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Kurukshetra News: बैठक में दो तिहाई बहुमत की शर्त हो खत्म, लिखा पत्र
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कुरुक्षेत्र। प्रधान जगदीश सिंह झींडा।
कुरुक्षेत्र। हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधन कमेटी के प्रधान जगदीश सिंह झींडा ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को पत्र लिखकर कमेटी की कार्यकारिणी व आम सभा की बैठक में दो तिहाई बहुमत की शर्त को अनुचित बताया है। इसे हटाने के लिए हरियाणा सिख गुरुद्वारा अधिनियम में संशोधन की मांग की है। कमेटी प्रधान जगदीश सिंह झींडा ने पत्र में लिखा है कि सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी अमृतसर, दिल्ली गुरुद्वारा प्रबंधन कमेटी से लेकर विधानसभा व लोकसभा में कहीं पर भी ऐसी शर्त नहीं है लेकिन हरियाणा सिख गुरुद्वारा अधिनियम में यह प्रावधान है।
इस प्रावधान को खत्म किया जाना चाहिए, क्योंकि गलत मंशा रखने वाले कुछ लोग इसका फायदा उठा कमेटी के कार्य में बाधा उत्पन्न करते हैं। 10 फरवरी को बुलाई गई बैठक से पहले सोमवार को लिखा गया यह पत्र चर्चा का विषय बन गया है। बजट बैठक में दादूवाल ने आरोप लगाया था कि कोरम पूरा न होने के बावजूद 104 करोड़ रुपये का बजट पास कर दिया गया।
कमेटी प्रधान ने कहा-मुख्य सचिव ने दिया था आश्वासन
एचएसजीपीसी कमेटी के प्रधान जगदीश झींडा का कहना है कि कुछ लोग न बैठक में उपस्थित होते हैं और न ही संस्था को काम करने देते हैं। महज एक या दो सदस्य कम रहने से बाकी उपस्थित रहने वाले सदस्यों की महत्ता भी नहीं रहती। ऐसे में इस तरह की शर्त लोकतंत्र को समाप्त करने वाली ही मानी जा सकती है। झींडा कहते हैं कि देश के संविधान में साधारण बहुमत को ही मान्यता दी गई है। हरियाणा सिख गुरुद्वारा अधिनियम में संशोधन कर इस शर्त को बदले जाने को लेकर वे करीब चार माह पहले भी प्रदेश सरकार के मुख्य सचिव से मुलाकात कर चुके हैं।
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10 फरवरी की बैठक के लिए सभी आमंत्रित
झींडा का कहना है कि 10 फरवरी की बैठक तय की गई है, जिसके लिए सभी सदस्यों को आमंंत्रित किया जा चुका है। बैठक की तैयारियां की जा रही है। इसमें भी कोरम के लिए दो तिहाई के बहुमत के प्रावधान पर भी मुख्य तौर पर चर्चा की जाएगी ताकि इसका भविष्य में गलत फायदा न उठाया जा सके।
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इस प्रावधान को खत्म किया जाना चाहिए, क्योंकि गलत मंशा रखने वाले कुछ लोग इसका फायदा उठा कमेटी के कार्य में बाधा उत्पन्न करते हैं। 10 फरवरी को बुलाई गई बैठक से पहले सोमवार को लिखा गया यह पत्र चर्चा का विषय बन गया है। बजट बैठक में दादूवाल ने आरोप लगाया था कि कोरम पूरा न होने के बावजूद 104 करोड़ रुपये का बजट पास कर दिया गया।
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कमेटी प्रधान ने कहा-मुख्य सचिव ने दिया था आश्वासन
एचएसजीपीसी कमेटी के प्रधान जगदीश झींडा का कहना है कि कुछ लोग न बैठक में उपस्थित होते हैं और न ही संस्था को काम करने देते हैं। महज एक या दो सदस्य कम रहने से बाकी उपस्थित रहने वाले सदस्यों की महत्ता भी नहीं रहती। ऐसे में इस तरह की शर्त लोकतंत्र को समाप्त करने वाली ही मानी जा सकती है। झींडा कहते हैं कि देश के संविधान में साधारण बहुमत को ही मान्यता दी गई है। हरियाणा सिख गुरुद्वारा अधिनियम में संशोधन कर इस शर्त को बदले जाने को लेकर वे करीब चार माह पहले भी प्रदेश सरकार के मुख्य सचिव से मुलाकात कर चुके हैं।
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10 फरवरी की बैठक के लिए सभी आमंत्रित
झींडा का कहना है कि 10 फरवरी की बैठक तय की गई है, जिसके लिए सभी सदस्यों को आमंंत्रित किया जा चुका है। बैठक की तैयारियां की जा रही है। इसमें भी कोरम के लिए दो तिहाई के बहुमत के प्रावधान पर भी मुख्य तौर पर चर्चा की जाएगी ताकि इसका भविष्य में गलत फायदा न उठाया जा सके।