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कुरुक्षेत्र के 48 कोस में बढ़ेगी तीर्थों की संख्या
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कुरुक्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव का आज से सरस और क्राफ्ट मेले के साथ आगाज होगा। वर्ष 2019 में कोरोना की वजह से यह महोत्सव नहीं हो पाया था। लेकिन इस वर्ष महोत्सव खास रहने वाला है। महोत्सव को लेकर पहली बार मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने धर्मनगरी पहुंचकर प्रेस वार्ता की। जबकि धर्मनगरी को पूरी तरह आकर्षक लाइटिंग व सजावटी सामग्री से सजाया गया है। विभिन्न जगहों पर तोरण द्वार भी बनाए गए हैं।
उन्होंने महोत्सव के साथ-साथ धर्मनगरी के महत्व पर भी प्रकाश डाला। धर्मनगरी को और विकसित करने के लिए उन्होंने तीन बड़ी घोषणाएं भी की, जिनमें 48 कोस कुरुक्षेत्र भूमि के 30 तीर्थों को कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड की सूची में शामिल किया जाना। इन तीर्थों को जोड़कर कुल तीर्थों की संख्या 134 से बढ़कर 164 हो जाएगी।
वहीं उन्होंने गीता जयंती महोत्सव के लिए समिति गठित करने बात कही। इस समिति को आयोजन या स्वागत समिति भी कहा जा सकेगा। इस समिति के माध्यम से ही अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव का आयोजन किया जाएगा ताकि देश-विदेश में यह महोत्सव और अधिक ख्याति प्राप्त कर सके। इसके अलावा एक घोषणा कुरुक्षेत्र नगर के प्रमुख मार्गों पर स्वागत द्वार बनाए जाने की रही। यह स्वागत द्वारा धर्मनगरी में पहुंचने का अहसास कराएंगे।
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ब्रह्मसरोवर स्थित पुरुषोत्तमपुरा बाग में श्रीकृष्ण अर्जुन के विशाल रथ के सामने प्रेस वार्ता के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि धर्मनगरी कुरुक्षेत्र को भारतीय संस्कृति की क्रीड़ा स्थली होने का गौरव प्राप्त है। इसी भूमि में पावन सरस्वती नदी के तटों पर वेदों, उपनिषदों और पुराणों की रचना हुई। इसी भूमि को श्रीमद्भगवद गीता की जन्मस्थली होने का विशेष सौभाग्य प्राप्त हुआ।
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गीता उपदेश को पूरे हो जाएंगे 5159 वर्ष
कुरुक्षेत्र की युद्धभूमि में विषाद ग्रस्त अर्जुन को भगवान श्रीकृष्ण के मुखार्बिन ने श्रीमद्भगवद गीता का जो शाश्वत उपदेश दिया गया था, इस वर्ष इस उपदेश को दिए हुए 5159 वर्ष हो जाएंगे। उन्होंने कहा कि पवित्र ग्रंथ गीता के उपदेशों से विश्व के हर मानव को कर्म करने का संदेश मिल रहा है।
इन उपदेशों को जीवन में धारण करने से मानव का जीवन सफल हो जाएगा। इसलिए विश्व के हर मानव तक पवित्र ग्रंथ गीता के उपदेशों को पहुंचाने के लिए गीता स्थली कुरुक्षेत्र की पावन धरा पर अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव जैसे पर्वों का आयोजन किया जा रहा है। इस वर्ष महोत्सव का आयोजन 02 से 19 दिसंबर तक किया जाएगा और इस महोत्सव के मुख्य कार्यक्रम 09 से 14 दिसंबर तक चलेंगे।
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48 कोस के 75 तीर्थों पर होंगे सांस्कृतिक कार्यक्रम
इस महोत्सव में दीपोत्सव, 48 कोस के 75 तीर्थों पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन होगा। इस वर्ष अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव का थीम आजादी का अमृत महोत्सव रहेगा। महोत्सव के मुख्य कार्यक्रमों में 09 दिसंबर को सुबह 10 बजे पवित्र ग्रंथ गीता जन्मस्थली-ज्योतिसर में श्रीमद्भगवद गीता का संपूर्ण पाठ, प्रात: 11.15 बजे पुरुषोत्तमपुरा बाग ब्रह्मसरोवर पर गीता यज्ञ एवं गीता पूजन, दोपहर 12 बजे श्रीमद्भगवद गीता सदन कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में अंतरराष्ट्रीय गीता संगोष्ठी का उद्घाटन, सायं 5.30 बजे पुरुषोत्तमपुरा बाग ब्रह्मसरोवर पर मह ाआरती, सायं 6 बजे पुरुषोत्तमपुरा बाग ब्रह्मसरोवर पर सांस्कृतिक संध्या-आजादी का अमृत महोत्सव का आयोजन होगा।
09 से 14 दिसंबर तक गीता पुस्तक मेला एवं रंगोली प्रतियोगिता, धार्मिक, सांस्कृतिक, शैक्षणिक तथा सामाजिक संस्थाओं की प्रदर्शनियां, राज्य स्तरीय प्रदर्शनी-सूचना, जनसंपर्क एवं भाषा विभाग हरियाणा, विश्व गुरु भारत व 48 कोस कुरुक्षेत्र पर प्रदर्शनी, हरियाणा पवेलियन का आयोजन पुरुषोत्तमपुरा बाग में होगा। इसी तरह 10 दिसंबर को सभी जिलों के विद्यार्थियों के लिए ऑनलाइन गीता श्लोकोच्चारण एवं चित्रकला प्रतियोगिताएं, 13 दिसंबर को ऑनलाइन गीता संसद का उद्घाटन सत्र, 14 दिसंबर को प्रात: 11 बजे 55 हजार विद्यार्थियों द्वारा ऑनलाइन वैश्विक गीता पाठ व 48 कोस कुरुक्षेत्र भूमि के 75 तीर्थों पर दीपोत्सव का आयोजन होगा।
इस मौके पर इस मौके पर गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद, हरियाणा के खेल एवं युवा मामले राज्यमंत्री संदीप सिंह, सांसद नायब सिंह सैनी, विधायक सुभाष सुधा, मुख्यमंत्री के अतिरिक्त प्रधान सचिव एवं सूचना जनसंपर्क एवं भाषा विभाग के महानिदेशक डॉ. अमित अग्रवाल, महोत्सव के नोडल अधिकारी एवं केडीबी के सदस्य सचिव विजय दहिया, हरियाणा कला एवं सांस्कृतिक कार्य विभाग के प्रधान सचिव डी सुरेश, अंबाला मंडल की आयुक्त रेणु फुलिया, उपायुक्त मुकुल कुमार, निदेशक प्रतिमा चौधरी व केडीबी के मानद सचिव मदन मोहन छाबड़ा उपस्थित रहे।
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उन्होंने महोत्सव के साथ-साथ धर्मनगरी के महत्व पर भी प्रकाश डाला। धर्मनगरी को और विकसित करने के लिए उन्होंने तीन बड़ी घोषणाएं भी की, जिनमें 48 कोस कुरुक्षेत्र भूमि के 30 तीर्थों को कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड की सूची में शामिल किया जाना। इन तीर्थों को जोड़कर कुल तीर्थों की संख्या 134 से बढ़कर 164 हो जाएगी।
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वहीं उन्होंने गीता जयंती महोत्सव के लिए समिति गठित करने बात कही। इस समिति को आयोजन या स्वागत समिति भी कहा जा सकेगा। इस समिति के माध्यम से ही अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव का आयोजन किया जाएगा ताकि देश-विदेश में यह महोत्सव और अधिक ख्याति प्राप्त कर सके। इसके अलावा एक घोषणा कुरुक्षेत्र नगर के प्रमुख मार्गों पर स्वागत द्वार बनाए जाने की रही। यह स्वागत द्वारा धर्मनगरी में पहुंचने का अहसास कराएंगे।
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ब्रह्मसरोवर स्थित पुरुषोत्तमपुरा बाग में श्रीकृष्ण अर्जुन के विशाल रथ के सामने प्रेस वार्ता के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि धर्मनगरी कुरुक्षेत्र को भारतीय संस्कृति की क्रीड़ा स्थली होने का गौरव प्राप्त है। इसी भूमि में पावन सरस्वती नदी के तटों पर वेदों, उपनिषदों और पुराणों की रचना हुई। इसी भूमि को श्रीमद्भगवद गीता की जन्मस्थली होने का विशेष सौभाग्य प्राप्त हुआ।
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गीता उपदेश को पूरे हो जाएंगे 5159 वर्ष
कुरुक्षेत्र की युद्धभूमि में विषाद ग्रस्त अर्जुन को भगवान श्रीकृष्ण के मुखार्बिन ने श्रीमद्भगवद गीता का जो शाश्वत उपदेश दिया गया था, इस वर्ष इस उपदेश को दिए हुए 5159 वर्ष हो जाएंगे। उन्होंने कहा कि पवित्र ग्रंथ गीता के उपदेशों से विश्व के हर मानव को कर्म करने का संदेश मिल रहा है।
इन उपदेशों को जीवन में धारण करने से मानव का जीवन सफल हो जाएगा। इसलिए विश्व के हर मानव तक पवित्र ग्रंथ गीता के उपदेशों को पहुंचाने के लिए गीता स्थली कुरुक्षेत्र की पावन धरा पर अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव जैसे पर्वों का आयोजन किया जा रहा है। इस वर्ष महोत्सव का आयोजन 02 से 19 दिसंबर तक किया जाएगा और इस महोत्सव के मुख्य कार्यक्रम 09 से 14 दिसंबर तक चलेंगे।
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48 कोस के 75 तीर्थों पर होंगे सांस्कृतिक कार्यक्रम
इस महोत्सव में दीपोत्सव, 48 कोस के 75 तीर्थों पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन होगा। इस वर्ष अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव का थीम आजादी का अमृत महोत्सव रहेगा। महोत्सव के मुख्य कार्यक्रमों में 09 दिसंबर को सुबह 10 बजे पवित्र ग्रंथ गीता जन्मस्थली-ज्योतिसर में श्रीमद्भगवद गीता का संपूर्ण पाठ, प्रात: 11.15 बजे पुरुषोत्तमपुरा बाग ब्रह्मसरोवर पर गीता यज्ञ एवं गीता पूजन, दोपहर 12 बजे श्रीमद्भगवद गीता सदन कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में अंतरराष्ट्रीय गीता संगोष्ठी का उद्घाटन, सायं 5.30 बजे पुरुषोत्तमपुरा बाग ब्रह्मसरोवर पर मह ाआरती, सायं 6 बजे पुरुषोत्तमपुरा बाग ब्रह्मसरोवर पर सांस्कृतिक संध्या-आजादी का अमृत महोत्सव का आयोजन होगा।
09 से 14 दिसंबर तक गीता पुस्तक मेला एवं रंगोली प्रतियोगिता, धार्मिक, सांस्कृतिक, शैक्षणिक तथा सामाजिक संस्थाओं की प्रदर्शनियां, राज्य स्तरीय प्रदर्शनी-सूचना, जनसंपर्क एवं भाषा विभाग हरियाणा, विश्व गुरु भारत व 48 कोस कुरुक्षेत्र पर प्रदर्शनी, हरियाणा पवेलियन का आयोजन पुरुषोत्तमपुरा बाग में होगा। इसी तरह 10 दिसंबर को सभी जिलों के विद्यार्थियों के लिए ऑनलाइन गीता श्लोकोच्चारण एवं चित्रकला प्रतियोगिताएं, 13 दिसंबर को ऑनलाइन गीता संसद का उद्घाटन सत्र, 14 दिसंबर को प्रात: 11 बजे 55 हजार विद्यार्थियों द्वारा ऑनलाइन वैश्विक गीता पाठ व 48 कोस कुरुक्षेत्र भूमि के 75 तीर्थों पर दीपोत्सव का आयोजन होगा।
इस मौके पर इस मौके पर गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद, हरियाणा के खेल एवं युवा मामले राज्यमंत्री संदीप सिंह, सांसद नायब सिंह सैनी, विधायक सुभाष सुधा, मुख्यमंत्री के अतिरिक्त प्रधान सचिव एवं सूचना जनसंपर्क एवं भाषा विभाग के महानिदेशक डॉ. अमित अग्रवाल, महोत्सव के नोडल अधिकारी एवं केडीबी के सदस्य सचिव विजय दहिया, हरियाणा कला एवं सांस्कृतिक कार्य विभाग के प्रधान सचिव डी सुरेश, अंबाला मंडल की आयुक्त रेणु फुलिया, उपायुक्त मुकुल कुमार, निदेशक प्रतिमा चौधरी व केडीबी के मानद सचिव मदन मोहन छाबड़ा उपस्थित रहे।