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Kurukshetra News: श्री कृष्ण आयुष विश्वविद्यालय में एमएसएमई दिवस पर नवाचार और आत्मनिर्भरता पर हुआ मंथन
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कुरुक्षेत्र। श्री कृष्ण आयुष विश्वविद्यालय में एमएसएमई दिवस पर आयोजित वर्कशाॅपको संबोधित करते
कुरुक्षेत्र। श्रीकृष्ण आयुष विश्वविद्यालय में शुक्रवार को एमएसएमई दिवस पर एक विशेष वर्कशॉप का आयोजन किया गया। मुख्य वक्ता एमएसएमई-डीएफओ करनाल के सहायक निदेशक बलबीर सिंह और एनआईटी कुरुक्षेत्र की रिसर्च एसोसिएट डॉ. शैलजा दुआ रही। डॉ. शैलजा दुआ ने बताया कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और आयुर्वेद का समन्वय आने वाले समय में चिकित्सा का मुख्य आधार बनेगा। एआई की मदद से नाड़ी परीक्षण, रोग की पहचान और स्मार्ट चिकित्सा सेवाएं संभव हो रही हैं। सहायक निदेशक बलबीर सिंह ने विद्यार्थियों को स्टार्टअप के लिए प्रेरित किया।
उन्होंने कहा कि वैद्य सिर्फ उपचार तक सीमित न रहें, बल्कि औषधि निर्माण, जड़ी-बूटी उत्पाद, वेलनेस सेवाओं से जुड़कर नए रोजगार के अवसर भी पैदा करें। उन्होंने एमएसएमई की योजनाओं की भी जानकारी दी। इस मौके पर कुलसचिव प्रो. ब्रिजेंद्र सिंह तोमर, आयुर्वेद संस्थान की कार्यकारी प्राचार्य प्रो. दीप्ति पराशर, संयोजक डॉ. कृष्ण कुमार सहित विश्वविद्यालय के शिक्षक और विद्यार्थी मौजूद रहे।
कुलपति ने दिया आत्मनिर्भर भारत का संदेश
कार्यक्रम अध्यक्ष कुलपति प्रो. धीमान ने कहा कि आज के वैद्य समाज में आर्थिक बदलाव के वाहक बन सकते हैं। अगर एक वैद्य 5-10 लोगों को रोजगार देता है तो वह आत्मनिर्भर भारत में योगदान दे रहा है। उन्होंने छात्रों से कंफर्ट जोन से बाहर निकलकर नवाचार करने और 2047 के विकसित भारत में भागीदारी निभाने का आह्वान किया।
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उन्होंने कहा कि वैद्य सिर्फ उपचार तक सीमित न रहें, बल्कि औषधि निर्माण, जड़ी-बूटी उत्पाद, वेलनेस सेवाओं से जुड़कर नए रोजगार के अवसर भी पैदा करें। उन्होंने एमएसएमई की योजनाओं की भी जानकारी दी। इस मौके पर कुलसचिव प्रो. ब्रिजेंद्र सिंह तोमर, आयुर्वेद संस्थान की कार्यकारी प्राचार्य प्रो. दीप्ति पराशर, संयोजक डॉ. कृष्ण कुमार सहित विश्वविद्यालय के शिक्षक और विद्यार्थी मौजूद रहे।
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कुलपति ने दिया आत्मनिर्भर भारत का संदेश
कार्यक्रम अध्यक्ष कुलपति प्रो. धीमान ने कहा कि आज के वैद्य समाज में आर्थिक बदलाव के वाहक बन सकते हैं। अगर एक वैद्य 5-10 लोगों को रोजगार देता है तो वह आत्मनिर्भर भारत में योगदान दे रहा है। उन्होंने छात्रों से कंफर्ट जोन से बाहर निकलकर नवाचार करने और 2047 के विकसित भारत में भागीदारी निभाने का आह्वान किया।
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