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Kurukshetra News: श्रीलंका में अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव की तैयारी शुरू
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कुरुक्षेत्र। इस बार कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड की ओर से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गीता महोत्सव श्रीलंका में मनाया जाएगा, जिसके लिए तैयारियां शुरू कर दी गई है। श्रीलंका में इन तैयारियों के लिए ही बोर्ड के अधिकारी व पदाधिकारी का दल रवाना हो चुका है, जो वहां के अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों से मुलाकात करेंगे। इस दौरान पूरे कार्यक्रम की रूपरेखा तय की जाएगी।
उल्लेखनीय है कि इस बार पवित्र ब्रह्मसरोवर तट पर अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव सात से 24 दिसंबर तक आयोजित किया गया था, जिसमें श्रीलंका को पार्टनर कंट्री तो असम पार्टनर स्टेट रहा था। मुख्य आयोजन के दौरान 22 दिसंबर को पार्टनर कंट्री श्रीलंका के पर्यटन मंत्री विदुरा विक्रमनायके भी प्रतिनिधिमंडल के साथ यहां पहुंचे थे। यहां वे न केवल आयोजन व कुरुक्षेत्र की धरा को देख अभिभूत हो उठे थे बल्कि हरियाणवी संस्कृति के भी कायल दिखे थे। हरियाणवी कलाकारों के साथ उन्होंने गीतों पर थिरकते हुए खुशी जाहिर की थी तो वहीं पवित्र ब्रह्मसरोवर तट पर सांध्यकालीन आरती भी की थी।
उन्होंने उसी दौरान ही प्रदेश सरकार के समक्ष अंतरराष्ट्रीय स्तर पर महोत्सव श्रीलंका में किए जाने का प्रस्ताव रखा था, जिसे प्रदेश सरकार की ओर से भी न केवल स्वीकार कर लिया गया था बल्कि इस आयोजन की रूपरेखा भी अपने स्तर पर बनाई जाने लगी थी। अब इसे सिरे चढ़ाने के लिए केडीबी के मानद सचिव उपेंद्र सिंघल, 48 कोस तीर्थ निगरानी समिति के चेयरमैन मदन मोहन छाबड़ा व कार्यकारी अधिकारी अखिल पिलानी श्रीलंका के लिए रवाना हुए हैं। बताते चले कि गीता महोत्सव को वर्ष 2016 से ही अंतरराष्ट्रीय दर्जा दिया गया और सबसे पहले मॉरिशस में मनाया गया, जिसके बाद इंग्लैंड व कनाडा तो गत वर्ष आस्ट्रेलिया में मनाया गया था।
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उल्लेखनीय है कि इस बार पवित्र ब्रह्मसरोवर तट पर अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव सात से 24 दिसंबर तक आयोजित किया गया था, जिसमें श्रीलंका को पार्टनर कंट्री तो असम पार्टनर स्टेट रहा था। मुख्य आयोजन के दौरान 22 दिसंबर को पार्टनर कंट्री श्रीलंका के पर्यटन मंत्री विदुरा विक्रमनायके भी प्रतिनिधिमंडल के साथ यहां पहुंचे थे। यहां वे न केवल आयोजन व कुरुक्षेत्र की धरा को देख अभिभूत हो उठे थे बल्कि हरियाणवी संस्कृति के भी कायल दिखे थे। हरियाणवी कलाकारों के साथ उन्होंने गीतों पर थिरकते हुए खुशी जाहिर की थी तो वहीं पवित्र ब्रह्मसरोवर तट पर सांध्यकालीन आरती भी की थी।
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उन्होंने उसी दौरान ही प्रदेश सरकार के समक्ष अंतरराष्ट्रीय स्तर पर महोत्सव श्रीलंका में किए जाने का प्रस्ताव रखा था, जिसे प्रदेश सरकार की ओर से भी न केवल स्वीकार कर लिया गया था बल्कि इस आयोजन की रूपरेखा भी अपने स्तर पर बनाई जाने लगी थी। अब इसे सिरे चढ़ाने के लिए केडीबी के मानद सचिव उपेंद्र सिंघल, 48 कोस तीर्थ निगरानी समिति के चेयरमैन मदन मोहन छाबड़ा व कार्यकारी अधिकारी अखिल पिलानी श्रीलंका के लिए रवाना हुए हैं। बताते चले कि गीता महोत्सव को वर्ष 2016 से ही अंतरराष्ट्रीय दर्जा दिया गया और सबसे पहले मॉरिशस में मनाया गया, जिसके बाद इंग्लैंड व कनाडा तो गत वर्ष आस्ट्रेलिया में मनाया गया था।
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