फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Kurukshetra News ›   Struggle from morning till evening for Chaudhar

चौधर के लिए सुबह से शाम तक संघर्ष

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 20 Oct 2022 01:57 AM IST
विज्ञापन
Struggle from morning till evening for Chaudhar
कुरुक्षेत्र। पंचायतीराज चुनाव आए तो चौधर बनने की इच्छा रखने वाले लोगों के सपने भी उड़ान भरने लगे हैं। इन्हीं सपनों को पूरा करने के लिए अब सुबह से शाम तक कड़ा संघर्ष करना पड़ रहा है। अनापत्ति प्रमाण पत्र और अन्य दस्तावेज पूरे करने के लिए अधिकारियों के पहुंचने से पहले ही सरकारी कार्यालयों पर पहुंच रहे हैं तो वहां उन्हें तीन-तीन घंटे लाइनों में भी इंतजार करना पड़ रहा है।
विज्ञापन

ऐसे ही हालात लैंड मोर्गेज बैंक पर बुधवार को देखने को मिले। यहां नो अनापत्ति प्रमाण पत्र लेने के लिए चुनाव मैदान में उतरने वाले लोगों की भीड़ उमड़ी हुई थी। सुबह नौ बजे से शाम पांच बजे तक लोग लाइनों में लगे रहे, जहां भीड़ को देख कई बैरंग लौट गए तो अधिकारियों के भी पसीने छूट गए।
विज्ञापन

हालांकि पंच से लेकर सरपंच व ब्लॉक समिति से लेकर जिला परिषद सदस्य बनने को प्रयासरत भावी उम्मीदवारों की भीड़ बिजली निगम सहित अन्य सरकारी कार्यालयों पर देखी जा रही है, लेकिन सबसे गंभीर हालात लैंड मोर्गेज बैंक के बने हुए हैं। जहां सुबह नौ बजे ही भावी उम्मीद्वार लाइन में लग रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

पिछले दो दिन से यहां भारी भीड़ उमड़ रही है और अब तक भावी उम्मीदवार व उनके नोमिनी को करीब 1500 अनापत्ति प्रमाण पत्र जारी किए जा चुके हैं। गांव दुधला से आए राजकुमार ने बताया कि उनके भाई राजेंद्र सिंह गांव में सरपंच पद का चुनाव लड़ रहे हैं, जिसके वे नोमिनी है। वे यहां नो ड्यूज लेने आए थे, लेकिन चार घंटे तक भी लाइन में लगने पर नहीं मिला तो उन्हें खाली हाथ लौटने को मजबूर होना पड़ा।
पति संभाल रहे हैं बच्चे
नामांकन प्रक्रिया शुरू होने से पहले चुनावी मैदान में उतरी भावी उम्मीदवार महिलाएं दस्तावेज जुटाने में लगी है। लैंड मोर्गेज बैंक में बुधवार को भी अनेकों महिलाएं पहुंची, जिनके साथ आए पति व परिवार के अन्य सदस्य कार्यालय में ही बच्चों को संभालते नजर आए।

बच्चे सहित आना पड़ा
लैंड मार्गेज बैंक में बच्चे को संभाल रहे अंटेड़ी के रहने वाले मुकेश बताते हैं कि इस बार गांव में महिला रिजर्व सरपंच बनना है। इसके लिए उनकी भाभी कविता चुनाव लड़ रही है। पत्नी नामिनी है, जिसके चलते उसे बच्चे सहित यहां आना पड़ा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed