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Kurukshetra News: अष्टकोसी यात्रा के कच्चे मार्ग को किया जाएगा पक्का
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कुरुक्षेत्र। पौराणिक एवं ऐतिहासिक अष्टकोसी यात्रा के मार्ग को छह से आठ फीट मार्ग को पक्का किया जाएगा, जिस पर 29 करोड़ रुपये खर्च किए जाने का प्रावधान किया गया है। इस योजना की सरकार से अनुमति मिलने ही अमलीजामा पहनाया जाएगा।
सरसस्वती धरोहर विकास बोर्ड के उपाध्यक्ष धुमन सिंह किरमच ने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के मार्गदर्शन में कुरुक्षेत्र को धाम के रूप में विकसित किया जाएगा।
इस कुरुक्षेत्र धाम में पौराणिक एवं ऐतिहासिक अष्टकोसी यात्रा अहम भूमिका अदा करेगी। इस यात्रा को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के आदेशानुसार केडीबी, हरियाणा सरस्वती धरोहर विकास बोर्ड के साथ-साथ शहर की सामाजिक और धार्मिक संस्थाओं के सहयोग से गांव बाहरी से पिपली तक निकाला गया और करीब 125 लोगों ने इस यात्रा को पूरा किया। यह अष्टकोसी यात्रा लगभग 30 किलोमीटर की बनती है। इस यात्रा का मार्ग कच्चा है जिसके कारण श्रद्धालुओं को परेशानी भी हुई।
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उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की परेशानी को जहन में रखते हुए आगामी चैत्र माह तक अष्टकोसी यात्रा के मार्ग को पक्का करवाया जाएगा। इसका बजट बोर्ड की तरफ से खर्च किया जाएगा।
इस मार्ग को पक्का करने के साथ-साथ ग्रिल भी लगवाई जाएगी और जो श्रद्धालु बुर्जुग है या यात्रा को पूरा करने में असमर्थ है उनके लिए ई-रिक्शा जैसे वाहन का प्रबंध भी किया जाएगा। उनका प्रयास है कि केडीबी और बोर्ड के सहयोग से इस पौराणिक और ऐतिहासिक अष्टकोसी यात्रा को निरंतर जारी रखा जाए और देश विदेश के श्रद्घालु भी इस यात्रा को पूरा करके पुण्य की प्राप्ति कर सके।
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सरसस्वती धरोहर विकास बोर्ड के उपाध्यक्ष धुमन सिंह किरमच ने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के मार्गदर्शन में कुरुक्षेत्र को धाम के रूप में विकसित किया जाएगा।
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इस कुरुक्षेत्र धाम में पौराणिक एवं ऐतिहासिक अष्टकोसी यात्रा अहम भूमिका अदा करेगी। इस यात्रा को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के आदेशानुसार केडीबी, हरियाणा सरस्वती धरोहर विकास बोर्ड के साथ-साथ शहर की सामाजिक और धार्मिक संस्थाओं के सहयोग से गांव बाहरी से पिपली तक निकाला गया और करीब 125 लोगों ने इस यात्रा को पूरा किया। यह अष्टकोसी यात्रा लगभग 30 किलोमीटर की बनती है। इस यात्रा का मार्ग कच्चा है जिसके कारण श्रद्धालुओं को परेशानी भी हुई।
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उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की परेशानी को जहन में रखते हुए आगामी चैत्र माह तक अष्टकोसी यात्रा के मार्ग को पक्का करवाया जाएगा। इसका बजट बोर्ड की तरफ से खर्च किया जाएगा।
इस मार्ग को पक्का करने के साथ-साथ ग्रिल भी लगवाई जाएगी और जो श्रद्धालु बुर्जुग है या यात्रा को पूरा करने में असमर्थ है उनके लिए ई-रिक्शा जैसे वाहन का प्रबंध भी किया जाएगा। उनका प्रयास है कि केडीबी और बोर्ड के सहयोग से इस पौराणिक और ऐतिहासिक अष्टकोसी यात्रा को निरंतर जारी रखा जाए और देश विदेश के श्रद्घालु भी इस यात्रा को पूरा करके पुण्य की प्राप्ति कर सके।