बारिश गेहूं की फसल के लिए संजीवनी के समान है। बारिश से किसानों के चेहरे खिले हुए है। किसानों का कहना है कि इस बारिश से गेहूं का पौधा ज्यादा फुटाव करेगा, जिससे फसल की पैदावार बढ़ेगी। वहीं यह बारिश गन्ने की फसल के लिए लाभदायक सिद्घ होगी। हालांकि इस बारिश से सरसो, आलू व अन्य सब्जियों की फसल को नुकसान होने की संभावना है। क्षेत्र में जिन जगह बारिश अधिक हुई है वहां आलू की फसल को नुकसान होगा, क्योकि खेत में पानी जमा होने से आलू गलने लगेगा। वहीं सरसो की फसल पकने को तैयार है। ऐसे में बारिश से फसल को नुकसान होगा। किसान गौरव शर्मा, अनिल कुमार, संजीव कुमार, तरसेम, बलदेव शर्मा, सौरव ने बताया कि इस बारिश से गेहूं का पौधा फुटाव अधिक करेगा। वहीं अगेती फसल निसारे की ओर होने से फसल में काफी फायदा होगा। बारिश से गेहूं की फसल एकदम से निसर आएगी और बालियों में दाना भी अच्छा बनेगा। सही समय पर बारिश होने से इस वर्ष गेहूं की ज्यादा पैदावार होने के आसार है। गेहूं के अलावा आलु व सरसों फसल का उत्पादन करने वाले किसानों को इस बारिश से काफी नुकसान होने का अनुमान है। आलु की फसल इस समय बिल्कुल तैयार है कुछ किसान तो इस समय आलु की फसल की पुटाई का कार्य भी कर रहे है। बारिश होने से आलु के खेत में पानी जमा होने से आलु के गलने का खतरा बढ़ जाता है। अब तक हुई बारिश से कम नुकसान है अगर अधिक बारिश हुई तो यह फसलों के लिए घातक भी सिद्घ हो सकती है। वीरवार रात से सुबह तक कुरुक्षेत्र छह एमएम बारिश हुई है। शुक्रवार को भी रूक-रूक कर बारिश होती रही, जिससे तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई। बारिश के चलते लोग अपने घरों में ही दुबकने को मजबूर रहे। इसके साथ ही क्षेत्र में खस्ताहाल सड़क पर कीचड़ हो गया है, जिससे राहगीरों को काफी परेशानी हुई है। करीब साढ़े 11 बजे सूर्यदेव ने दर्शन दिए, हालांकि दिनभर सूर्यदेव बादलों के बीच अठखेलिया करते रहे। शुक्रवार को अधिकतम तापमान 19 डिग्री और न्यूनतम 8 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया।