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Kurukshetra News: श्रद्धालुओं ने ब्रह्मसरोवर में लगाई आस्था की डुबकी
Sun, 24 Aug 2025 03:09 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र
संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र
Updated Sun, 24 Aug 2025 03:09 AM IST
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कुरुक्षेत्र। भाद्रपद अमावस्या पर बारिश के बीच आस्था की डुबकी लगाने के लिए उमड़ी श्रद्धालुओं की
कुरुक्षेत्र। धर्मनगरी के ब्रह्मसरोवर में शनिवार को भाद्रपद माह की अमावस्या पर सैकड़ों श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगाई। सुबह ब्रह्म मुहूर्त से ही स्नान, दान और तर्पण के लिए भक्तों की भीड़ जुटनी शुरू हो गई। इस दौरान पुरुषों ने पितरों के निमित्त तर्पण कर पुण्य अर्जित किया, वहीं महिलाओं ने पति और संतान की लंबी उम्र व सुख-शांति के लिए व्रत रखा और शिव मंदिरों में जलाभिषेक किया।
ब्रह्मसरोवर में डुबकी लगाने के बाद श्रद्धालु प्राचीन मंदिरों में पूजा-अर्चना को पहुंचे। चारों ओर हर हर महादेव और ओम नमः शिवाय के जयघोष गूंजते रहे। बारिश के बीच भी श्रद्धालुओं का उत्साह कम नहीं हुआ। दूर-दराज से श्रद्धालु पहुंचे और आस्था की डुबकी लगाई। श्री कालेश्वर महादेव, श्री स्थानेश्वर महादेव सहित जिले के शिवालयों में श्रद्धालुओं को पूजा-अर्चना और जलाभिषेक के लिए तांता लगा रहा।
ज्योतिषाचार्य बलराज कौशिक ने बताया कि इस अमावस्या का विशेष महत्व इसलिए है क्योंकि यह पितृपक्ष की शुरुआत मानी जाती है और इससे जुड़े कर्म करने से पितृ प्रसन्न होते हैं। अमावस्या इस बार विशेष संयोगों के साथ आई है, जो शनैश्चरी अमावस्या होने के कारण और भी अधिक फलदायी मानी जा रही है। संवाद
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ब्रह्मसरोवर में डुबकी लगाने के बाद श्रद्धालु प्राचीन मंदिरों में पूजा-अर्चना को पहुंचे। चारों ओर हर हर महादेव और ओम नमः शिवाय के जयघोष गूंजते रहे। बारिश के बीच भी श्रद्धालुओं का उत्साह कम नहीं हुआ। दूर-दराज से श्रद्धालु पहुंचे और आस्था की डुबकी लगाई। श्री कालेश्वर महादेव, श्री स्थानेश्वर महादेव सहित जिले के शिवालयों में श्रद्धालुओं को पूजा-अर्चना और जलाभिषेक के लिए तांता लगा रहा।
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ज्योतिषाचार्य बलराज कौशिक ने बताया कि इस अमावस्या का विशेष महत्व इसलिए है क्योंकि यह पितृपक्ष की शुरुआत मानी जाती है और इससे जुड़े कर्म करने से पितृ प्रसन्न होते हैं। अमावस्या इस बार विशेष संयोगों के साथ आई है, जो शनैश्चरी अमावस्या होने के कारण और भी अधिक फलदायी मानी जा रही है। संवाद
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