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Kurukshetra News: स्कूलों में कैंप लगाकर जांचा जाएगा 14 हजार बच्चों का स्वास्थ्य, विभाग ने बनाईं टीमें
Thu, 13 Nov 2025 01:30 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र
संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र
Updated Thu, 13 Nov 2025 01:30 AM IST
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कुरुक्षेत्र। स्कूल में बच्चों की नेत्र संंबंधी जांच करते चिकित्सक। संवाद
कुरुक्षेत्र। स्वास्थ्य विभाग की स्कूल हेल्थ टीमें 14 नवंबर तक स्कूलों में जाकर बच्चों के स्वास्थ्य की जांच करेंगी। टीम ने 14 हजार बच्चों की काउंसलिंग का लक्ष्य रखा है। बच्चों में बीमारियां मिलने पर दवा व चश्मे नि:शुल्क वितरित किए जाएंगे। उप सिविल सर्जन स्कूल हेल्थ डॉ. करुणा ढींगरा ने बताया कि 11 नवंबर से 14 नवंबर तक टीमें स्कूलों में जाकर बच्चों के स्वास्थ्य की जांच करेंगी। जिन बच्चों को नेत्र संबंधी समस्या होगी उन्हें नि:शुल्क चश्मे वितरित किए जाएंगे। विभाग ने 2200 बच्चों को चश्मे वितरित करने का लक्ष्य रखा है। टीम पांच स्कूलों में 3800 बच्चों की जांच कर चुकी है। इनमें से 1130 बच्चों में नेत्र संबंधी समस्या मिली।
विभाग बच्चों की जन्मजात बीमारी का इलाज करा रहा है। एक साल में करीब 4701 बच्चों की स्क्रीनिंग हुई है।
पांच साल तक के बच्चों का होता है नि:शुल्क इलाज
डॉ. करुणा ढींगरा ने बताया कि प्रदेशभर के जिला अस्पतालों में शून्य से पांच साल तक के बच्चों की जांच के लिए टीमों का गठन किया गया है। ये टीमें गांव में जाकर आंगनबाड़ी केंद्र, स्कूल आदि से डाटा जुटाकर जिला अस्पताल में बने डीआईसी सेंटर में जन्मजात रोगों की जांच के लिए बच्चों को भेजती हैं। उसके बाद बच्चों को ऑप्रेशन आदि के लिए पीजीआई चंडीगढ़ व अन्य अस्पतालों में भेजा जाता है।
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विभाग बच्चों की जन्मजात बीमारी का इलाज करा रहा है। एक साल में करीब 4701 बच्चों की स्क्रीनिंग हुई है।
पांच साल तक के बच्चों का होता है नि:शुल्क इलाज
डॉ. करुणा ढींगरा ने बताया कि प्रदेशभर के जिला अस्पतालों में शून्य से पांच साल तक के बच्चों की जांच के लिए टीमों का गठन किया गया है। ये टीमें गांव में जाकर आंगनबाड़ी केंद्र, स्कूल आदि से डाटा जुटाकर जिला अस्पताल में बने डीआईसी सेंटर में जन्मजात रोगों की जांच के लिए बच्चों को भेजती हैं। उसके बाद बच्चों को ऑप्रेशन आदि के लिए पीजीआई चंडीगढ़ व अन्य अस्पतालों में भेजा जाता है।
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कुरुक्षेत्र। स्कूल में बच्चों की नेत्र संंबंधी जांच करते चिकित्सक। संवाद
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