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कल तक पोर्टल दुरुस्त करें, नहीं तो अधिकारियों के कार्यालयों में घुसेंगे किसान : चढूनी
Wed, 21 Jun 2023 01:10 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र
संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र
Updated Wed, 21 Jun 2023 01:10 AM IST
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शाहाबाद। वीडिया वायरल कर चेतावनी देते गुरनमा सिंह चढूनी।
शाहाबाद। जेल से छूटने के छह दिन बाद ही भारतीय किसान यूनियन अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी फिर आंदोलन की राह पर दिखाई पड़ने लगे हैं। इस बार भी मामला सूरजमुखी का ही है, लेकिन यह पोर्टल से जुड़ा है, जिसमें जानबूझकर खामियां पैदा करने के आरोप लगाए हैं तो वहीं वीडियो जारी कर चेतावनी दी है कि अगले दो दिन में ये खामियां दूर की जाएं, अन्यथा कार्यालयों में घुसेंगे और अधिकारियों के लिए मुश्किल पैदा करेंगे। इसके लिए वे हर प्रकार की कार्रवाई का सामना करने को तैयार हैं। यह चेतावनी बुधवार को खत्म होगी।
चढूनी ने वीडियो वायरल कर कहा कि प्रदेश सरकार के मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल पर पंजीकृत किसानों के फसल एकड़ोंं (कोटे) में जानबूझ कर कटौती की जा रही है। कुछ किसान ऐसे हैं जिनके खातों में पांच या 10 एकड़ के हिसाब से भावांतर की पांच हजार और 10 हजार की राशि आई है, लेकिन पोर्टल पर उन किसानों की सूरजमुखी के कोटे में कटौती करके दो या तीन एकड़ दिखाई जा रही है और कुछ पंजीकृत किसान तो ऐसे हैं जिनका कोटा शून्य शो किया जा रहा है और उनके गेटपास नहीं काटे जा रहे हैं। जिस कारण आग बरसाती गर्मी में किसानों को कभी मार्केट कमेटी कार्यालय, कभी तहसील तो कभी कृषि विभाग में भटकना पड़ रहा है, लेकिन उनकी कहीं कोई सुनवाई नहीं हो रही है।
चढूनी ने कहा कि किसानों की फसल खुले आसमान के नीचे पड़ी है और हर रोज फसल पर बरसात की मार पड़ रही है, लेकिन सरकार को किसानों का यह दर्द दिखाई ही नहीं देे रहा है। चढूनी की चेतावनी के मुताबिक बुधवार और वीरवार दो दिन का समय पोर्टल को दुरुस्त करने का है।
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बोले, चंडीगढ़ बैठक में उठाया था मुद्दा
चढूनी ने कहा कि चंडीगढ़ मेंं किसानों ने दो जून को जब शिक्षामंत्री, मुख्य सचिव उमा शंकर एवं अन्य अधिकारियों से बैठक की थी तो पोर्टल में आ रही दिक्कतों व किसानों के काटे जा रहे कोटे और अन्य समस्याओं के बारे में बताया था और सुझाव दिया था कि सूरजमुखी की फसल खरीद तक संबंधित अधिकारियों की टीम को एक अनाज मंडी में मार्केट कार्यालय में तैनात किया जाए, लेकिन अभी तक सरकार की ओर से पोर्टल को दुरुस्त करने के लिए कोई कदम नहीं उठाया गया है।
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चढूनी ने वीडियो वायरल कर कहा कि प्रदेश सरकार के मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल पर पंजीकृत किसानों के फसल एकड़ोंं (कोटे) में जानबूझ कर कटौती की जा रही है। कुछ किसान ऐसे हैं जिनके खातों में पांच या 10 एकड़ के हिसाब से भावांतर की पांच हजार और 10 हजार की राशि आई है, लेकिन पोर्टल पर उन किसानों की सूरजमुखी के कोटे में कटौती करके दो या तीन एकड़ दिखाई जा रही है और कुछ पंजीकृत किसान तो ऐसे हैं जिनका कोटा शून्य शो किया जा रहा है और उनके गेटपास नहीं काटे जा रहे हैं। जिस कारण आग बरसाती गर्मी में किसानों को कभी मार्केट कमेटी कार्यालय, कभी तहसील तो कभी कृषि विभाग में भटकना पड़ रहा है, लेकिन उनकी कहीं कोई सुनवाई नहीं हो रही है।
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चढूनी ने कहा कि किसानों की फसल खुले आसमान के नीचे पड़ी है और हर रोज फसल पर बरसात की मार पड़ रही है, लेकिन सरकार को किसानों का यह दर्द दिखाई ही नहीं देे रहा है। चढूनी की चेतावनी के मुताबिक बुधवार और वीरवार दो दिन का समय पोर्टल को दुरुस्त करने का है।
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बोले, चंडीगढ़ बैठक में उठाया था मुद्दा
चढूनी ने कहा कि चंडीगढ़ मेंं किसानों ने दो जून को जब शिक्षामंत्री, मुख्य सचिव उमा शंकर एवं अन्य अधिकारियों से बैठक की थी तो पोर्टल में आ रही दिक्कतों व किसानों के काटे जा रहे कोटे और अन्य समस्याओं के बारे में बताया था और सुझाव दिया था कि सूरजमुखी की फसल खरीद तक संबंधित अधिकारियों की टीम को एक अनाज मंडी में मार्केट कार्यालय में तैनात किया जाए, लेकिन अभी तक सरकार की ओर से पोर्टल को दुरुस्त करने के लिए कोई कदम नहीं उठाया गया है।