरे में पांचों मजदूरों के शव अपने अपने कंबल के अंदर मिले। जो जहां सोया था, वहीं पर मौत की नींद सो गया। दबे पांव आई मौत ने इतनी खामोशी से अपने आगोश में लिया कि कोई अपनी जगह से हिल भी नहीं पाया।
सुबह करीब 11 बजे सफाई कर्मचारी कंवरपाल कमरा साफ करने के लिए पहुंचे। उन्होंने बताया कि कमरा अंदर से बंद था। दरवाजा खटखटाने पर भी अंदर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई। खिड़की से झांका तो अंदर धुआं भरा था। कुछ पता नहीं चल रहा था। इस पर सुपरवाइजर उपेंद्र को जानकारी दी। उपेंद्र ने पुलिस को बताया।
पुलिस दरवाजा तोड़कर कमरे में दाखिल हुई। उपेंद्र और कंवरपाल साथ थे। कंवरपाल ने बताया कि उसने एक एक कर पांचों मजदूरों को हिला-डुलाकर देखा। पांचों की मौत हो चुकी थी। जिस अवस्था में सोए होंगे, वैसी में ही कंबल के अंदर शव थे। कमरे में एक तरफ तसले में कोयले जल रहे थे। धुएं की वजह से वहां रुकना मुश्किल हो रहा था। इस दौरान रिजॉर्ट संचालक आनंद बजाज भी पहुंच गए।
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एक ही कमरे में था दरवाजा, उसी में सो गए
आनंद बजाज ने पुलिस को बताया कि रिजाॅर्ट का निर्माण कार्य चल रहा है। कई कमरे बन चुके हैं। इनमें सिर्फ एक ही कमरा है जिस पर दरवाजा लग चुका है। मजदूर रात में उसी कमरे में सो गए। ठंड बहुत ज्यादा थी, इसलिए कोयले जला लिए होंगे। ताप मिलने पर नींद आ गई होगी। कोयले बुझाना ध्यान नहीं रहा होगा। इस कमरे में जो खिड़की है, वह भी बंद है। इस वजह से धुआं अंदर ही रहा। इसी धुएं में दम घुट गया। थाना प्रभारी दिनेश राणा ने बताया कि पहली नजर में तो यह मामला धुएं से दम घुट जाने का ही लग रहा है। बुधवार को शवों का पोस्टमार्टम होगा। इसमें मौत की वजह पता चल सकेगी। फोरेंसिक एक्सपर्ट डाॅ. नरेश सैनी का कहना है कि मौत की वजह धुएं की वजह से कमरे में कार्बन मोनोआक्साइड गैस बन जाना हो सकती है। यह गैस जहरीली होती है लेकिन तीक्ष्ण नहीं। ऐसे में इंसान को पता ही नहीं चलता और उसकी मौत हो जाती है।
मौत की खबर मिलते ही मच गया कोहराम
धुएं से दम घुटने से मरे पांचों मजदूरों में से चार सहारनपुर के शेखपुरा कदीम गांव के थे। उनकी मौत की खबर पहुंचते ही परिवारों में कोहराम मच गया। रोते-बिलखते लोग कुरुक्षेत्र में मोर्चरी पर पहुंचे। लोगों ने बताया कि हादसे में जान गंवाने वाले नूर और सोनू सगे भाई थे। नूर की शादी छह माह पहले हुई थी। सोनू की शादी को भी सवा साल ही हुआ है। रामकुमार के तीन बेटे हैं। मदन की दो बेटियां हैं और छह साल का बेटा है। वह बेटियों की शादी के लिए पैसे जोड़ रहे थे। अगले साल शादी करना चाहते थे। रामकुमार के साले रोशन सहारनपुर के अभिषेकनगर के निवासी थे।
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सुबह करीब 11 बजे सफाई कर्मचारी कंवरपाल कमरा साफ करने के लिए पहुंचे। उन्होंने बताया कि कमरा अंदर से बंद था। दरवाजा खटखटाने पर भी अंदर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई। खिड़की से झांका तो अंदर धुआं भरा था। कुछ पता नहीं चल रहा था। इस पर सुपरवाइजर उपेंद्र को जानकारी दी। उपेंद्र ने पुलिस को बताया।
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पुलिस दरवाजा तोड़कर कमरे में दाखिल हुई। उपेंद्र और कंवरपाल साथ थे। कंवरपाल ने बताया कि उसने एक एक कर पांचों मजदूरों को हिला-डुलाकर देखा। पांचों की मौत हो चुकी थी। जिस अवस्था में सोए होंगे, वैसी में ही कंबल के अंदर शव थे। कमरे में एक तरफ तसले में कोयले जल रहे थे। धुएं की वजह से वहां रुकना मुश्किल हो रहा था। इस दौरान रिजॉर्ट संचालक आनंद बजाज भी पहुंच गए।
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एक ही कमरे में था दरवाजा, उसी में सो गए
आनंद बजाज ने पुलिस को बताया कि रिजाॅर्ट का निर्माण कार्य चल रहा है। कई कमरे बन चुके हैं। इनमें सिर्फ एक ही कमरा है जिस पर दरवाजा लग चुका है। मजदूर रात में उसी कमरे में सो गए। ठंड बहुत ज्यादा थी, इसलिए कोयले जला लिए होंगे। ताप मिलने पर नींद आ गई होगी। कोयले बुझाना ध्यान नहीं रहा होगा। इस कमरे में जो खिड़की है, वह भी बंद है। इस वजह से धुआं अंदर ही रहा। इसी धुएं में दम घुट गया। थाना प्रभारी दिनेश राणा ने बताया कि पहली नजर में तो यह मामला धुएं से दम घुट जाने का ही लग रहा है। बुधवार को शवों का पोस्टमार्टम होगा। इसमें मौत की वजह पता चल सकेगी। फोरेंसिक एक्सपर्ट डाॅ. नरेश सैनी का कहना है कि मौत की वजह धुएं की वजह से कमरे में कार्बन मोनोआक्साइड गैस बन जाना हो सकती है। यह गैस जहरीली होती है लेकिन तीक्ष्ण नहीं। ऐसे में इंसान को पता ही नहीं चलता और उसकी मौत हो जाती है।
मौत की खबर मिलते ही मच गया कोहराम
धुएं से दम घुटने से मरे पांचों मजदूरों में से चार सहारनपुर के शेखपुरा कदीम गांव के थे। उनकी मौत की खबर पहुंचते ही परिवारों में कोहराम मच गया। रोते-बिलखते लोग कुरुक्षेत्र में मोर्चरी पर पहुंचे। लोगों ने बताया कि हादसे में जान गंवाने वाले नूर और सोनू सगे भाई थे। नूर की शादी छह माह पहले हुई थी। सोनू की शादी को भी सवा साल ही हुआ है। रामकुमार के तीन बेटे हैं। मदन की दो बेटियां हैं और छह साल का बेटा है। वह बेटियों की शादी के लिए पैसे जोड़ रहे थे। अगले साल शादी करना चाहते थे। रामकुमार के साले रोशन सहारनपुर के अभिषेकनगर के निवासी थे।