{"_id":"57f944814f1c1be54a270f98","slug":"the-new-order-of-government-air-as-per-the-old-paddy-procurement-kurukshetra","type":"story","status":"publish","title_hn":"सरकार के नए आदेश हुए हवा, पुराने के अनुसार हुई धान खरीद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सरकार के नए आदेश हुए हवा, पुराने के अनुसार हुई धान खरीद
ब्यूरो/कुरुक्षेत्र,अमर उजाला
Updated Sun, 09 Oct 2016 12:40 AM IST
विज्ञापन
सरकार के नए आदेश हुए हवा, पुराने के अनुसार हुई धान खरीद
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
प्रदेश सरकार की ओर से धान खरीद को लेकर तीन दिन पहले ही जारी किए नए आदेश हवा हवाई हो गए। मिलर्स की ओर से बंद की गई खरीद के आगे यह आदेश टिक नहीं पाए और थानेसर अनाज मंडी में दो दिन खरीद बंद रहने के बाद शनिवार को फिर पहले जारी आदेशों के अनुसार ही धान खरीद की गई। सरकार के धान में नमी को लेकर लेकर वजन कटौती के नए आदेशों का मिलर्स ने कड़ा विरोध किया था और मंडी में धान खरीद बंद कर दी थी। हालांकि वीरवार को भी धान खरीद पर नए आदेशों का असर दिखाई दिया था तो वहीं शुक्रवार को दिन भर खरीद बंद रही थी, जिससे परेशान किसान भी सड़कों पर उतर आए थे।
हालांकि मिलर्स को कृषि व खाद्य पूर्ति मंत्री द्वारा शनिवार को बातचीत के लिए बुलाया गया था जबकि मंडी में सुबह ही धान खरीद शुरू कर दी गई। यह खरीद पूरा दिन पहले के आदेशों के अनुसार की गई। आढ़ती भी दिन भर राइस मिलर्स के साथ होने वाली बैठक पर निगाहें टिकाए रहे। सुबह ही शुरु हुई खरीद से अधिकारियों ने हालांकि राहत की सांस ली, लेकिन धान औने-पौने भाव में बिकने से किसानों में भारी रोष दिखाई दिया।
लचर हुई उठान व्यवस्था, लग गए स्टैग
अनाज मंडी में शुक्रवार को हुई दिन भर रही खरीद बंद व सांय को किसानों द्वारा मंडी गेट बंद किए जाने से धान उठान कार्य लड़खड़ा गया है। मंडी पूरी तरह से धान से अट गई है, जहां उठान न हो पाने के कारण किसानों को धान डालने की जगह भी नहीं मिल पा रही है। अब मंडी से बाहर बह्मासरोवर की ओर भी धान डाला जाने लगा है तो वहीं आढ़तियों व दूसरे व्यापारियों ने भी खरीदी धान के स्टैग लगाने शुरू कर दिए है। मंडी में पिछले एक सप्ताह से धान की हर रोज लगभग सवा लाख क्विंटल की आवक हो रही है, जबकि यह पूरा धान बिक भी नहीं रहा है तो वहीं बिका धान भी साथ-साथ पूरी तरह से नहीं उठ पा रहा है। ऐसे हालात में धान उठान का कार्य लचर दिखाई पड़ने लगा है।
विज्ञापन
मंडी में अटका 5 लाख क्विंटल धान : बनी सिंह
अनाज मंडी आढ़ती एसोसिएशन के उपप्रधान बनी सिंह का कहना है कि अनाज मंडी में 5 लाख क्विंटल से भी अधिक धान उठान की बाट जोह रहा है। मंडी पूरी तरह से जाम हो चुकी है और अब उठान कार्य में लगे वाहनों की आवाजाही भी बाधित होने लगी है।
एक मशीन के सहारे पूरी मंडी : माया राम
इनेलो नेता माया राम व कई अन्य किसानों का कहना है कि धान किस प्रकार से खरीदा जाए, यह सरकार अब तक भी नहीं समझ पाई है। तीन दिन पहले ही दोबारा जारी किए आदेशों के अनुसार हर ढेरी की नमी जांच मशीन से की जानी चाहिए, जबकि इससे पहले भी यही नियम होता है, लेकिन मंडी में 50 हजार से अधिक ढेरियां धान की पड़ी है और मार्केट कमेटी प्रशासन के पास माश्चर जांच की महज एक मशीन है। हाथ में धान उठाकर किसानों को माश्चर बता दिया जाता है और किसान सरेआम लुट रहे है।
किसान नहीं बेच रहे आनलाइन, कर्मियों को अधिकारी दे रहे प्रशिक्षण
प्रदेश सरकार ने भले ही धान खरीद आनलाइन भी जारी रखी हो, लेकिन थानेसर अनाज मंडी में एक भी किसान ने आज तक आनलाइन खरीद के प्रति रुचि नहीं दिखाई है। इसके बावजूद अधिकारी ई ट्रेडिंग सेंटर में कर्मियों को प्रशिक्षण देेने में लगे है। शनिवार को भी विभाग के आईटी सेल के एक्सइएन अपनी टीम के साथ इस सेंटर पर पहुंचे, जहां उन्होंने इसमेें आ रही खामियों को दूर किया तो यहां कर्मियों को इसके बारे में प्रशिक्षण भी दिया। उन्होंने अमर उजाला से बातचीत में दावा किया कि अगले गेहूं के सीजन में यह योजना पूरी तरह से सफल दिखाई देने लगेगी।
फूस की ढेरियों से भी अटी मंडी
प्रदेश के खाद्य एवं पूर्ति मंत्री कर्ण देव कंबोज व विभाग के उच्चाधिकारियों ने मंडी में अपने दौरे के दौरान साफ सफाई रखने के अधिकारियों को निर्देश दिए थे। लेकिन यह निर्देश कहीं दिखाई नहीं पड़ रहे। मंडी में अनाज की ढेरियों की तर्ज पर ही फूस की ढेरियां भी दिखाई देने लगी है तो वही उठान बीच सड़कों पर पड़े फूस के इन ढेरों से उठान कार्य भी प्रभावित हो रहा है।
दिन भर सुचारु रही खरीद : जिले सिंह
मार्केट कमेटी सचिव जिले सिंह का कहना है कि शनिवार को सुबह से लेकर सांय तक धान खरीद सुचारु रुप से चली। उनकेे पास दिन भर किसी भी प्रकार की कोई शिकायत नहीं आई। उन्होंने बताया कि मंडी में एक लाख 35 हजार क्विंटल धान की आवक हुई, जिसमें डीएफएससी ने 1 लाख से अधिक, हरियाणा एग्रो ने 22 हजार व हैफेड ने 13 हजार क्विंटल धान की खरीद की।
अब 2 रुपये 20 पैसे मिलेगी मजदूरी, मिलर्स सहमत : सिंगला
धान खरीद अब 22 प्रतिशत नमी तक की जाएगी, लेकिन 17 फीसदी से अधिक नमी की धान पर प्रति क्विंटल व प्रति प्वाइंट अनुसार 2 रुपये 20 पैसे सुखाई मजदूरी के रुप में मिलर्स को दिए जाएंगे। यह धान की वजन कटौती से ही पूरा होगा। चंडीगढ़ में राईस मिलर्स एसोसिएशन के प्रधान हंस राज सिंगला के नेतृत्व में एक शिष्ठ मंडल को यह आश्वासन दिया। हंस राज सिंगला ने बताया कि कृषि मंत्री ओपी धनखड़, खाद्य पूर्ति मंत्री कर्ण देव कंबोज, विधायक सुभाष सुधा व अंबाला विधायक असीम गोयल के साथ हुई बैठक में मिलर्स की खुलकर चर्चा हुई, जिसमें उक्त भुगतान पर सहमति बनी।
हर आढ़ती को लेने होंगे माश्चर मीटर
बताया जा रहा है कि अब प्रदेश सरकार ने निर्देश जारी किए है, जिनके अनुसार हर आढ़ती को माश्चर मीटर रखना होगा, ताकि वे अपने पास आने वाली हर ढेरी का माश्चर जांच करवा सके। उधर कई आढ़तियों ने बताया कि इस प्रकार के आदेश उन तक नहीं पहुंचे है।
विज्ञापन
हालांकि मिलर्स को कृषि व खाद्य पूर्ति मंत्री द्वारा शनिवार को बातचीत के लिए बुलाया गया था जबकि मंडी में सुबह ही धान खरीद शुरू कर दी गई। यह खरीद पूरा दिन पहले के आदेशों के अनुसार की गई। आढ़ती भी दिन भर राइस मिलर्स के साथ होने वाली बैठक पर निगाहें टिकाए रहे। सुबह ही शुरु हुई खरीद से अधिकारियों ने हालांकि राहत की सांस ली, लेकिन धान औने-पौने भाव में बिकने से किसानों में भारी रोष दिखाई दिया।
विज्ञापन
लचर हुई उठान व्यवस्था, लग गए स्टैग
अनाज मंडी में शुक्रवार को हुई दिन भर रही खरीद बंद व सांय को किसानों द्वारा मंडी गेट बंद किए जाने से धान उठान कार्य लड़खड़ा गया है। मंडी पूरी तरह से धान से अट गई है, जहां उठान न हो पाने के कारण किसानों को धान डालने की जगह भी नहीं मिल पा रही है। अब मंडी से बाहर बह्मासरोवर की ओर भी धान डाला जाने लगा है तो वहीं आढ़तियों व दूसरे व्यापारियों ने भी खरीदी धान के स्टैग लगाने शुरू कर दिए है। मंडी में पिछले एक सप्ताह से धान की हर रोज लगभग सवा लाख क्विंटल की आवक हो रही है, जबकि यह पूरा धान बिक भी नहीं रहा है तो वहीं बिका धान भी साथ-साथ पूरी तरह से नहीं उठ पा रहा है। ऐसे हालात में धान उठान का कार्य लचर दिखाई पड़ने लगा है।
विज्ञापन
मंडी में अटका 5 लाख क्विंटल धान : बनी सिंह
अनाज मंडी आढ़ती एसोसिएशन के उपप्रधान बनी सिंह का कहना है कि अनाज मंडी में 5 लाख क्विंटल से भी अधिक धान उठान की बाट जोह रहा है। मंडी पूरी तरह से जाम हो चुकी है और अब उठान कार्य में लगे वाहनों की आवाजाही भी बाधित होने लगी है।
एक मशीन के सहारे पूरी मंडी : माया राम
इनेलो नेता माया राम व कई अन्य किसानों का कहना है कि धान किस प्रकार से खरीदा जाए, यह सरकार अब तक भी नहीं समझ पाई है। तीन दिन पहले ही दोबारा जारी किए आदेशों के अनुसार हर ढेरी की नमी जांच मशीन से की जानी चाहिए, जबकि इससे पहले भी यही नियम होता है, लेकिन मंडी में 50 हजार से अधिक ढेरियां धान की पड़ी है और मार्केट कमेटी प्रशासन के पास माश्चर जांच की महज एक मशीन है। हाथ में धान उठाकर किसानों को माश्चर बता दिया जाता है और किसान सरेआम लुट रहे है।
किसान नहीं बेच रहे आनलाइन, कर्मियों को अधिकारी दे रहे प्रशिक्षण
प्रदेश सरकार ने भले ही धान खरीद आनलाइन भी जारी रखी हो, लेकिन थानेसर अनाज मंडी में एक भी किसान ने आज तक आनलाइन खरीद के प्रति रुचि नहीं दिखाई है। इसके बावजूद अधिकारी ई ट्रेडिंग सेंटर में कर्मियों को प्रशिक्षण देेने में लगे है। शनिवार को भी विभाग के आईटी सेल के एक्सइएन अपनी टीम के साथ इस सेंटर पर पहुंचे, जहां उन्होंने इसमेें आ रही खामियों को दूर किया तो यहां कर्मियों को इसके बारे में प्रशिक्षण भी दिया। उन्होंने अमर उजाला से बातचीत में दावा किया कि अगले गेहूं के सीजन में यह योजना पूरी तरह से सफल दिखाई देने लगेगी।
फूस की ढेरियों से भी अटी मंडी
प्रदेश के खाद्य एवं पूर्ति मंत्री कर्ण देव कंबोज व विभाग के उच्चाधिकारियों ने मंडी में अपने दौरे के दौरान साफ सफाई रखने के अधिकारियों को निर्देश दिए थे। लेकिन यह निर्देश कहीं दिखाई नहीं पड़ रहे। मंडी में अनाज की ढेरियों की तर्ज पर ही फूस की ढेरियां भी दिखाई देने लगी है तो वही उठान बीच सड़कों पर पड़े फूस के इन ढेरों से उठान कार्य भी प्रभावित हो रहा है।
दिन भर सुचारु रही खरीद : जिले सिंह
मार्केट कमेटी सचिव जिले सिंह का कहना है कि शनिवार को सुबह से लेकर सांय तक धान खरीद सुचारु रुप से चली। उनकेे पास दिन भर किसी भी प्रकार की कोई शिकायत नहीं आई। उन्होंने बताया कि मंडी में एक लाख 35 हजार क्विंटल धान की आवक हुई, जिसमें डीएफएससी ने 1 लाख से अधिक, हरियाणा एग्रो ने 22 हजार व हैफेड ने 13 हजार क्विंटल धान की खरीद की।
अब 2 रुपये 20 पैसे मिलेगी मजदूरी, मिलर्स सहमत : सिंगला
धान खरीद अब 22 प्रतिशत नमी तक की जाएगी, लेकिन 17 फीसदी से अधिक नमी की धान पर प्रति क्विंटल व प्रति प्वाइंट अनुसार 2 रुपये 20 पैसे सुखाई मजदूरी के रुप में मिलर्स को दिए जाएंगे। यह धान की वजन कटौती से ही पूरा होगा। चंडीगढ़ में राईस मिलर्स एसोसिएशन के प्रधान हंस राज सिंगला के नेतृत्व में एक शिष्ठ मंडल को यह आश्वासन दिया। हंस राज सिंगला ने बताया कि कृषि मंत्री ओपी धनखड़, खाद्य पूर्ति मंत्री कर्ण देव कंबोज, विधायक सुभाष सुधा व अंबाला विधायक असीम गोयल के साथ हुई बैठक में मिलर्स की खुलकर चर्चा हुई, जिसमें उक्त भुगतान पर सहमति बनी।
हर आढ़ती को लेने होंगे माश्चर मीटर
बताया जा रहा है कि अब प्रदेश सरकार ने निर्देश जारी किए है, जिनके अनुसार हर आढ़ती को माश्चर मीटर रखना होगा, ताकि वे अपने पास आने वाली हर ढेरी का माश्चर जांच करवा सके। उधर कई आढ़तियों ने बताया कि इस प्रकार के आदेश उन तक नहीं पहुंचे है।