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Kurukshetra News: बीज व कीटनाशक विक्रेताओं की हड़ताल जारी, बंद रखीं दुकानें

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 09 Apr 2025 01:59 AM IST
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Strike of seed and pesticide sellers continues, shops kept closed
कुरुक्षेत्र। हरियाणा बीज संशोधन विधेयक 2025 का विरोध लगातार दूसरे दिन मंगलवार को भी जारी रहा। खाद-बीज व कीटनाशक विक्रेताओं ने पूरे दिन अपनी दुकानें बंद रखकर कड़ा रोष जताया। देर शाम वे जिला प्रधान प्रमोद मित्तल की अगुवाई में पूर्व राज्यमंत्री सुभाष सुधा से मिले, जहां उन्हें फिर भरोसा दिया गया। बुधवार को भी हड़ताल जारी रखने के संकेत बीज विक्रेताओं ने दिए हैं।
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खाद-बीज व कीटनाशक विक्रेताओं ने नए विधेयक के विरोध में सोमवार से सात दिन की सांकेतिक हड़ताल शुरू कर दी थी। प्रदेश के साथ-साथ कुरुक्षेत्र में भी पहले दिन हड़ताल पूरी तरह से सफल रही थी लेकिन देर शाम 14 अप्रैल तक हड़ताल स्थगित किए जाने के संदेश भी मिले थे लेकिन मंगलवार सुबह फिर वे हड़ताल पर उतर आए और दिनभर दुकानें बंद रखीं। इससे किसानों को परेशानी झेलनी पड़ी। खाद-बीज व कीटनाशक विक्रेताओं का कहना है कि सरकार को इस विधयेक में संशोधन करना होगा। ऐसा विधेयक लाकर सरकार उनके कारोबार को बंद करना चाहती है।
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नए विधेयक के समर्थन में उतरी भाकियू, चढूनी ने जताया सरकार का आभार
कुरुक्षेत्र। भारतीय किसान यूनियन चढूनी गुट ने नए बीज विधेयक का समर्थन किया है, जिसके लिए प्रदेश सरकार का आभार भी जताया है। इसके चलते मंगलवार को यूनियन अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी के नेतृत्व में जाट धर्मशाला में बैठक हुई, जहां चढूनी ने कहा कि इस विधेयक में जो कानूनी प्रावधान किया गया है, उसकी सख्त जरूरत थी। इसके लिए किसान अनेक बार सड़कों पर उतरने को भी मजबूर हो चुके हैं।
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चढूनी ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि वे किसी के विरोध में नहीं है लेकिन व्यवस्था में सुधार बेहद आवश्यक है। इस विधेयक से गलत काम करने वालों को ही डरने की जरूरत है। यह किसानों की लंबे समय से मांग थी। इससे किसानों के साथ निम्न गुणवत्ता का बीज देकर होने वाला धोखा रुकेगा और उनका बड़ा आर्थिक नुकसान भी बचेगा। पहले इस कानून में सजा का ठोस प्रावधान नहीं था और निम्न गुणवत्ता के बीज एवं कीटनाशक धड़ल्ले से बेचे जा रहे थे। इससे फसल उत्पादन से लेकर किसान के परिवार पर बड़ा असर पड़ता था। चढूनी ने कहा कि कोई भी उत्पादन कृषि विश्वविद्यालय की सिफारिश के बिना बिकने नहीं देना चाहिए। वहीं कृषि प्रयोगशालाएं भी खोले जाने की जरूरत है।


नया विधेयक पूर्ण रूप से किसानों के पक्ष में : वड़ैच
पिहोवा। प्रदेश सरकार द्वारा लाया गया नया विधेयक पूर्ण रूप से किसानों के पक्ष में है। यह कहना है भाकियू प्रवक्ता प्रिंस वड़ैच का। वे मंगलवार को यहां किसान रेस्ट हाउस में हुई किसानों की बैठक को संबोधित कर रहे थे।

ब्लॉक प्रधान कवल विर्क व युवा प्रधान सुखविंदर मुकीमपुरा की अध्यक्षता में हुई बैठक में उक्त विधेयक के समर्थन में प्रस्ताव पास किया गया। वड़ैच ने बताया कि बीज विधेयक में संशोधन कर प्रदेश सरकार ने किसानों की वर्षों पुरानी मांग को पूरा किया है क्योंकि प्रदेश के किसान वर्षों से डुप्लीकेट बीज की रोकथाम के लिए सख्त कानून की मांग कर रहे थे, क्योंकि इस संशोधन से पहले हरियाणा बीज विधेयक में केवल 500 रुपये तक जुर्माने का प्रावधान था व कोई अन्य सजा का प्रावधान नहीं था। इस मौके पर ब्लॉक प्रधान कवलजीत विर्क, युवा प्रधान सुखविंदर मुकीमपूरा, बलविंद्र बटेडी, गुरलाल असमानपुर, मलकीत बाजवा, विनोद बाखली, साहब बाजवा, मनीष मलिक व अन्य किसान मौजूद रहे।
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