{"_id":"66ca7166e627e1e66f0281e7","slug":"scientist-prof-v-nagaraja-will-receive-goel-award-kurukshetra-news-c-18-1-knl1012-459739-2024-08-25","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kurukshetra News: वैज्ञानिक प्रो. वी नागराजा को मिलेगा गाेयल पुरस्कार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kurukshetra News: वैज्ञानिक प्रो. वी नागराजा को मिलेगा गाेयल पुरस्कार
Sun, 25 Aug 2024 05:18 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र
संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र
Updated Sun, 25 Aug 2024 05:18 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कुरुक्षेत्र। विज्ञान के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले वैज्ञानिक को कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय द्वारा गाेयल पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। इसके लिए छह सितंबर को 17वां गाेयल पुरस्कार सम्मान समारोह का आयोजन किया जाएगा, जिसमें विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के अध्यक्ष प्रो. एम जगदीश कुमार मुख्यातिथि होंगे। वह एप्लाइड साइंस, लाइफ साइंस, कैमिकल साइंस और फिजिकल साइंस में उत्कृष्ट कार्य करने वाले चार वैज्ञानिकों को गोयल और चार को राजीब गोयल पुरस्कार से सम्मानित करेंगे।
गोयल पुरस्कार आयोजन समिति के अध्यक्ष एवं कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने बताया कि प्रतिष्ठित वैज्ञानिक आणविक सूक्ष्म जीवविज्ञानी और जैव प्रौद्योगिकीविद् प्रो. वी नागराजा वर्तमान में भारतीय विज्ञान संस्थान बेंगलुरु में मानद प्रोफेसर है। उन्हें जीव विज्ञान के क्षेत्र में गोयल पुरस्कार दिया जाएगा। सह-अध्यक्ष प्रो. एसपी सिंह ने बताया कि आर-एम सिस्टम, डीएनए टोपोइज़ोमेरेज़, टोपोलॉजी मॉड्यूलेशन, जीन अभिव्यक्ति के विनियमन के जीव विज्ञान में अग्रणी कार्य अंतर्निहित आणविक तंत्रों को समझने और सेलुलर कार्यों में उनके महत्व के परिणामस्वरूप 220 सहकर्मी-समीक्षित प्रकाशन, 600 से अधिक प्रस्तुतियां और कई पेटेंट हुए हैं, जिनमें से कुछ उद्योगों को लाइसेंस दिया गया है। उनके कुछ निष्कर्षों ने संभावित टीबी उपचार के लिए प्रतिबंध एंजाइम और लीड अणुओं जैसे वाणिज्यिक बायोटेक उत्पादों के विकास को जन्म दिया है। वह पहले भी शांति स्वरूप भटनागर सहित कई प्रमुख विज्ञान पुरस्कारों से सम्मानित हो चुके हैं।
विज्ञापन
गोयल पुरस्कार आयोजन समिति के अध्यक्ष एवं कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने बताया कि प्रतिष्ठित वैज्ञानिक आणविक सूक्ष्म जीवविज्ञानी और जैव प्रौद्योगिकीविद् प्रो. वी नागराजा वर्तमान में भारतीय विज्ञान संस्थान बेंगलुरु में मानद प्रोफेसर है। उन्हें जीव विज्ञान के क्षेत्र में गोयल पुरस्कार दिया जाएगा। सह-अध्यक्ष प्रो. एसपी सिंह ने बताया कि आर-एम सिस्टम, डीएनए टोपोइज़ोमेरेज़, टोपोलॉजी मॉड्यूलेशन, जीन अभिव्यक्ति के विनियमन के जीव विज्ञान में अग्रणी कार्य अंतर्निहित आणविक तंत्रों को समझने और सेलुलर कार्यों में उनके महत्व के परिणामस्वरूप 220 सहकर्मी-समीक्षित प्रकाशन, 600 से अधिक प्रस्तुतियां और कई पेटेंट हुए हैं, जिनमें से कुछ उद्योगों को लाइसेंस दिया गया है। उनके कुछ निष्कर्षों ने संभावित टीबी उपचार के लिए प्रतिबंध एंजाइम और लीड अणुओं जैसे वाणिज्यिक बायोटेक उत्पादों के विकास को जन्म दिया है। वह पहले भी शांति स्वरूप भटनागर सहित कई प्रमुख विज्ञान पुरस्कारों से सम्मानित हो चुके हैं।
विज्ञापन