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यूक्रेन से लौटे बेटे को माता-पिता ने गले लगाया
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दिल्ली एयरपोर्ट पर अपने बेटे का स्वागत करते पिता रमेश अरोड़ा व माता शशिबाला।
- फोटो : Kurukshetra
संवाद न्यूज एजेंसी
कुरुक्षेत्र। युद्ध के चलते यूक्रेन के खारकीव शहर में फंसे सेक्टर आठ वासी सत्यम शुक्रवार की रात को अपने घर लौटा। सत्यम के आने की सूचना मिलते ही माता पिता खुद उसे रिसीव करने के लिए दिल्ली एयरपोर्ट पहुंचे। दोनों ने बेटे को देखते ही गले लगा लिया। घर लौटने पर सत्यम के परिजनों और पड़ोसियों ने उनका जोरदार स्वागत किया।
उनके घर आने की खुशी में पिता रमेश अरोड़ा, माता शशिबाला, भाई व बहन व अन्य परिजनों ने केक काट कर खुशी जताई। सत्यम के पिता रमेश अरोड़ा और मां शशिबाला की खुशी का ठिकाना नहीं था। वे अपने लाडले के सकुशल घर वापस आने पर बेहद खुश थे। पिता रमेश अरोड़ा हाथ में तिरंगा लिए हुए भारत माता का जयघोष कर रहे थे। सत्यम अरोड़ा के सेक्टर आठ के निवास पर शनिवार को मिलने वालों का तांता लगा रहा। सत्यम को बधाई देने और उनका स्वागत करने के लिए उनके रिश्तेदार और संबंधी पहुंचे थे तो वहीं मीडिया ने भी खारकीव में कई दिन तक बंकर के नीचे छिपे उनके अनुभवों को साझा किया।
भाजपा के जिलाध्यक्ष राजकुमार सैनी और कई अन्य भाजपा नेता भी उनका स्वागत करने के लिए उनके निवास पर पहुंचे। सत्यम ने बताया कि वे खारकीव से अपनी जान को खतरे में डालकर कैसे पोलैंड के बॉर्डर तक पहुंचे। पोलैंड बॉर्डर तक पहुंचने पर जनरल वीके सिंह ने उनके ठहरने के लिए होटल में प्रबंध किया। पोलैंड से भारत तक आने के लिए उनका एक भी पैसा खर्च नहीं हुआ। सत्यम के पिता रमेश अरोड़ा और माता शशिबाला ने भी अपने बेटे के सही सलामत वतन लौटने पर पीएम नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री मनोहर लाल का धन्यवाद किया कि उनके प्रयासों की बदौलत ही देश के हजारों छात्रों की अपने वतन में सकुशल वापसी हुई है।
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कुरुक्षेत्र। युद्ध के चलते यूक्रेन के खारकीव शहर में फंसे सेक्टर आठ वासी सत्यम शुक्रवार की रात को अपने घर लौटा। सत्यम के आने की सूचना मिलते ही माता पिता खुद उसे रिसीव करने के लिए दिल्ली एयरपोर्ट पहुंचे। दोनों ने बेटे को देखते ही गले लगा लिया। घर लौटने पर सत्यम के परिजनों और पड़ोसियों ने उनका जोरदार स्वागत किया।
उनके घर आने की खुशी में पिता रमेश अरोड़ा, माता शशिबाला, भाई व बहन व अन्य परिजनों ने केक काट कर खुशी जताई। सत्यम के पिता रमेश अरोड़ा और मां शशिबाला की खुशी का ठिकाना नहीं था। वे अपने लाडले के सकुशल घर वापस आने पर बेहद खुश थे। पिता रमेश अरोड़ा हाथ में तिरंगा लिए हुए भारत माता का जयघोष कर रहे थे। सत्यम अरोड़ा के सेक्टर आठ के निवास पर शनिवार को मिलने वालों का तांता लगा रहा। सत्यम को बधाई देने और उनका स्वागत करने के लिए उनके रिश्तेदार और संबंधी पहुंचे थे तो वहीं मीडिया ने भी खारकीव में कई दिन तक बंकर के नीचे छिपे उनके अनुभवों को साझा किया।
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भाजपा के जिलाध्यक्ष राजकुमार सैनी और कई अन्य भाजपा नेता भी उनका स्वागत करने के लिए उनके निवास पर पहुंचे। सत्यम ने बताया कि वे खारकीव से अपनी जान को खतरे में डालकर कैसे पोलैंड के बॉर्डर तक पहुंचे। पोलैंड बॉर्डर तक पहुंचने पर जनरल वीके सिंह ने उनके ठहरने के लिए होटल में प्रबंध किया। पोलैंड से भारत तक आने के लिए उनका एक भी पैसा खर्च नहीं हुआ। सत्यम के पिता रमेश अरोड़ा और माता शशिबाला ने भी अपने बेटे के सही सलामत वतन लौटने पर पीएम नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री मनोहर लाल का धन्यवाद किया कि उनके प्रयासों की बदौलत ही देश के हजारों छात्रों की अपने वतन में सकुशल वापसी हुई है।
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