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Kurukshetra News: डेढ़ साल में महज सात कॉलोनियां हुईं वैध, 15 पर आज भी आपत्ति

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 27 Oct 2025 02:18 AM IST
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Only seven colonies were legalized in one and a half years, objections are still being raised on 15 colonies.
कुरुक्षेत्र। पंकज कॉलोनी की कच्ची गली का दृश्य। संवाद
कुरुक्षेत्र। धर्मनगरी के चारों ओर अवैध कॉलोनियों हैं जिनमें से अधिकतर कॉलोनियां अनेक वर्षों पुरानी हैं। यहां 80 फीसदी तक निर्माण भी हो चुके हैं लेकिन आज भी इन कॉलोनियों को विकास की दरकार है। नरकीय जीवन जी रहे इन कॉलोनियों के लोगों की अब उम्मीदें भी टूटने लगी हैं।
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पिछले करीब डेढ़ साल में महज सात कॉलोनियों से ही अवैध का ठप्पा हट पाया है जबकि 15 कॉलोनियों को वैध किए जाने पर आज भी आपत्तियां लगी हुई हैं। हालांकि नगर प्रशासन ने इन आपत्तियों को दूर करने के लिए संबंधित फर्म को काम सौंप दिया है और अगले 15 से 20 दिन में यह काम पूरा करने के भी निर्देश दिए गए हैं।
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नगर प्रशासन की ओर से डेढ़ साल के दौरान करीब 50 कॉलोनियाें व एक्सटेंशन की सूची मुख्यालय भेजी थी। इससे पहले इन कॉलोनियों का सर्वेक्षण भी कराया गया था ताकि सभी नियमों पर खरा उतर सके लेकिन आज तक 28 कॉलोनियों की सूची मुख्यालय पर ही अटकी है।
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डीटीपी की ओर से नप को भेजी गई सूची : जिला नगर योजनाकार विभाग की ओर से नगर प्रशासन को कुछ दिनों पहले ही 15 अवैध कॉलोनियों की सूची आपत्ति के साथ वापस भेजी गई थी। हालांकि इसके बाद नगर प्रशासन ने भी इन आपत्तियाें को दूर करवाने के लिए तत्काल फर्म को काम सौंप दिया। फर्म की ओर से काम पूरा होते ही नगर प्रशासन फिर डीटीपी को यह सूची सौंपेगा और उसके बाद यह सूची मुख्यालय भेजी जाएगी तो इन कॉलोनियों के वैध होने की उम्मीद जगेगी। इन क्षेत्रों को वैध कराने की तैयारी : नगर प्रशासन ने गत 13 अक्तूबर को हाउस की बैठक में पिपली रोड के आसपास के अलावा केडीबी रोड पर सब्जी मंडी से ब्रह्मा चौक तक के क्षेत्र व कंग कॉलोनी के साथ एक अन्य कॉलोनी को भी वैध किए जाने पर सहमति जताई थी। तकनीकी तौर पर इसकी तैयारी की जा रही है जिसके पूरा होते ही मुख्यालय फाइल भेजी जाएगी।
पक्की गली से लेकर सीवरेज तक को तरसे

कॉलोनीवासी दीपक, प्रदीप कुमार व राजेश सहित अन्य लोगों का कहना है कि 80 फीसदी से भी ज्यादा कॉलोनियों में निर्माण हो चुके हैं। इसके बावजूद लोग आज तक अधिकतर कॉलोनियों में नरकीय जीवन जी रहे हैं। न पक्की गलियां हैं और न ही पेयजल व सीवरेज की लाइनें पूरी तरह से बिछ पाई हैं। यहां तक कि स्ट्रीट लाइट तक नहीं हैं। ऐसे में बारिश के दिनों में इन कॉलोनियों में और गंभीर हालात हो जाते हैं।

जल्द दूर कराई जाएंगी आपत्तियां : ईओ

नगर परिषद ईओ राजेश कुमार व भवन निरीक्षक रवि कुमार का कहना है कि जिन कॉलोनियों के लिए आपत्तियां आई हैं, उन्हें जल्द दूर करवा फिर से सूची मुख्यालय भेजी जाएगी। जो कॉलोनियां वैध हो चुकी हैं, उनके विकास की योजना तैयार की जा रही है।

कुरुक्षेत्र। पंकज कॉलोनी की कच्ची गली का दृश्य। संवाद

कुरुक्षेत्र। पंकज कॉलोनी की कच्ची गली का दृश्य। संवाद

कुरुक्षेत्र। पंकज कॉलोनी की कच्ची गली का दृश्य। संवाद

कुरुक्षेत्र। पंकज कॉलोनी की कच्ची गली का दृश्य। संवाद

कुरुक्षेत्र। पंकज कॉलोनी की कच्ची गली का दृश्य। संवाद

कुरुक्षेत्र। पंकज कॉलोनी की कच्ची गली का दृश्य। संवाद

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