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Kurukshetra News: गोवंश से मुक्त नहीं हो पाई धर्मनगरी की सड़कें, फेल साबित हो रहे नप के अभियान
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कुरुक्षेत्र। अर्जुन चौक के पास सड़क के किनारे बैठा बेसहारा गोवंश। संवाद
कुरुक्षेत्र। धर्मनगरी की सड़कें पशु मुक्त नहीं हो पा रही है। वर्तमान में भी 600 से ज्यादा गोवंश सड़कों पर घूम रहे हैं, जो न केवल हादसों का कारण बन रहे हैं बल्कि खुद की जान भी खतरे में डाल रहे हैं। मुख्य सड़क से लेकर सेक्टर व कॉलोनियों में भी गोवंश के झुंड आम है, जो लोगों के लिए हर समय खतरा बने रहते हैं। कई लोग इनका शिकार भी हो चुके हैं।
जिला प्रशासन की ओर से अनेकों बार पशु मुक्त सड़कें करने को लेकर दावे किए जाते रहे तो वहीं नगर परिषद ने भी कई बार पशुओं को सड़कों से हटाने के लिए अभियान भी चलाए, लेकिन ये दावे व अभियान सफल नहीं हो पाए। स्थिति यह है कि बस अड्डे से लेकर अस्पताल, स्कूल व अन्य सार्वजनिक जगहों के आसपास भी बेसहारा गोवंश के झुंड दिन-रात खड़े रहते हैं। शाम होते ही बड़ी संख्या में ये गोवंश सड़कों पर आ जाते हैं और रात के समय अनेक बार हादसों का सबब बन चुके हैं। कई बार ये गोवंश खुद भी चोटिल हो चुके हैं।
ब्रह्मसरोवर व सन्निहित सरोवर के आसपास भी जमावड़ा
धर्मनगरी में हर रोज पांच हजार से ज्यादा पर्यटक देश-विदेश से आते हैं, जो पवित्र ब्रह्मसरोवर व सन्निहित सरोवर पर जरूर पहुंचते हैं, लेकिन यहां पर उन्हें भी बेसहारा गोवंश का सामना करना पड़ता है। पर्यटक गोवंश के झुंड को देख भयभीत हो जाते हैं। यहां पर अक्सर गोवंश का जमावड़ा रहता है।
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...जब बुजुर्ग को उठाकर पटका
गुरुनानकपुरा मोहल्ला में दस दिन पहले ही जगदीश अरोड़ा को एक सांड ने उठाकर पटक दिया, जिसमें वह घायल हो गया था। सांड ने उसे कई बार पटका तो आसपास के लोगों ने मुश्किल से उसे छुड़वाया। ऐसे आसपास के लोगों में भी भय का माहौल बन गया।
चार घंटे ऑपरेशन चलाकर बचाई गोवंश की जान
बिरला मंदिर के पास एक गोवंश की जान उस समय आफत में आ गई थी जब पेट भरने के लिए कचरे के ढेर पर गया। वहीं पर सीवरेज के गहरे नाले में गिर गया। करीब चार तक फायर ब्रिगेड व नप कर्मियों ने ऑपरेशन चलाकर मुश्किल से इसे बाहर निकाला तो जान बच पाई। यही नहीं पांच दिन पहले ही पिपली रोड पर श्रद्धानंद चौक के पास भी एक गोवंश वाहन की चपेट में आ गया, जिससे वह बुरी तरह चोटिल हो गया था।
सरकार बढ़ाए गोवंश के लिए सहायता : जितेंद्र
गोशाला संघ के सरंक्षण जितेंद्र शर्मा का कहना है कि लगभग सभी गोशालाओं में क्षमतानुसार गोवंश है। कई गोवंश के पास तो अक्सर चारे की कमी रह जाती है तो लोगों के पास दान के लिए जाना पड़ता है। सरकार की ओर से दी जाने वाली सहायता भी कई बार समय पर नहीं मिल पाती। सरकार को चाहिए कि कम से कम एक गोवंश के लिए 50 रुपये प्रतिदिन के अनुसार सहायता राशि दें और वह तय समय पर जारी की जाए।
फोटो 43
गोवंश को पकड़ने के लिए टेंडर जल्द : ईओ
नगर परिषद ईओ अभय सिंह यादव का कहना है कि पहले चलाए गए अभियान के तहत 185 गोवंश को सड़कों से हटाकर गोशाला में छोड़ा गया था। इसी हप्ते भी करीब 35 गोवंश हटाए गए। अब अगले दो-तीन दिन में ही टेंडर खोला जाएगा, जिसके बाद जल्द प्रक्रिया पूरी करते हुए निजी एजेंसी को ठेका दिया जाएगा।
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गोवंश को पकड़ने के लिए टेंडर जल्द : ईओ
नगर परिषद ईओ अभय सिंह यादव का कहना है कि पहले चलाए गए अभियान के तहत 185 गोवंश को सड़कों से हटाकर गोशाला में छोड़ा गया था। इसी हप्ते भी करीब 35 गोवंश हटाए गए। अब अगले दो-तीन दिन में ही टेंडर खोला जाएगा, जिसके बाद जल्द प्रक्रिया पूरी करते हुए निजी एजेंसी को ठेका दिया जाएगा।
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जिला प्रशासन की ओर से अनेकों बार पशु मुक्त सड़कें करने को लेकर दावे किए जाते रहे तो वहीं नगर परिषद ने भी कई बार पशुओं को सड़कों से हटाने के लिए अभियान भी चलाए, लेकिन ये दावे व अभियान सफल नहीं हो पाए। स्थिति यह है कि बस अड्डे से लेकर अस्पताल, स्कूल व अन्य सार्वजनिक जगहों के आसपास भी बेसहारा गोवंश के झुंड दिन-रात खड़े रहते हैं। शाम होते ही बड़ी संख्या में ये गोवंश सड़कों पर आ जाते हैं और रात के समय अनेक बार हादसों का सबब बन चुके हैं। कई बार ये गोवंश खुद भी चोटिल हो चुके हैं।
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ब्रह्मसरोवर व सन्निहित सरोवर के आसपास भी जमावड़ा
धर्मनगरी में हर रोज पांच हजार से ज्यादा पर्यटक देश-विदेश से आते हैं, जो पवित्र ब्रह्मसरोवर व सन्निहित सरोवर पर जरूर पहुंचते हैं, लेकिन यहां पर उन्हें भी बेसहारा गोवंश का सामना करना पड़ता है। पर्यटक गोवंश के झुंड को देख भयभीत हो जाते हैं। यहां पर अक्सर गोवंश का जमावड़ा रहता है।
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...जब बुजुर्ग को उठाकर पटका
गुरुनानकपुरा मोहल्ला में दस दिन पहले ही जगदीश अरोड़ा को एक सांड ने उठाकर पटक दिया, जिसमें वह घायल हो गया था। सांड ने उसे कई बार पटका तो आसपास के लोगों ने मुश्किल से उसे छुड़वाया। ऐसे आसपास के लोगों में भी भय का माहौल बन गया।
चार घंटे ऑपरेशन चलाकर बचाई गोवंश की जान
बिरला मंदिर के पास एक गोवंश की जान उस समय आफत में आ गई थी जब पेट भरने के लिए कचरे के ढेर पर गया। वहीं पर सीवरेज के गहरे नाले में गिर गया। करीब चार तक फायर ब्रिगेड व नप कर्मियों ने ऑपरेशन चलाकर मुश्किल से इसे बाहर निकाला तो जान बच पाई। यही नहीं पांच दिन पहले ही पिपली रोड पर श्रद्धानंद चौक के पास भी एक गोवंश वाहन की चपेट में आ गया, जिससे वह बुरी तरह चोटिल हो गया था।
सरकार बढ़ाए गोवंश के लिए सहायता : जितेंद्र
गोशाला संघ के सरंक्षण जितेंद्र शर्मा का कहना है कि लगभग सभी गोशालाओं में क्षमतानुसार गोवंश है। कई गोवंश के पास तो अक्सर चारे की कमी रह जाती है तो लोगों के पास दान के लिए जाना पड़ता है। सरकार की ओर से दी जाने वाली सहायता भी कई बार समय पर नहीं मिल पाती। सरकार को चाहिए कि कम से कम एक गोवंश के लिए 50 रुपये प्रतिदिन के अनुसार सहायता राशि दें और वह तय समय पर जारी की जाए।
फोटो 43
गोवंश को पकड़ने के लिए टेंडर जल्द : ईओ
नगर परिषद ईओ अभय सिंह यादव का कहना है कि पहले चलाए गए अभियान के तहत 185 गोवंश को सड़कों से हटाकर गोशाला में छोड़ा गया था। इसी हप्ते भी करीब 35 गोवंश हटाए गए। अब अगले दो-तीन दिन में ही टेंडर खोला जाएगा, जिसके बाद जल्द प्रक्रिया पूरी करते हुए निजी एजेंसी को ठेका दिया जाएगा।
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गोवंश को पकड़ने के लिए टेंडर जल्द : ईओ
नगर परिषद ईओ अभय सिंह यादव का कहना है कि पहले चलाए गए अभियान के तहत 185 गोवंश को सड़कों से हटाकर गोशाला में छोड़ा गया था। इसी हप्ते भी करीब 35 गोवंश हटाए गए। अब अगले दो-तीन दिन में ही टेंडर खोला जाएगा, जिसके बाद जल्द प्रक्रिया पूरी करते हुए निजी एजेंसी को ठेका दिया जाएगा।