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Kurukshetra News: हास्य कवि सम्मेलन में श्रोता हुए हंसी से लोटपोट
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कुरुक्षेत्र। विद्यापीठ में हास्य कवि सम्मेलन पर रचनाओं की प्रस्तुतियां देते कवि। विज्ञप्ति
कुरुक्षेत्र। श्री जयराम संस्था में गीता जयंती महोत्सव के अवसर पर 32 वर्षों से भव्य हास्य कवि सम्मेलन आयोजित किया जा रहा है। इसी के चलते इस बार भी वीरवार देर शाम ब्रह्मस्वरूप ब्रह्मचारी के सानिध्य में आयोजित हास्य कवि सम्मेलन में कवियों ने अपनी रचनाओं से श्रोताओं के दिलों को खूब गुदगुदाया।
विद्यापीठ में आयोजित हास्य कवि सम्मेलन में पंडाल लोगों से खचाखच भरा रहा। देर रात्रि तक चले हास्य कवि सम्मेलन में देश के कवियों में पद्मश्री सुरेंद्र शर्मा, डाॅ. सीता सागर, दिनेश बावरा, सुंदर कटारिया तथा अनिल अग्रवंशी ने अपनी काव्य रचनाओं की प्रस्तुति दी।
हास्य कवि अनिल अग्रवंशी ने तो अपनी रचनाओं में ठेठ हरियाणवी अंदाज में जहां सामाजिक एवं राजनीतिक परिस्थितियों में कटाक्ष किए वहीं गीता की महत्ता पर भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि किसी को हंसाने की कला ही जीवन की वास्तविक कला है। आज जीवन में तनाव तो कहीं से भी ले लो।
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युवा कवि सुंदर कटारिया ने भी अपनी रचनाओं से जहां पारिवारिक संबंधों पर व्यंग्य किया वहीं वर्तमान सामाजिक परिस्थितियों पर चिंता व्यक्त की। वहीं उन्होंने हरियाणवी में अपनी भावनाओं को व्यक्त किया। महिला कवयित्री डाॅ. सीता सागर ने बहुत ही मार्मिक रचनाएं प्रस्तुत की। उन्होंने दिल, आत्मा और भगवान से संबंधों पर बहुत ही सुंदर अंदाज में प्रस्तुति दी।
मुंबई से आए दिनेश बावरा ने तो राष्ट्रीयता एवं भारतीय संस्कृति पर अपनी रचनाओं की शुरुआत की। मोबाइल से प्रभावित हो रहे जीवन एवं सामाजिक व्यवस्था को खतरे पर चिंता व्यक्त की। विख्यात हास्य कवि सुरेंद्र शर्मा ने मनुष्य जीवन की आयु से अपनी रचनाओं की शुरुआत की। 90 साल का जीवन जीने से अच्छा है कि 40 साल का सार्थक जीवन जिया जाए। उन्होंने अपने चिर परिचित अंदाज में पति पत्नी संबंधों पर भी कई कटाक्ष किए। आज समाज में सकारात्मक जिंदगी की आवश्यकता है। कवि सम्मेलन में ब्रह्मस्वरूप ब्रह्मचारी के साथ विद्यापीठ में भागवत कथा कर रहे भागवत भास्कर आचार्य श्याम भाई ठाकर सहित खचाखच भरे पंडाल में हजारों की संख्या में श्रोता मौजूद रहे जबकि मंच संचालन अनिल अग्रवंशी ने किया। इस दौरान कथावाचक आचार्य श्याम भाई ठाकर ने भी खूब आनंद लिया। इस मौके पर श्रवण गुप्ता, कुलवंत सैनी, राजेंद्र सिंघल, पवन गर्ग, खरैती लाल सिंगला, केके. कौशिक, टेक सिंह, राजेश सिंगला, जयपाल शर्मा, सुनील गौरी, सतबीर कौशिक, रोहित कौशिक, राजेश शास्त्री आदि मौजूद रहे।
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विद्यापीठ में आयोजित हास्य कवि सम्मेलन में पंडाल लोगों से खचाखच भरा रहा। देर रात्रि तक चले हास्य कवि सम्मेलन में देश के कवियों में पद्मश्री सुरेंद्र शर्मा, डाॅ. सीता सागर, दिनेश बावरा, सुंदर कटारिया तथा अनिल अग्रवंशी ने अपनी काव्य रचनाओं की प्रस्तुति दी।
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हास्य कवि अनिल अग्रवंशी ने तो अपनी रचनाओं में ठेठ हरियाणवी अंदाज में जहां सामाजिक एवं राजनीतिक परिस्थितियों में कटाक्ष किए वहीं गीता की महत्ता पर भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि किसी को हंसाने की कला ही जीवन की वास्तविक कला है। आज जीवन में तनाव तो कहीं से भी ले लो।
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युवा कवि सुंदर कटारिया ने भी अपनी रचनाओं से जहां पारिवारिक संबंधों पर व्यंग्य किया वहीं वर्तमान सामाजिक परिस्थितियों पर चिंता व्यक्त की। वहीं उन्होंने हरियाणवी में अपनी भावनाओं को व्यक्त किया। महिला कवयित्री डाॅ. सीता सागर ने बहुत ही मार्मिक रचनाएं प्रस्तुत की। उन्होंने दिल, आत्मा और भगवान से संबंधों पर बहुत ही सुंदर अंदाज में प्रस्तुति दी।
मुंबई से आए दिनेश बावरा ने तो राष्ट्रीयता एवं भारतीय संस्कृति पर अपनी रचनाओं की शुरुआत की। मोबाइल से प्रभावित हो रहे जीवन एवं सामाजिक व्यवस्था को खतरे पर चिंता व्यक्त की। विख्यात हास्य कवि सुरेंद्र शर्मा ने मनुष्य जीवन की आयु से अपनी रचनाओं की शुरुआत की। 90 साल का जीवन जीने से अच्छा है कि 40 साल का सार्थक जीवन जिया जाए। उन्होंने अपने चिर परिचित अंदाज में पति पत्नी संबंधों पर भी कई कटाक्ष किए। आज समाज में सकारात्मक जिंदगी की आवश्यकता है। कवि सम्मेलन में ब्रह्मस्वरूप ब्रह्मचारी के साथ विद्यापीठ में भागवत कथा कर रहे भागवत भास्कर आचार्य श्याम भाई ठाकर सहित खचाखच भरे पंडाल में हजारों की संख्या में श्रोता मौजूद रहे जबकि मंच संचालन अनिल अग्रवंशी ने किया। इस दौरान कथावाचक आचार्य श्याम भाई ठाकर ने भी खूब आनंद लिया। इस मौके पर श्रवण गुप्ता, कुलवंत सैनी, राजेंद्र सिंघल, पवन गर्ग, खरैती लाल सिंगला, केके. कौशिक, टेक सिंह, राजेश सिंगला, जयपाल शर्मा, सुनील गौरी, सतबीर कौशिक, रोहित कौशिक, राजेश शास्त्री आदि मौजूद रहे।