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आयुर्वेद के छात्रों को सामान्य सर्जरी करने का अवसर मिलने की चिकित्सकों ने की सराहना

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 24 Nov 2020 12:11 AM IST
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Physicians applaud Ayurveda students for having the opportunity to perform general surgery
कुरुक्षेत्र।श्रीकृष्णा आयुष विश्वविद्यालय का बाहरी दृश्य। - फोटो : Kurukshetra
केंद्र सरकार ने देश की एकमात्र श्रीकृष्णा आयुष विश्वविद्यालय कुरुक्षेत्र सहित विभिन्न महाविद्यालयों में आयुर्वेद की पढ़ाई कर रहे भावी चिकित्सकों को मरीजों की सर्जरी करने का अवसर प्रदान करने के फैसले की सराहना की जा रही है। इसके तहत छात्रों को शल्यचिकित्सक की दो धाराओं में प्रशिक्षित किया जाएगा और उन्हें एमएस (आयुर्वेद) जनरल सर्जरी और एमएस (आयुर्वेद) शालक्य तंत्र (आंख, कान, नाक, गला, सिर और सिर-दंत चिकित्सा का रोग) जैसी शल्य तंत्र की उपाधियों से सम्मानित भी किया जाएगा। हरियाणा आयुर्वेदिक कॉलेज टीचर एसोसिशन केे अध्यक्ष डॉ. अशोक राणा का कहना है कि सर्जरी आयुर्वेद की ही देन है। आयुर्वेद चिकित्सक पहले भी सर्जरी करने की अनुमति थी, लेकिन केंद्र सरकार ने अब इससे क्लेरिफाई कर नई अधिसूचना जारी की है, लेकिन अब भी इसका उपयोग करेंगे या नहीं इसका भरोसा नहीं है। कहा कि पहले भी एमएस की डिग्री मिलती थी और अब भी मिलेगी। सर्जरी करने की पावर पहले भी थी और अब भी है।
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आयुर्वेदिक डॉक्टरों के लिए बढ़ा कार्यक्षेत्र का दायरा : डाङ्ख. राजेंद्र चौधरी
श्रीकृष्णा आयुष विवि केे शल्य चिकित्सक डॉ. राजेंद्र चौधरी का कहना है कि हरियाणा सरकार ने अपने क्षेत्र की स्वास्थ्य संबंधित सुविधा देकर यह फैसला लिया है। पहले आयुर्वेदिक चिकित्सक फोड़ा-गांठ, हर्निया जैसे माइनर सर्जरी कर सकते थे, लेकिन सरकार ने अब सर्जरी का थोड़ा सा दायरा बढ़ा दिया है। अब लीवर, ब्लैडर, बच्चेदानी का ऑपरेशन करने की अनुमति मिली है, जिससे भावी चिकित्सकों के लिए कार्यक्षेत्र बढ़ा है।
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अब आयुर्वेदिक डॉक्टर स्वतंत्रता से कर पाएंगे सर्जरी : डॉ. मनोज तंवर
श्रीकृष्णा आयुष विवि केे नाक, कान, गला रोग विशेषज्ञ डॉ. मनोज तंवर का कहना है कि पहले भी आयुर्वेदिक डॉक्टर सर्जरी करतेे थेे, लेकिन डर-डर कर, क्योंकि जिला के स्वास्थ्य अधिकारी छापेमार आयुर्वेदिक डॉक्टरों के जहन मेें खौफ पैदा करतेे थे, लेकिन सरकार ने अब अधिसूचना जारी कर स्पष्ट कर दिया है। अब आयुर्वेदिक डॉक्टर अच्छे से काम कर पाएंगे। सरकार की यह अच्छी पहल है, अब भावी चिकित्सकों को पढ़ाई केे दौरान सर्जरी संबंधित प्रशिक्षण दिया जाएगा। उन्होंने ऑपरेशन थियेरटर स्थापित करने के लिए प्रशासन को प्रपोजल भेजा हुआ है, जैसे ही ऑपरेशन थियेरटर की सुविधा मिलती है तो मोतियाबंद के ऑपरेशन, आंख, नाक गला और दांत की सर्जरी आयुष विवि में ही सफल हो पाएगी।
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