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Kurukshetra News: रानी रामपाल बनेंगी पंकज की जीवनसंगिनी
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कुरुक्षेत्र। भारतीय महिला हॉकी टीम की पूर्व कप्तान और पद्मश्री अवॉर्डी रानी रामपाल और पंकज। सो
कुरुक्षेत्र। भारतीय महिला हॉकी टीम की पूर्व कप्तान और पद्मश्री अवार्डी रानी रामपाल जल्द ही शादी के पवित्र बंधन में बंधने जा रही हैं। शाहाबाद की शान और देश की हॉकी की रानी के नाम से मशहूर रानी कुरुक्षेत्र के पंकज की जीवनसंगिनी बनेंगी। यह विवाह समारोह अगले माह 2 नवंबर को पाल प्लाजा में संपन्न होगा।
पंकज पेशे से बैंक में सीए (चार्टर्ड अकाउंटेंट) हैं और रमेश चंद के पुत्र हैं। यह सूचना मिलने पर विशेष रूप से प्रदेश में उत्साह का माहौल है। वहीं रानी के परिवार के लिए इस खुशी के बीच थोड़ी चिंता भी बनी हुई है, क्योंकि उनके पिता रामपाल इस समय गंभीर बीमारी से जूझ रहे हैं। पूरे क्षेत्र और खेल जगत ने उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की है।
रानी की उपलब्धियां
रानी रामपाल भारतीय महिला हॉकी के इतिहास का स्वर्णिम अध्याय हैं। उन्हें देश के चौथे सर्वोच्च नागरिक सम्मान पद्म श्री से नवाजा गया है और खेल जगत में अद्भुत योगदान के लिए उन्हें अर्जुन अवार्ड और मेजर ध्यानचंद खेल रत्न अवार्ड (पूर्व में राजीव गांधी खेल रत्न) से भी सम्मानित किया जा चुका है। उनकी कप्तानी में भारतीय महिला हॉकी टीम ने टोक्यो ओलंपिक 2020 में चौथा स्थान प्राप्त किया, जो टीम का अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन रहा। उन्होंने 2018 एशियाई खेलों में टीम को रजत पदक दिलाया और 2010 विश्व कप में 15 वर्ष की उम्र में सबसे कम उम्र की खिलाड़ी बनीं।
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कोच बलदेव सिंह बने मार्गदर्शक
रानी ने बताया कि उनकी सफलता में द्रोणाचार्य पुरस्कार विजेता कोच बलदेव सिंह का अहम योगदान रहा है। शाहाबाद के श्री गुरुनानक प्रीतम गर्ल्स स्कूल से उन्होंने उनके मार्गदर्शन में हॉकी की शुरुआत की थी। उन्होंने सफलता का पूरा श्रेय अपने कोच को दिया।
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पंकज पेशे से बैंक में सीए (चार्टर्ड अकाउंटेंट) हैं और रमेश चंद के पुत्र हैं। यह सूचना मिलने पर विशेष रूप से प्रदेश में उत्साह का माहौल है। वहीं रानी के परिवार के लिए इस खुशी के बीच थोड़ी चिंता भी बनी हुई है, क्योंकि उनके पिता रामपाल इस समय गंभीर बीमारी से जूझ रहे हैं। पूरे क्षेत्र और खेल जगत ने उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की है।
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रानी की उपलब्धियां
रानी रामपाल भारतीय महिला हॉकी के इतिहास का स्वर्णिम अध्याय हैं। उन्हें देश के चौथे सर्वोच्च नागरिक सम्मान पद्म श्री से नवाजा गया है और खेल जगत में अद्भुत योगदान के लिए उन्हें अर्जुन अवार्ड और मेजर ध्यानचंद खेल रत्न अवार्ड (पूर्व में राजीव गांधी खेल रत्न) से भी सम्मानित किया जा चुका है। उनकी कप्तानी में भारतीय महिला हॉकी टीम ने टोक्यो ओलंपिक 2020 में चौथा स्थान प्राप्त किया, जो टीम का अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन रहा। उन्होंने 2018 एशियाई खेलों में टीम को रजत पदक दिलाया और 2010 विश्व कप में 15 वर्ष की उम्र में सबसे कम उम्र की खिलाड़ी बनीं।
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कोच बलदेव सिंह बने मार्गदर्शक
रानी ने बताया कि उनकी सफलता में द्रोणाचार्य पुरस्कार विजेता कोच बलदेव सिंह का अहम योगदान रहा है। शाहाबाद के श्री गुरुनानक प्रीतम गर्ल्स स्कूल से उन्होंने उनके मार्गदर्शन में हॉकी की शुरुआत की थी। उन्होंने सफलता का पूरा श्रेय अपने कोच को दिया।

कुरुक्षेत्र। भारतीय महिला हॉकी टीम की पूर्व कप्तान और पद्मश्री अवॉर्डी रानी रामपाल और पंकज। सो