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Kurukshetra News: आज होगी रोडवेज कर्मचारियों की राज्य स्तरीय बैठक
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कुरुक्षेत्र। रोडवेज विभाग में कर्मचारियों में ऑनलाइन ट्रांसफर प्रक्रिया से नाराजगी बढ़ रही है। कुरुक्षेत्र डिपो के ही अनेक कर्मचारियों का ट्रांसफर उनके घर से 200 किलोमीटर से भी ज्यादा दूर कर दिया गया है। इससे कर्मचारी परेशान हैं, जिसके चलते कर्मियों ने आज मंगलवार को राज्य स्तरीय बैठक बुलाई है। इस बैठक में आंदोलन पर बड़ा एलान किया जा सकता है।
ऑल हरियाणा रोडवेज वर्कर्स यूनियन के जिला प्रधान नरेंद्र पांचाल के मुताबिक, ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी के तहत इंस्पेक्टर, सब इंस्पेक्टर, क्लर्क और मैकेनिकों का ट्रांसफर किया है। कई कर्मियों का ट्रांसफर विभिन्न जिलों में काफी दूर किया गया है। इससे कर्मचारियों की निजी और पारिवारिक जिंदगी पर असर पड़ रहा है।
नरेंद्र पांचाल ने कहा कि क्लर्कों की ड्यूटी सुबह नौ से शाम पांच बजे तक होती है। इसलिए उनका सीमित दूरी तक हर रोज आना-जाना हो सकता है लेकिन मैकेनिक, ड्राइवर और कंडक्टर की ड्यूटी कभी भी लग सकती है, जो 24 घंटे की होती है। इसलिए उनको 200 किलोमीटर दूर भेज देना किसी भी स्तर पर सही नहीं है। वर्कशॉप में बसों के रिपेयर का काम रात को भी चलता है। ये जिम्मेदारी का काम है, जिसमें टाइम भी लगता है।
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कर्मचारियों ने विभाग से मांग की है कि सिर्फ अपने आप चाहने वाले लोगों का ट्रांसफर किया जाए, जबरन ट्रांसफर से कर्मचारी परेशान होंगे। साथ ही रोडवेज का काम भी प्रभावित होगा।
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ऑल हरियाणा रोडवेज वर्कर्स यूनियन के जिला प्रधान नरेंद्र पांचाल के मुताबिक, ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी के तहत इंस्पेक्टर, सब इंस्पेक्टर, क्लर्क और मैकेनिकों का ट्रांसफर किया है। कई कर्मियों का ट्रांसफर विभिन्न जिलों में काफी दूर किया गया है। इससे कर्मचारियों की निजी और पारिवारिक जिंदगी पर असर पड़ रहा है।
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नरेंद्र पांचाल ने कहा कि क्लर्कों की ड्यूटी सुबह नौ से शाम पांच बजे तक होती है। इसलिए उनका सीमित दूरी तक हर रोज आना-जाना हो सकता है लेकिन मैकेनिक, ड्राइवर और कंडक्टर की ड्यूटी कभी भी लग सकती है, जो 24 घंटे की होती है। इसलिए उनको 200 किलोमीटर दूर भेज देना किसी भी स्तर पर सही नहीं है। वर्कशॉप में बसों के रिपेयर का काम रात को भी चलता है। ये जिम्मेदारी का काम है, जिसमें टाइम भी लगता है।
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कर्मचारियों ने विभाग से मांग की है कि सिर्फ अपने आप चाहने वाले लोगों का ट्रांसफर किया जाए, जबरन ट्रांसफर से कर्मचारी परेशान होंगे। साथ ही रोडवेज का काम भी प्रभावित होगा।