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Kurukshetra News: निजी अस्पतालों में डेंगू संदिग्ध मरीजों की जान के साथ खिलवाड़, न लिए जा रहे सैंपल न कोई रिपोर्ट

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 31 Oct 2024 03:10 AM IST
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Playing with the lives of dengue suspected patients in private hospitals, neither samples are being taken nor any report.
कुरुक्षेत्र। पानी की टंकी में डेंगू के लारवा की जांच करता कर्मी।
कुरुक्षेत्र। जिले में कईं निजी अस्पताल संचालक डेंगू संदिग्ध मरीजों की जान के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। अस्पताल में प्लेटलेट्स कम होने पर मरीजों को डेंगू पॉजिटिव व संदिग्ध बताकर दाखिल तो किया जा रहा है, मगर उनका डेंगू का सैंपल नहीं लिया जा रहा है साथ ही सैंपल की रिपोर्ट भी विभाग के साथ साझा नहीं कर रहे हैं। दरअसल, गत सप्ताह जिले में एक युवक समेत तीन डेेंगू संदिग्ध लोगों की मौत हो गई। तीनों ही मरीजों को उनके परिजनों ने निजी अस्पतालों में उपचार के लिए भर्ती कराया था।
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परिजनों के मुताबिक तीन लोगों की प्लेटलेट्स घट रही थी साथ उनका बुखार भी नहीं टूट रहा था। इसके चलते उनको निजी अस्पतालों में भर्ती कराया गया था। अस्पताल संचालकों ने बगैर डेंगू की जांच किए उनको डेंगू बताकर दाखिल किया था। उपचार के दौरान उनकी हालत में सुधार नहीं हुआ तो उनको रेफर कर दिया था। उधर, परिजन डेंगू से मौत होना बता रहे हैं। इस पर स्वास्थ्य विभाग ने मामले की जांच आरंभ कर दी। जांच में सामने आया कि संबंधित अस्पताल संचालकों ने उक्त तीनों लोगों का डेंगू की जांच कराई ही नहीं थी। जांच में यह भी सामने आया कि इन अस्पतालों ने तीनों मरीजों को डेेंगू संदिग्ध बताकर दाखिल किया था। मरीजों की हालत ज्यादा बिगड़ने के बाद भी इन अस्पताल संचालकों ने उनकी डेंगू जांच नहीं कराई।
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171 लोगों में डेंगू की पुष्टि
जिले में डेंगू के मामले बढ़ते ही जा रहे है। बुधवार को विभाग ने सेक्टर-पांच, सात, वार्ड-31 और लाडवा के वार्ड पांच और छह में जांच अभियान चलाकर 77 डेंगू संदिग्ध और बुखार से पीड़ित लोगों के सैंपल लिए थे, जिसमें 12 लोगों की रिपोर्ट डेंगू पॉजिटिव आई। अब जिले में डेंगू के 171 मामलों की पुष्टि हो चुकी है। अब तक 3,650 जगह से डेंगू का लारवा मिल चुका है, जिसमें दूसरी बार लारवा मिलने पर 1,042 घरों को विभाग नोटिस थमा चुका है।
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डेंगू का सैंपल और रिपोर्ट साझा करना जरूरी : डॉ. प्रदीप
जिला मलेरिया एवं सर्वेक्षण अधिकारी डॉ. प्रदीप कुमार ने बताया कि गत सप्ताह हुई तीन मौतों को परिजन डेंगू संदिग्ध मान रहे हैं, जबकि विभाग की जांच में पता चला कि उनका डेंगू टेस्ट हुआ ही नहीं था। न ही उक्त अस्पतालों ने उनकी डेंगू की कोई रिपोर्ट उनके साथ साझा नहीं की थी। डेंगू का टेस्ट पॉजिटिव आने पर निजी अस्पताल को रिपोर्ट साझा करनी जरूरी है। इसके लिए उनको निर्देश दिए गए हैं। 171 डेंगू पॉजिटिव में से 141 मरीज रिकवर हो चुके हैं। प्राथमिक जांच के मुताबिक इस व्यक्ति का निजी अस्पताल में डेंगू की जांच के लिए सैंपल नहीं लिया गया था। विभाग ने उन अस्पताल से इन लोगों के इलाज और डेंगू जांच की जानकारी मांगी है। विभाग लगातार अभियान चला रहा है। साथ ही लोगों को जागरूक कर रहा है।
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