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मिल में गन्ने पर काट लगाए जाने से किसानों का गुस्सा फूटा, लगाया जाम

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 17 Apr 2020 11:51 PM IST
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शाहाबाद की सहकारी चीनी मिल में सप्लाई हो रहे गन्ने पर काट लगाने से किसानों का गुस्सा फूट पड़ा, जिससे खफा होकर किसानों ने वजन कर रहे कांटे को जाम कर दिया। नीरज वर्मा ने बताया कि वह शुक्रवार को गन्ने की ट्राली लेकर आया था लेकिन जब वह मिल में गन्ना उतार कर कांटे पर तो आया तो पता चला कि उसकी ट्राली पर काट लगाई गई है। इसकी सूचना उसने भाकियू प्रवक्ता राकेश बैंस को दी। सूचना मिलते ही राकेश बैंस सहित अन्य किसान मौके पर पहुंच गए और कांटे पर बैठक कांटा जाम कर दिया।
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प्रवक्ता राकेश बैंस ने कहा कि यह काट कोर्ड वर्ड के हिसाब से 50 किलो से दो क्विंटल तक लगाई जा रही है। उन्होंने कहा कि किसानों के गन्ने पर काट लगाकर मिल अधिकारी मिल की रिकवरी बढ़ाने का प्रयास कर रहे हैं। किसानों के साथ यह अन्याय बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। वायरल हुए एक वीडियो में मिल के कर्मचारी स्पष्ट कहते हुए दिखाई दे रहे हैं कि कोर्ड वर्ड का मतलब 50, बी को एक क्विंटल, सी को डेढ़ और डी को मतलब दो क्विंटल है। राकेश बैंस ने यह भी आरोप लगाया कि मिल में आ रही ट्रालियों पर ही काट लगाई जा रही है जबकि ट्रकों में आ रहे गन्ने पर मिल काट नहीं लगा रहा। कांटे पर बैठे किसान काट को बंद करने और काट लगाने वाले कर्मचारी को निलंबित करने की मांग कर रहे है। वहीं किसानों के मुताबिक पिछले तीन दिनों से इस मामले की शिकायत आ रही थी।
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मिल कर्मचारी की डयूटी बदलने पर किसान हुए शांत, नहीं लगेगी काट
मामले की सूचना पाकर मौके पर पहुंचे मिल के एमडी सुशील कुमार ने कहा कि सप्लाई हो रहे गन्ने पर किसी तरह की काट नहीं लगाई जाएगी। किसानों की मांग पर मिल एमडी ने कांटा क्लर्क की ड्यूटी मिल में दूसरी जगह लगा दी। इसके बाद किसान शांत हुए और मिल का कार्य शुरू हुआ।
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15 दिनों के पुराने गन्ने पर लगाई जा रही काट
मिल केन मैनेजर जसविंद्र सिंह ढींढसा ने कहा कि मिल में सप्लाई हो रहे साफ गन्ने पर किसी तरह की कोई काट नहीं लगाई जा रही है। केवल 15 दिन पुराने गन्ने पर किसान की सहमति से काट लगाई जा रही है। उन्होंने कहा कि दो प्रावधान है या तो किसान खराब गन्ना वापस ले जाए और दूसरा किसान की सहमति के अनुसार काट लगाई जाएगी।
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