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अपने पसंददीदा स्टेशन के इंतजार में गुरुजी
अमर उजाला/ब्यूरो/कुरुक्षेत्र
Updated Wed, 02 Nov 2016 12:04 AM IST
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बैठक में अपनी राय रखते अध्यापक
- फोटो : amar ujala
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शिक्षा विभाग द्वारा शुरू की गई तबादला प्रक्रिया से अध्यापक असमंजस में हैं जबकि इसका सीधा असर विद्यार्थियों की पढ़ाई पर पड़ रहा है। स्कूलों में बच्चों की पढ़ाई को लेकर कम बल्कि अध्यापक अपने स्टेशन छूटने व नए स्टेशन मिलने को लेकर अधिक चर्चा करने में लगे हैं। अध्यापक हर रोज अपना-अपना पसंद किया गया स्टेशन मिलने का इंतजार कर रहे हैं तो ऐसे हालात में उनकी बच्चों को पढ़ाने की रुचि भी कम होती जा रही है। माना जा रहा है कि अध्यापक पुराना स्टेशन छूटने व नया स्टेशन मिलने का मन बना चुके हैं, जिसके चलते ही अब पढ़ाई पीछे छूटती जा रही है।
बता दें कि प्राध्यापकों के बाद पहले जेबीटी की तबादला प्रक्रिया पूूरी की गई तो इसके बाद सितंबर माह के तीसरे सप्ताह से टीजीटी व सीएंडवी अध्यापकों की तबादला प्रक्रिया शुरू की गई। विभाग ने पहले यह प्रक्रिया 1:50 के अध्यापक-छात्र अनुपात पर शुरू करने का प्रयास किया, लेकिन बाद में सीएम ने इसे मंजूर करने से इंकार कर दिया और आरटीई के नियमानुसार 1:30 अनुपात के अनुसार ही रेशनेलाइजेशन के निर्देश दिए। माना जा रहा है कि विभाग अभी तक इसी रेशनेलाइजेशन के पेंच पर अटका हुआ है जबकि इन अध्यापकों को अपनी ओर से ऑनलाइन स्टेशन ऑप्शन देने की अंतिम तिथि पहले 27 अक्तूबर तय की तो बाद में इसे 1 नवंबर तक बढ़ा दिया गया। इसके चलते एक नवंबर को भी अध्यापक इंतजार करते रहे। उधर बताया जा रहा है कि 27 अक्तूबर को अंतिम तिथि मानते हुए लगभग सभी अध्यापकों ने अपने ऑप्शन भी दे दिए हैं।
शीघ्र निपटाएं या बंद की जाए तबादला प्रक्रिया : मलिक
टीजीटी व सीएंडवी अध्यापकों की तबादला प्रक्रिया को लेकर अध्यापकों में रोष है। इस मामले को लेकर मंगलवार को एलिमेंटरी स्कूल हैडमास्टर एसोसिएशन की एक बैठक हुई, जिसकी अध्यक्षता प्रदेशाध्यक्ष दलबीर सिंह मलिक ने की। उन्होंने शिक्षा विभाग व सरकार से मांग करते हुए कहा कि तबादला प्रक्रिया को शीघ्र निपटाया जाए या फिर तबादला प्रक्रिया को शीघ्र बंद कर दिया जाए। क्योंकि तबादला प्रक्रिया के चलते स्कूलों में विद्यार्थियों की पढ़ाई ठप होकर के रह गई है। शिक्षक असमंजस की स्थिति से गुजर रहे हैं और तबादला प्रक्रिया के चलते वह अध्यापन कार्य मन लगाकर नही कर पा रहे। उन्होंने रोष प्रकट करते हुए कहा कि सत्र के मध्य में शिक्षकों के तबादले करना वाजिब नही है क्योंकि ऐसा करने से छात्रों की पढ़ाई अवश्य प्रभावित होगी। बैठक को राज्य कोषाध्यक्ष जसबीर सैनी, रमेश बिबियान, जिला प्रधान रमेश शर्मा, रामप्रकाश गिल, सुनील जोशी, रामनिवास शर्मा, मनजीत सिंह, जयभगवान ने भी संबोधित किया।
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2500 मिडल हैडमास्टर के पद रिक्त
एसोसिएशन ने शिक्षा विभाग से मांग की है कि टीजीटी व सीएंडवी शिक्षकों की मिडल हैडमास्टर के पद पर पदोन्नति की जाए क्योंकि इस समय प्रदेश के स्कूलों में लगभग 2500 मिडल हैडमास्टर के पद रिक्त पडे़ हैं । एसोसिएशन प्रदेशाध्यक्ष मलिक ने कहा कि 25 अगस्त को एलिमेंटरी स्कूल हैडमास्टर एसोसिएशन के साथ बातचीत में शिक्षा विभाग के वित्तायुक्त एवं अतिरिक्त प्रधान सचिव पीके दास ने वादा किया था कि शीघ्र ही मिडल स्कूलों में कम्प्यूटर व कम्प्यूटर ऑपरेटर दिए जाएंगे जो अब तक नहीं दिए गए। इनके अभाव में ऑनलाइन कार्य को करने के लिए हैडमास्टरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बार-बार मांग करने के बावजूद भी सभी क्लस्टर स्तर पर एसिसटेंट मैनेजर नियुक्त नहीं किए गए जबकि वित्त विभाग से क्लस्टर के हिसाब से एसिसटेंट मैनेजर के पद स्वीकृत हो चुके हैं। एसोसिएशन ने मांग कि है की सभी एलिमेंटरी हैडमास्टरों को डीडी पावर दी जाए, एलिमेंटरी स्कूलों को उच्च व वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों से अलग किया जाए, एलटीसी का शीघ्र भुगतान किया जाए, सभी मिडल स्कूलों में कम्प्यूटर व कम्प्यूटर ऑपरेटर दिए जाएं।
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बता दें कि प्राध्यापकों के बाद पहले जेबीटी की तबादला प्रक्रिया पूूरी की गई तो इसके बाद सितंबर माह के तीसरे सप्ताह से टीजीटी व सीएंडवी अध्यापकों की तबादला प्रक्रिया शुरू की गई। विभाग ने पहले यह प्रक्रिया 1:50 के अध्यापक-छात्र अनुपात पर शुरू करने का प्रयास किया, लेकिन बाद में सीएम ने इसे मंजूर करने से इंकार कर दिया और आरटीई के नियमानुसार 1:30 अनुपात के अनुसार ही रेशनेलाइजेशन के निर्देश दिए। माना जा रहा है कि विभाग अभी तक इसी रेशनेलाइजेशन के पेंच पर अटका हुआ है जबकि इन अध्यापकों को अपनी ओर से ऑनलाइन स्टेशन ऑप्शन देने की अंतिम तिथि पहले 27 अक्तूबर तय की तो बाद में इसे 1 नवंबर तक बढ़ा दिया गया। इसके चलते एक नवंबर को भी अध्यापक इंतजार करते रहे। उधर बताया जा रहा है कि 27 अक्तूबर को अंतिम तिथि मानते हुए लगभग सभी अध्यापकों ने अपने ऑप्शन भी दे दिए हैं।
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शीघ्र निपटाएं या बंद की जाए तबादला प्रक्रिया : मलिक
टीजीटी व सीएंडवी अध्यापकों की तबादला प्रक्रिया को लेकर अध्यापकों में रोष है। इस मामले को लेकर मंगलवार को एलिमेंटरी स्कूल हैडमास्टर एसोसिएशन की एक बैठक हुई, जिसकी अध्यक्षता प्रदेशाध्यक्ष दलबीर सिंह मलिक ने की। उन्होंने शिक्षा विभाग व सरकार से मांग करते हुए कहा कि तबादला प्रक्रिया को शीघ्र निपटाया जाए या फिर तबादला प्रक्रिया को शीघ्र बंद कर दिया जाए। क्योंकि तबादला प्रक्रिया के चलते स्कूलों में विद्यार्थियों की पढ़ाई ठप होकर के रह गई है। शिक्षक असमंजस की स्थिति से गुजर रहे हैं और तबादला प्रक्रिया के चलते वह अध्यापन कार्य मन लगाकर नही कर पा रहे। उन्होंने रोष प्रकट करते हुए कहा कि सत्र के मध्य में शिक्षकों के तबादले करना वाजिब नही है क्योंकि ऐसा करने से छात्रों की पढ़ाई अवश्य प्रभावित होगी। बैठक को राज्य कोषाध्यक्ष जसबीर सैनी, रमेश बिबियान, जिला प्रधान रमेश शर्मा, रामप्रकाश गिल, सुनील जोशी, रामनिवास शर्मा, मनजीत सिंह, जयभगवान ने भी संबोधित किया।
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2500 मिडल हैडमास्टर के पद रिक्त
एसोसिएशन ने शिक्षा विभाग से मांग की है कि टीजीटी व सीएंडवी शिक्षकों की मिडल हैडमास्टर के पद पर पदोन्नति की जाए क्योंकि इस समय प्रदेश के स्कूलों में लगभग 2500 मिडल हैडमास्टर के पद रिक्त पडे़ हैं । एसोसिएशन प्रदेशाध्यक्ष मलिक ने कहा कि 25 अगस्त को एलिमेंटरी स्कूल हैडमास्टर एसोसिएशन के साथ बातचीत में शिक्षा विभाग के वित्तायुक्त एवं अतिरिक्त प्रधान सचिव पीके दास ने वादा किया था कि शीघ्र ही मिडल स्कूलों में कम्प्यूटर व कम्प्यूटर ऑपरेटर दिए जाएंगे जो अब तक नहीं दिए गए। इनके अभाव में ऑनलाइन कार्य को करने के लिए हैडमास्टरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बार-बार मांग करने के बावजूद भी सभी क्लस्टर स्तर पर एसिसटेंट मैनेजर नियुक्त नहीं किए गए जबकि वित्त विभाग से क्लस्टर के हिसाब से एसिसटेंट मैनेजर के पद स्वीकृत हो चुके हैं। एसोसिएशन ने मांग कि है की सभी एलिमेंटरी हैडमास्टरों को डीडी पावर दी जाए, एलिमेंटरी स्कूलों को उच्च व वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों से अलग किया जाए, एलटीसी का शीघ्र भुगतान किया जाए, सभी मिडल स्कूलों में कम्प्यूटर व कम्प्यूटर ऑपरेटर दिए जाएं।