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Kurukshetra News: पूरे साल बसों की कमी से जूझता रहा डिपो, नए साल में 100 नई बसें मिलने की आस
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कुरुक्षेत्र। वर्ष भर डिपो बसों की कमी से जूझता रहा। इस वजह से पूरा साल यात्रियों को परेशानी झेलनी पड़ी। हालांकि मार्च में डिपो को आठ नई बसें मिली थी, लेकिन गत माह 23 नवंबर को डिपो से बीएस-6 इंजन वाली 48 नई बसाें को रोहतक, जींद व भिवानी डिपो में भेज दिया था, जबकि उनकी जगह खटारा बसें कुरुक्षेत्र डिपो भेजी गई थी।
कुरुक्षेत्र डिपो में मौजूदा समय में कुल 123 बसें हैं, जिसमें आठ एसी बसें, बीएस-6 इंजन वाली 31 बसें, छह मिनी पिंक बसों समेत बीएस-3 और बीएस-4 इंजन तकनीक की बसें शामिल हैं। किलाेमीटर योजना की 18 बसें अलग से सेवाएं दे रही हैं। इसके अलावा पिहोवा सब डिपो के पास कुल 52 बसें हैं, जिसमें दो एसी और दो मिनी बसें शामिल हैं। इन कुल 52 बसों में से 10 बसें किसी न किसी कमी के चलते वर्कशॉप में खड़ी है।
उधर, कुरुक्षेत्र रोडवेज विभाग की ओर से रोडवेज महानिदेशालय को कुरुक्षेत्र डिपो में 100 नई बसें शामिल करने की मांग भेजी गई है। चार दिसंबर को विभाग की ओर से पत्र लिखा गया है। हालांकि इससे पहले गत माह भी बसों की मांग भेजी गई थी। इसमें विभाग ने 90 साधारण तो 10 एसी बसें भेजने का आग्रह किया है। अगर महानिदेशालय ने संज्ञान लिया तो अगले वर्ष डिपो में नई बसें शामिल हो सकती हैं। वहीं, गत माह अन्य डिपो से आई पुरानी एवं खटारा बसों के कारण न केवल स्थानीय, बल्कि लंबे रूट भी प्रभावित हो रहे हैं। राजधानी दिल्ली जाने वाली बसों के 14 टाइम समय बंद पड़े हैं। डिपो और सब-डिपो से सिर्फ एसी बसें ही राजधानी पहुंच रही हैं, क्योंकि राजधानी समेत एनसीआर इलाके में बीएस-6 इंजन तकनीक वाले वाहन ही चलने के आदेश सुप्रीम कोर्ट जारी चुका है। साधारण बसों की सुविधा बंद होने से यात्रियों को दिल्ली तक के लिए करीब 100 रुपये अतिरिक्त देने पड़ रहे हैं।
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सिटी के लिए शुरू की सुविधा
शहर के लोगों की मांग पर विभाग की ओर से सिटी में सुविधा देने के लिए दो बसें लगाई है। यह बसें शहर के अलग-अलग सेक्टर में अपनी सुविधाएं दे रही है। करीब तीन महीने पहले इस सुविधा को आरंभ किया गया है, क्योंकि सेक्टर की ओर जाने के लिए कोई सुविधा नहीं थी। इसके लिए लोगों को स्पेशल वाहन करके जाना पड़ता था, जिसके लिए उनसे 100 से 200 रुपये चालक वसूल करते थे। इसलिए इस सुविधा को शुरू किया गया है।
किलो मीटर योजना के चालक करते थे मनमानी : रामफल
यूनियन के प्रदेश ऑडिटर रामफल सिकरवाल ने बताया कि किलोमीटर योजना की बसों के चालक मनमाने ढंग से काम करते हैं। पिहोवा डिपो में चल रही इस तरह की दो बसों को बंद कराया गया था, क्योंकि चालक माइलेज के लिए धीरे बस चलाते हैं, जिससे यात्री समय पर अपने गंतव्य तक नहीं पहुंच पाते हैं। साथ ही बस का समय भी प्रभावित होता है।
लंबे के साथ स्थानीय रूट भी पड़े बंद : करोड़ा
ऑल हरियाणा रोडवेज वर्कर यूनियन के प्रदेश प्रवक्ता रणजीत करोड़ा ने बताया कि डिपो से 48 बसें जाने से कई रूट प्रभावित चल रहे हैं। लंबे रूट के साथ स्थानीय रूट पर भी यात्रियों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। उन बसों के जाने से शिमला, कोटद्वार, पठानकोट, खाटू श्याम, हल्द्वानी, अजमेर और लुधियाना रूट बंद पड़ा है, जबकि स्थानीय रूट पर एक रूट बंद कर दूसरे को शुरू करके सुविधा दी जा रही है।
खटारा बसें अगले साल की शुरुआत में हो जाएगी कंडम : पांचाल
यूनियन के प्रधान नरेंद्र पांचाल ने बताया कि डिपो को नई तकनीक वाली बसों के बदले खटारा बसें भेजी गईं। इससे यूनियन समेत रोडवेजकर्मियों में रोष पनप रहा है। उनमें से आधी से ज्यादा बसें अगले साल जनवरी और फरवरी में कंडम हो जाएगी। इससे न सिर्फ डिपो को आर्थिक नुकसान होगा, बल्कि कई रूट बंद होने से यात्री भी परेशान होंगे।
हेड क्वार्टर को भेजी जा चुकी मांग : शेर सिंह
कुरुक्षेत्र रोडवेज महाप्रबंधक शेर सिंह ने बताया कि डिपो के लिए 100 नई बसों की मांग भेजी जा चुकी है। नए साल में डिपो को विभाग की ओर से सौगात मिलने की उम्मीद है। डिपो में 100 नई बसें आने से रोडवेज का बेड़ा 250 तक का हो जाएगा।
एलिवेटेड ट्रैक पर दौड़ेगी ट्रेन : मीणा
कुरुक्षेत्र रेलवे स्टेशन के अधीक्षक शंकर लाल मीणा ने बताया कि इस साल में कुरुक्षेत्र रेलवे स्टेशन से कोई नई ट्रेन नहीं चलाई गई है, साथ ही किसी नई ट्रेन का ठहराव भी कुरुक्षेत्र में नहीं हुआ है। नए साल से नई उम्मीद है। हालांकि अगले साल एलिवेटेड ट्रैक बनकर तैयार हो जाएगा। इसके शुरू होने से लोगों को शहर के पांच फाटकों की वजह से लगने वाले जाम से निजात मिलेगी।
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कुरुक्षेत्र डिपो में मौजूदा समय में कुल 123 बसें हैं, जिसमें आठ एसी बसें, बीएस-6 इंजन वाली 31 बसें, छह मिनी पिंक बसों समेत बीएस-3 और बीएस-4 इंजन तकनीक की बसें शामिल हैं। किलाेमीटर योजना की 18 बसें अलग से सेवाएं दे रही हैं। इसके अलावा पिहोवा सब डिपो के पास कुल 52 बसें हैं, जिसमें दो एसी और दो मिनी बसें शामिल हैं। इन कुल 52 बसों में से 10 बसें किसी न किसी कमी के चलते वर्कशॉप में खड़ी है।
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उधर, कुरुक्षेत्र रोडवेज विभाग की ओर से रोडवेज महानिदेशालय को कुरुक्षेत्र डिपो में 100 नई बसें शामिल करने की मांग भेजी गई है। चार दिसंबर को विभाग की ओर से पत्र लिखा गया है। हालांकि इससे पहले गत माह भी बसों की मांग भेजी गई थी। इसमें विभाग ने 90 साधारण तो 10 एसी बसें भेजने का आग्रह किया है। अगर महानिदेशालय ने संज्ञान लिया तो अगले वर्ष डिपो में नई बसें शामिल हो सकती हैं। वहीं, गत माह अन्य डिपो से आई पुरानी एवं खटारा बसों के कारण न केवल स्थानीय, बल्कि लंबे रूट भी प्रभावित हो रहे हैं। राजधानी दिल्ली जाने वाली बसों के 14 टाइम समय बंद पड़े हैं। डिपो और सब-डिपो से सिर्फ एसी बसें ही राजधानी पहुंच रही हैं, क्योंकि राजधानी समेत एनसीआर इलाके में बीएस-6 इंजन तकनीक वाले वाहन ही चलने के आदेश सुप्रीम कोर्ट जारी चुका है। साधारण बसों की सुविधा बंद होने से यात्रियों को दिल्ली तक के लिए करीब 100 रुपये अतिरिक्त देने पड़ रहे हैं।
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सिटी के लिए शुरू की सुविधा
शहर के लोगों की मांग पर विभाग की ओर से सिटी में सुविधा देने के लिए दो बसें लगाई है। यह बसें शहर के अलग-अलग सेक्टर में अपनी सुविधाएं दे रही है। करीब तीन महीने पहले इस सुविधा को आरंभ किया गया है, क्योंकि सेक्टर की ओर जाने के लिए कोई सुविधा नहीं थी। इसके लिए लोगों को स्पेशल वाहन करके जाना पड़ता था, जिसके लिए उनसे 100 से 200 रुपये चालक वसूल करते थे। इसलिए इस सुविधा को शुरू किया गया है।
किलो मीटर योजना के चालक करते थे मनमानी : रामफल
यूनियन के प्रदेश ऑडिटर रामफल सिकरवाल ने बताया कि किलोमीटर योजना की बसों के चालक मनमाने ढंग से काम करते हैं। पिहोवा डिपो में चल रही इस तरह की दो बसों को बंद कराया गया था, क्योंकि चालक माइलेज के लिए धीरे बस चलाते हैं, जिससे यात्री समय पर अपने गंतव्य तक नहीं पहुंच पाते हैं। साथ ही बस का समय भी प्रभावित होता है।
लंबे के साथ स्थानीय रूट भी पड़े बंद : करोड़ा
ऑल हरियाणा रोडवेज वर्कर यूनियन के प्रदेश प्रवक्ता रणजीत करोड़ा ने बताया कि डिपो से 48 बसें जाने से कई रूट प्रभावित चल रहे हैं। लंबे रूट के साथ स्थानीय रूट पर भी यात्रियों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। उन बसों के जाने से शिमला, कोटद्वार, पठानकोट, खाटू श्याम, हल्द्वानी, अजमेर और लुधियाना रूट बंद पड़ा है, जबकि स्थानीय रूट पर एक रूट बंद कर दूसरे को शुरू करके सुविधा दी जा रही है।
खटारा बसें अगले साल की शुरुआत में हो जाएगी कंडम : पांचाल
यूनियन के प्रधान नरेंद्र पांचाल ने बताया कि डिपो को नई तकनीक वाली बसों के बदले खटारा बसें भेजी गईं। इससे यूनियन समेत रोडवेजकर्मियों में रोष पनप रहा है। उनमें से आधी से ज्यादा बसें अगले साल जनवरी और फरवरी में कंडम हो जाएगी। इससे न सिर्फ डिपो को आर्थिक नुकसान होगा, बल्कि कई रूट बंद होने से यात्री भी परेशान होंगे।
हेड क्वार्टर को भेजी जा चुकी मांग : शेर सिंह
कुरुक्षेत्र रोडवेज महाप्रबंधक शेर सिंह ने बताया कि डिपो के लिए 100 नई बसों की मांग भेजी जा चुकी है। नए साल में डिपो को विभाग की ओर से सौगात मिलने की उम्मीद है। डिपो में 100 नई बसें आने से रोडवेज का बेड़ा 250 तक का हो जाएगा।
एलिवेटेड ट्रैक पर दौड़ेगी ट्रेन : मीणा
कुरुक्षेत्र रेलवे स्टेशन के अधीक्षक शंकर लाल मीणा ने बताया कि इस साल में कुरुक्षेत्र रेलवे स्टेशन से कोई नई ट्रेन नहीं चलाई गई है, साथ ही किसी नई ट्रेन का ठहराव भी कुरुक्षेत्र में नहीं हुआ है। नए साल से नई उम्मीद है। हालांकि अगले साल एलिवेटेड ट्रैक बनकर तैयार हो जाएगा। इसके शुरू होने से लोगों को शहर के पांच फाटकों की वजह से लगने वाले जाम से निजात मिलेगी।

भमोरा। फाईल फोटो अंजली- फोटो : mathura