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पर्यटकों को भा रहे भगवान श्रीकृष्ण के वस्त्र और शृंगार
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संवाद न्यूज एजेंसी
कुरुक्षेत्र। अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव में गुजरात से आई वंदना ठक्कर ने 15 नंबर बूथ पर श्रीकृष्ण के वस्त्रों और अन्य सामान की स्टॉल लगाई है। ये वस्त्र और शृंगार मेले में आने वाले श्रद्धालुओं, बच्चों और पर्यटकों को भा रहे हैं।
वंदना ठक्कर ने बताया कि गुजरात में श्री खुड़ियार एजुकेशन एंड चैरिटेबल ट्रस्ट के माध्यम से करीब 20 गांवों की 180 महिलाएं इन वस्त्रों को हाथों से बनाती हैं। वे धूप और अगरबत्तियां भी तैयार करती हैं। वे दस साल से इस महोत्सव में आ रही हैं। उन्होंने बताया कि उन्हें पैसे का लालच नहीं है।बच्चे बाल गोपाल लेकर आते हैं और वस्त्र व शृंगार का चयन करते हैं। अगर सामान 100 रुपये का बनता है तो बच्चे बड़े मासूमियत से कहते हैं कि उनके पास 70 रुपये हैं, तब भी वे उनमें भगवान का स्वरूप देखकर सामान दे देतीं हैं।
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कुरुक्षेत्र। अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव में गुजरात से आई वंदना ठक्कर ने 15 नंबर बूथ पर श्रीकृष्ण के वस्त्रों और अन्य सामान की स्टॉल लगाई है। ये वस्त्र और शृंगार मेले में आने वाले श्रद्धालुओं, बच्चों और पर्यटकों को भा रहे हैं।
वंदना ठक्कर ने बताया कि गुजरात में श्री खुड़ियार एजुकेशन एंड चैरिटेबल ट्रस्ट के माध्यम से करीब 20 गांवों की 180 महिलाएं इन वस्त्रों को हाथों से बनाती हैं। वे धूप और अगरबत्तियां भी तैयार करती हैं। वे दस साल से इस महोत्सव में आ रही हैं। उन्होंने बताया कि उन्हें पैसे का लालच नहीं है।बच्चे बाल गोपाल लेकर आते हैं और वस्त्र व शृंगार का चयन करते हैं। अगर सामान 100 रुपये का बनता है तो बच्चे बड़े मासूमियत से कहते हैं कि उनके पास 70 रुपये हैं, तब भी वे उनमें भगवान का स्वरूप देखकर सामान दे देतीं हैं।
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