कुरुक्षेत्र। जिला अतिरिक्त व सत्र न्यायालय की अदालत ने नौ साल पुराने जगरूप हत्याकांड के मामले में सात लोगों को दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है। अदालत ने इन पर एक लाख 32 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना राशि न भरने पर दो साल की अतिरिक्त सजा काटनी होगी।
इनमें मुर्तजापुर के रहने वाले मंजीत सिंह, लखविंदर सिंह, हरमनजीत सिंह, रणधीर सिंह, गुरमिंदर सिंह, जगमीत सिंह व खुशवंत सिंह शामिल हैं। एक मई 2016 को पुलिस को दिए बयान में मृतक के भाई लवदीप सिंह निवासी मुर्तजापुर ने बताया था कि 30 अप्रैल की शाम के समय वह कमलजीत सिंह व मंदीप सिंह के साथ गांव में ही किराना की दुकान पर खड़ा था। उसी समय कमलजीत ने उसके भाई जगरूप को फोन कर मार्केट में बुला लिया और वह सब जगरूप सिंह के साथ पिहोवा मार्केट के लिए जाने लगे तभी एक कार व तीन चार मोटरसाइकिल पर सवार होकर आठ से 10 युवक आए जिनके हाथों में तेजधार हथियार व देसी कट्टा था। उन्होंने आते ही उन सब पर हमला कर दिया। वह सब अपनी जान बचाने के लिए भागने लगे। डर के कारण जगरूप का पांव फिसल गया और व नीचे गिर गया, जिस पर हमलावरों ने उसे पीटकर घायल कर दिया था। घायल जगरूप सिंह को पहले एलएनजेपी जिला नागरिक अस्पताल ले जाया गया। जहां से उन्हें पीजीआई चंडीगढ़ रेफर किया गया, वहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई थी। मामला दर्ज करने बाद आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था, जिन्हें अब अदालत ने दोषी पाते हुए सजा सुनाई है।