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Kurukshetra News: विस चुनाव से पहले सीएम की घोषणाओं से गदगद हुए सरपंच
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विस चुनाव से पहले सीएम की घोषणाओं से गदगद हुए सरपंच
पहले ई-टेंडरिंग सहित अन्य मुद्दों को लेकर किया था प्रदर्शन, बरसाई गई थीं लाठियां
संवाद न्यूज एजेंसी
कुरुक्षेत्र। ई-टेंडरिंग के विरोध व विभिन्न मांगों को लेकर लंबे समय से नाराज चल रहे सरपंचों के लिए मुख्यमंत्री ने मंगलवार को घोषणाओं को पिटारा खोल दिया। इसके साथ ही वे ग्रामीण स्तर पर विधानसभा चुनावों का ग्राउंड भी तैयार कर गए। मुख्यमंत्री की घोषणाओं से सरपंच गदगद नजर आए, लेकिन अब देखने वाली बात होगी कि आगामी विस चुनाव में भाजपा सरकार को इसका कितना फायदा मिलता है।
दरअसल, नवंबर 2022 में प्रदेश भर में ग्राम पंचायतों के चुनाव हुए थे, जिसके तुरंत बाद ही सरपंच ई-टेंडरिंग के विरोध में उतर आए थे। इसके साथ ही उनकी कई मांगें भी जुड़ती चली गईं तो आंदोलन भी खूब चला। इस दौरान सरपंचों पर लाठियां भी बरसीं। विपक्षी दल कांग्रेस ने भी सरकार का विरोध कर रहे सरपंचों के सुर के सुर में मिलाए। जानकारों का मानना है कि इसका खामियाजा भाजपा सरकार को लोकसभा चुनाव में भी झेलना पड़ा। यही कारण है कि अब सरकार इसकी भरपाई में जुटी है।
सरकार ने नहीं छोड़ी कोई कोर कसर : जितेंद्र
गांव खैरा के सरपंच एवं सरपंच एसोसिएशन के जिला प्रधान जितेंद्र खैरा का कहना है कि सरकार ने कोई कोर कसर नहीं छोड़ी है। अब सरपंच 21 लाख रुपये तक के कार्य बिना टेंडर करवा सकेंगे तो अन्य शक्तियां भी खूब बढ़ा दी हैं। कई मांगें तो लोकसभा चुनाव से पहले भी मानी जा चुकी थी, लेकिन अब सरकार ने सभी कसर पूरी कर दी। इससे सरपंच गदगद हैं और अब गांव के विकास कार्य तेज रफ्तार पकड़ेंगे।
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ग्रामीण विकास में आएगी तेजी : हंसबीर
घरौंडा के गांव शेखपुरा खालसा के सरपंच हंसबीर का कहना है कि सीएम द्वारा की गई घोषणाओं से ग्रामीण विकास में तेजी से बढ़ोतरी होगी और सरपंच गांव के हर नागरिक को सहायता प्रदान करने में सक्षम होगा। सरपंचों की अधिकतर मांगें आज पूरी हो गई हैं। हर सरपंच अब पूरी सकारात्मक उर्जा के साथ गांव का विकास करा सकेगा।
मुख्यमंत्री की घोषणाओं से हैं खुश : विशाल
करनाल के कुटेल गांव के सरपंच विशाल कल्याण का कहना है कि मुख्यमंत्री द्वारा सरपंचों की मांगों को पूरा कर जो सौगात दी गई है, उससे वे खुश हैं। इससे प्रदेश के हर गांव में उन्नति होगी। सरकार ने देर से सही लेकिन बड़े फैसले किए हैं, जो गांवों के विकास में सार्थक साबित होंगे।
लंबे समय की लटकी मांगें हुईं पूरी : अशोक
सोनीपत के छपरा गांव के सरपंच प्रतिनिधि अशोक का कहना है लंबे समय से सरपंचों की लटकी मांगों को मुख्यमंत्री ने पूरा किया है, जिससे सरपंच समाज में खुशी है। सरपंचों में बना संशय दूर हो गया है और अब गांवों की तस्वीर बदली दिखाई देगी।
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पहले ई-टेंडरिंग सहित अन्य मुद्दों को लेकर किया था प्रदर्शन, बरसाई गई थीं लाठियां
संवाद न्यूज एजेंसी
कुरुक्षेत्र। ई-टेंडरिंग के विरोध व विभिन्न मांगों को लेकर लंबे समय से नाराज चल रहे सरपंचों के लिए मुख्यमंत्री ने मंगलवार को घोषणाओं को पिटारा खोल दिया। इसके साथ ही वे ग्रामीण स्तर पर विधानसभा चुनावों का ग्राउंड भी तैयार कर गए। मुख्यमंत्री की घोषणाओं से सरपंच गदगद नजर आए, लेकिन अब देखने वाली बात होगी कि आगामी विस चुनाव में भाजपा सरकार को इसका कितना फायदा मिलता है।
दरअसल, नवंबर 2022 में प्रदेश भर में ग्राम पंचायतों के चुनाव हुए थे, जिसके तुरंत बाद ही सरपंच ई-टेंडरिंग के विरोध में उतर आए थे। इसके साथ ही उनकी कई मांगें भी जुड़ती चली गईं तो आंदोलन भी खूब चला। इस दौरान सरपंचों पर लाठियां भी बरसीं। विपक्षी दल कांग्रेस ने भी सरकार का विरोध कर रहे सरपंचों के सुर के सुर में मिलाए। जानकारों का मानना है कि इसका खामियाजा भाजपा सरकार को लोकसभा चुनाव में भी झेलना पड़ा। यही कारण है कि अब सरकार इसकी भरपाई में जुटी है।
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सरकार ने नहीं छोड़ी कोई कोर कसर : जितेंद्र
गांव खैरा के सरपंच एवं सरपंच एसोसिएशन के जिला प्रधान जितेंद्र खैरा का कहना है कि सरकार ने कोई कोर कसर नहीं छोड़ी है। अब सरपंच 21 लाख रुपये तक के कार्य बिना टेंडर करवा सकेंगे तो अन्य शक्तियां भी खूब बढ़ा दी हैं। कई मांगें तो लोकसभा चुनाव से पहले भी मानी जा चुकी थी, लेकिन अब सरकार ने सभी कसर पूरी कर दी। इससे सरपंच गदगद हैं और अब गांव के विकास कार्य तेज रफ्तार पकड़ेंगे।
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ग्रामीण विकास में आएगी तेजी : हंसबीर
घरौंडा के गांव शेखपुरा खालसा के सरपंच हंसबीर का कहना है कि सीएम द्वारा की गई घोषणाओं से ग्रामीण विकास में तेजी से बढ़ोतरी होगी और सरपंच गांव के हर नागरिक को सहायता प्रदान करने में सक्षम होगा। सरपंचों की अधिकतर मांगें आज पूरी हो गई हैं। हर सरपंच अब पूरी सकारात्मक उर्जा के साथ गांव का विकास करा सकेगा।
मुख्यमंत्री की घोषणाओं से हैं खुश : विशाल
करनाल के कुटेल गांव के सरपंच विशाल कल्याण का कहना है कि मुख्यमंत्री द्वारा सरपंचों की मांगों को पूरा कर जो सौगात दी गई है, उससे वे खुश हैं। इससे प्रदेश के हर गांव में उन्नति होगी। सरकार ने देर से सही लेकिन बड़े फैसले किए हैं, जो गांवों के विकास में सार्थक साबित होंगे।
लंबे समय की लटकी मांगें हुईं पूरी : अशोक
सोनीपत के छपरा गांव के सरपंच प्रतिनिधि अशोक का कहना है लंबे समय से सरपंचों की लटकी मांगों को मुख्यमंत्री ने पूरा किया है, जिससे सरपंच समाज में खुशी है। सरपंचों में बना संशय दूर हो गया है और अब गांवों की तस्वीर बदली दिखाई देगी।